साय कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, धान नहीं उगाने पर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ देगी सरकार
Raipur : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। इन निर्णयों का असर किसानों, निवेशकों, शहरी परिवहन, खनन कारोबार और प्रशासनिक व्यवस्था तक दिखाई देगा।
सरकार ने जहां निवेश और बुनियादी ढांचे पर फोकस बढ़ाया है, वहीं कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी बड़े फैसले लिए हैं। बैठक मे द सूत्र की खबर पर भी चर्चा हुई। बता दें कि द सूत्र ने एक दिन पहले ही इस बात का खुलासा कर दिया था कि अब योग का नया ठिकाना स्वास्थ्य विभाग होगा।
धान छोड़ो, 15 हजार पाओ
कृषि क्षेत्र में सरकार ने बड़ा प्रयोग करने का फैसला लिया है। खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप लागू किया जाएगा। अब जो किसान धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें लगाएंगे, उन्हें प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की सहायता मिलेगी।
सरकार का दावा है कि इससे फसल विविधीकरण बढ़ेगा, भूजल संरक्षण होगा और किसानों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। योजना का लाभ डिजिटल क्रॉप सर्वे और किसान पोर्टल के डेटा के आधार पर दिया जाएगा।
योग मेडिकल एजुकेशन के हवाले
बैठक का सबसे चर्चित प्रशासनिक फैसला योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने का रहा। सरकार का तर्क है कि योग आयुष प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है और राष्ट्रीय स्तर पर भी इससे जुड़े कार्यक्रम आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होते हैं।
ऐसे में योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव किया गया है। हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राशन की थाली से नहीं हटेगा चना
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चना वितरण को जारी रखने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चना खरीदने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही अप्रैल से जून 2026 तक लागू वर्तमान व्यवस्था को तीन माह और बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे पात्र परिवारों को चना वितरण बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।
बिजली कंपनी उतरेगी शेयर बाजार में
कैबिनेट का सबसे बड़ा और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के आईपीओ को लेकर रहा। सरकार ने कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
इसके बाद आम नागरिक और निवेशक भी कंपनी में हिस्सेदारी खरीद सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे कंपनी को पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी, वित्तीय मजबूती बढ़ेगी और कामकाज में पारदर्शिता आएगी। आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए संचालक मंडल को अधिकृत कर दिया गया है।
चार शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा के लिए स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता भी साफ हो गया है। कैबिनेट ने पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म के लिए आवश्यक डायरेक्ट डेबिट मैंडेट को मंजूरी दे दी है।
इससे केंद्र सरकार की योजना के तहत बसों की खरीद और संचालन प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे प्रदूषण कम होगा और नागरिकों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
नवा रायपुर को मिली जमीन खरीद में राहत
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण में सहूलियत देने के लिए सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि बढ़ा दी है। अब यह छूट 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी।
सरकार का मानना है कि इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और नवा रायपुर में आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। आने वाले वर्षों में इसका असर शहर के विस्तार और निवेश आकर्षित करने पर भी पड़ सकता है।
खनन कारोबार पर तकनीक की नजर
खनन क्षेत्र में सरकार ने निगरानी और नियंत्रण को और सख्त करने का फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ खनिज नियम 2009 में संशोधन करते हुए खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही खनिजों के ग्रेड और मात्रा निर्धारण के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।
विकास, निवेश और प्रशासनिक बदलाव का पैकेज
साय सरकार की इस कैबिनेट बैठक को विकास, निवेश और प्रशासनिक पुनर्गठन के मिश्रित पैकेज के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ सरकार राज्य की बिजली कंपनी को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है, तो दूसरी तरफ किसानों को नई फसलों की ओर मोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
योग विभाग के स्थानांतरण से लेकर इलेक्ट्रिक बसों और खनन निगरानी तक, सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिनका असर आने वाले समय में सीधे जनता और राज्य की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा।
FAQ
- धान न उगाने पर कितनी सहायता मिलेगी?
प्रति एकड़ 15,000 की आदान सहायता मिलेगी — उन किसानों को जो दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास उगाएंगे। - यह योजना कब से लागू होगी?
खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप में लागू होगी। - CSPTCL का IPO क्या है?
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी मिली है-आम नागरिक भी इसमें निवेश कर सकेंगे।
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