वेदांत हादसे पर तेज़ हुई सियासत, कांग्रेस का हमला, औद्योगिक लापरवाही नहीं यह लोगों की हत्या

Arun Tiwari | Apr 16, 2026, 19:12 IST
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सक्ती स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई औद्योगिक दुर्घटना को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार और उद्योग प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को हत्या बताते दोषी प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की हैं ।

Raipur : छत्तीसगढ़ में हुई सक्ती पावर प्लांट हादसादुर्घटना को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार और उद्योग प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की



अगुवाई में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल सक्ती स्थित वेदांता पावर प्लांट पहुंचा, जहां हाल ही में हुए हादसे के पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात की गई।



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कांग्रेस की जांच समिति का दौरा

कांग्रेस की जांच समिति के संयोजक जयसिंह अग्रवाल के साथ पूर्व मंत्री उमेश पटेल, नोबेल वर्मा, विधायक रामकुमार यादव सहित कई वरिष्ठ नेता इस दौरे में शामिल रहे। टीम ने दुर्घटना स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित मजदूरों की समस्याएं सुनीं।



यह हादसा नहीं हत्या

इस दौरान PCC चीफ दीपक बैज ने प्रदेश में लगातार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यह केवल हादसे नहीं बल्कि “मानव वध” के समान हैं।



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उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है और सरकार उद्योग प्रबंधन को बचाने में लगी रहती है।



बैज ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में औद्योगिक दुर्घटनाओं में लगभग 300 श्रमिकों की जान जा चुकी है, जो राज्य की औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।



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प्रबंधन पर हो आपराधिक मामला

उन्होंने मांग की कि इस घटना के लिए जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।



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साथ ही मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग रखी। बैज ने कहा कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी।



भगवान भरोसे व्यवस्था

वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य की औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को “भगवान भरोसे” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में मजदूरों की सुरक्षा पूरी तरह उपेक्षित हो गई है।



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महंत ने प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए कहा कि कई जगहों पर भट्टी बंद किए बिना ही जोखिम भरे काम कराए जा रहे हैं, सुरक्षा उपकरणों का अभाव है और बिना उचित अनुमति के काम कराना आम बात बन गई है।



सुरक्षा तंत्र की विफलता

उन्होंने कहा कि यह स्थिति सुरक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाती है और उद्योगों में व्याप्त अव्यवस्था का परिणाम है। महंत ने सरकार से मांग की कि पूरे प्रदेश में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और तय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।



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कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर पार्टी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है, लेकिन सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेने के बजाय नजरअंदाज कर रही है।



उन्होंने सरकार के रवैये को “शुतुरमुर्ग जैसा” बताते हुए आरोप लगाया कि वह वास्तविक समस्याओं से आंखें मूंदे हुए है। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया



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और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।



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