वेदांता प्लांट ब्लास्ट में अब तक 19 की मौत, मृतकों के परिवार को 35 लाख, घायलों को 15 लाख देगी कंपनी
छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जबकि 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
मुआवजे की घोषणाएं
हादसे के बाद वेदांता लिमिटेड प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रूपए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रूपए और घायलों को 50 हजार रूपए दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रूपए और घायलों को 50 हजार रूपए देने की घोषणा की है।
कैसे हुआ हादसा?
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में अचानक बॉयलर फट गया। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हर तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी। कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
अलग-अलग अस्पतालों में हुई मौतें
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य ने इलाज के दौरान अपनी जान गंवाई। चार मजदूरों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। इसके अलावा 5 ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में, 5 ने जिला अस्पताल रायगढ़ में और 2 मजदूरों ने कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।
वहीं, कई घायलों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। कुछ श्रमिक 90 से 100 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। चार गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
मृतकों की पहचान में मुश्किल
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा है। अब तक जिन मृतकों की पहचान हो पाई है, उनमें ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल (50 वर्ष) और उत्तर प्रदेश के बृजेश कुमार शामिल हैं। बाकी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
परिजनों का आक्रोश और लापता मजदूर
घटना के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि प्लांट प्रबंधन सही जानकारी नहीं दे रहा है और कई मजदूर अभी भी लापता हैं। कुछ परिजनों का कहना है कि उन्हें न तो अस्पतालों में जानकारी मिल रही है और न ही प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब दिया जा रहा है।
जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है ताकि घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार मिल सके। श्रम विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रूपए और घायलों को 50-50 लाख रूपए मुआवजा देने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे (Power Plant Blast) ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतना बड़ा ब्लास्ट यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
यह हादसा न केवल कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा को लेकर भी एक बड़ा चेतावनी संकेत बनकर सामने आया है।
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