वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट; हादसे का सच बताने का मौका, प्रशासन ने जनता से मांगे साक्ष्य और दस्तावेज
NEWS IN SHORT
- सिंघीतराई वेदांता हादसे की जांच तेज, 29 अप्रैल को होगी सुनवाई
- हादसे में 34 श्रमिक घायल, प्रशासन ने शुरू की उच्च स्तरीय जांच
- साक्ष्य देने का मौका, 29 अप्रैल को सुनवाई होगी
- प्रशासन ने जांच में आम नागरिकों से सहयोग की अपील की हैं
- वेदांता हादसे के असल कारणों का खुलासा करने के लिए जांच शुरू हो गई हैं
NEWS IN DETAIL
Sakti। vedanta power plant :सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक स्थित सिंघीतराई वेदांता पावर लिमिटेड प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया। बॉयलर यूनिट-1 में हुई तकनीकी
खराबी के कारण इस हादसे में 34 श्रमिक घायल हुए थे, जिनमें 25 लोगो की जान चली गई। यह घटना इलाके में भारी चिंता का कारण बन गई है, और प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।
आयुक्त ने की जांच के आदेश की पुष्टि
घटना की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर संभाग के आयुक्त ने एक जांच अधिकारी नियुक्त किया है, ताकि इस हादसे के असल कारणों का पता लगाया जा सके।
आयुक्त ने कहा है कि जांच पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सुनवाई का समय जनता से साक्ष्य आमंत्रित
29 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिलासपुर संभाग के आयुक्त कार्यालय में सुनवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जन और प्रत्यक्षदर्शियों से अपील की है
कि वे निर्धारित समय पर उपस्थित होकर घटना से जुड़ी जानकारी, साक्ष्य, या दस्तावेज प्रस्तुत करें। यह सुनवाई हादसे के असल कारणों और जिम्मेदारों के बारे में जानकारी देने का एक अवसर है, ताकि सच सामने आ सके और कार्रवाई की जा सके।
जनता का सहयोग अहम
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह जांच सिर्फ इस हादसे के कारणों को ही नहीं उजागर करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रक्रिया में आम जनता का सक्रिय सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके और श्रमिकों के परिवारों को न्याय मिल सके।