छत्तीसगढ़ रेत माफिया बेलगाम, 120 घाटों पर रोक के बाद भी उत्खनन जारी
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में 10 जून से रेत खनन पर रोक लग चुकी है। इसके बावजूद प्रदेश की अधिकांश नदियों में अवैध उत्खनन जारी है। माफिया सिंडिकेट बनाकर 120 रेत घाटों से रेत निकाल रहे हैं। कोरिया में भाजपा नेता की हत्या के बाद यह मामला गरमा गया है। सरकारी एजेंसियां इस अवैध कारोबार को रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं।
रेत का अवैध कारोबार
छत्तीसगढ़ में रेत का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य सरकार ने मानसून को देखते हुए रेत निकालने पर रोक लगा दी है। एनजीटी (National Green Tribunal) के नियमों के मुताबिक 10 जून से यह प्रतिबंध लागू है। इसके बाद भी प्रदेश की नदियों से दिन-रात रेत निकाली जा रही है।
हाल ही में कोरिया जिले में एक बड़ी वारदात हुई। यहां एक भाजपा (Bharatiya Janata Party) नेता की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। इस हत्या के तार अवैध रेत कारोबार से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। इस घटना के बाद से प्रदेश में रेत माफिया की गतिविधियां फिर सुर्खियों में आ गई हैं।
56 नदियों से अवैध उत्खनन
छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में रेत का काला खेल जारी है। प्रदेश की 56 छोटी-बड़ी नदियों से अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है। इनमें महानदी, शिवनाथ, इंद्रावती, बांकी, खारून, केलो, हसदेव और मांड जैसी प्रमुख नदियां शामिल हैं।
सरकार ने केवल 120 घाटों से रेत निकालने की अनुमति दी थी। लेकिन माफिया इससे कहीं ज्यादा जगहों पर खुदाई कर रहे हैं। इस अवैध कारोबार से सरकार को नाम मात्र का राजस्व मिल रहा है। विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 450 से अधिक रेत घाटों की पहचान की गई थी।
हसदेव नदी में अवैध रास्ते
जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी के भीतर माफिया ने मुरुम की सड़कें बना ली हैं। सरकारी रिकॉर्ड में नदी किनारे 33 रेत घाट दर्ज हैं। प्रशासन ने इनमें से सिर्फ 5 घाटों को ही मंजूरी दी थी। इसके बाद भी पीथमपुर, हनुमान धारा और बम्हनीडीह में अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है।
मांड और महान नदी का हाल
रायगढ़ जिले में कुल 31 रेत घाट हैं। कागजों में सिर्फ एक उसरौट रेत खदान ही वैध है। इसके उलट मांड नदी में 10 से ज्यादा अवैध घाट चल रहे हैं। वहीं सूरजपुर जिले की महान नदी में एक भी वैध घाट नहीं है। इसके बावजूद केरता और भैंसामुंडा के 50 एकड़ क्षेत्र से रेत निकाली जा रही है।
विभाग बोला- टीम अलर्ट पर है
खनिज संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी खदानें बंद करा दी गई हैं। जिला कलेक्टर और खनिज विभाग की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। राज्य स्तर पर सूचना मिलने पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। फ्लाइंग स्क्वायड की टीम भी सीधी कार्रवाई कर रही है।
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