सरगुजा में आकाशीय बिजली का कहर, दो बच्चों की मौत

Umeshwari Baghel | Jul 18, 2026, 15:12 IST
सरगुजा में आकाशीय बिजली का कहर
सरगुजा के लुंड्रा थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ। नागम बांसपारा गांव में पेड़ के नीचे खड़े चार बच्चे बिजली की चपेट में आ गए। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • सरगुजा में बिजली का कहर, पेड़ के नीचे खड़े 4 बच्चे चपेट में आए
  • बारिश से बचना पड़ा भारी, आकाशीय बिजली ने ली 2 बच्चों की जान
  • लुंड्रा में दर्दनाक हादसा, बिजली गिरने से दो मासूमों की मौत
  • पेड़ बना मौत का कारण, आकाशीय बिजली से दो बच्चों की मौत
  • सरगुजा में आसमानी आफत, दो बच्चों की मौत दो गंभीर घायल

Sarguja। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। लुंड्रा थाना क्षेत्र के नागम बांसपारा गांव में बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े चार बच्चे बिजली की चपेट में आ गए। हादसे में दो बच्चों की जान चली गई, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घायल दोनों बच्चों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।



खेलने निकले थे चारों बच्चे

जानकारी के मुताबिक, नागम गांव के संदीप नगेसिया (11), रोशन पनिका (12), प्रभु राम नगेसिया (12) और दिनेश नगेसिया (11) शुक्रवार शाम गांव में खेलने के लिए निकले थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई।



बारिश से बचने के लिए चारों बच्चे ग्राम पंचायत नागम के पास सड़क किनारे लगे एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। बच्चों को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में यही जगह उनके लिए जानलेवा साबित हो जाएगी।



तेज गर्जना के बाद पेड़ पर गिरी बिजली

बारिश के बीच अचानक तेज गर्जना हुई और आकाशीय बिजली सीधे उस पेड़ पर गिर गई, जिसके नीचे चारों बच्चे खड़े थे। बिजली की चपेट में आने से सभी बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए



हादसे में संदीप और रोशन की मौत हो गई। वहीं प्रभु राम और दिनेश गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।



घायल दोनों बच्चे सगे भाई

हादसे में घायल प्रभु राम और दिनेश आपस में सगे भाई बताए जा रहे हैं। दोनों को सबसे पहले धौरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं संदीप और रोशन को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।



ग्रामीणों ने सुनी बिजली गिरने की तेज आवाज

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, आकाशीय बिजली गिरने के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां चारों बच्चे अचेत और झुलसी हालत में मिले। ग्रामीणों की मदद से बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दो बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।



बच्चों के पास मोबाइल होने की भी चर्चा

ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय बच्चों के पास मोबाइल फोन भी मौजूद था। हालांकि, आकाशीय बिजली उसी स्थान पर क्यों गिरी, इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस और प्रशासन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं।



गरज-चमक के दौरान पेड़ के नीचे न लें शरण

मानसून के मौसम में गरज-चमक के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना बेहद खतरनाक हो सकता है। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और ऊंची जगहों से दूरी बनानी चाहिए।



बारिश के दौरान संभव हो तो किसी सुरक्षित पक्की इमारत या बंद वाहन के अंदर शरण लेनी चाहिए। मौसम खराब होने और बिजली चमकने की स्थिति में खुले स्थानों पर रुकने से बचना जरूरी है।



महत्वपूर्ण तथ्य

स्थान: नागम बांसपारा गांव, लुंड्रा थाना क्षेत्र, सरगुजा जिला, छत्तीसगढ़


घटना: पेड़ के नीचे खड़े चार बच्चे आकाशीय बिजली की चपेट में आए


हादसे में मौत: 2 बच्चों की मौके पर मौत


घायल: 2 बच्चे गंभीर रूप से झुलसे


मृतक: संदीप नगेसिया (11), रोशन पनिका (12)


घायल: प्रभु राम नगेसिया (12) और दिनेश नगेसिया (11)


इलाज: घायल बच्चों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया


घटना का कारण: बारिश से बचने के लिए बच्चे पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी बिजली गिरी


जांच: पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं


सावधानी: आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना खतरनाक हो सकता है।



निष्कर्ष

सरगुजा के नागम बांसपारा गांव की यह घटना मानसून के दौरान सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है। बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े होना चार बच्चों के लिए भारी पड़ गया और दो परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया। गरज-चमक के दौरान सही सुरक्षा उपाय अपनाकर आकाशीय बिजली से होने वाले हादसों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



यह खबरें भी पढ़े...

आकाशीय बिजली का तांडव: छत्तीसगढ़-बिहार में 7 मौतें, अगले 4 दिन 13 राज्यों पर भारी बारिश का खतरा



सरगुजा में 4 बॉक्साइट खदानों को पर्यावरण मंजूरी की तैयारी, पंचायतों से मांगी एनओसी



एमपी सहित कई राज्यों से मानसून के बादल गायब, पहाड़ों में भारी बारिश से मची तबाही



छत्तीसगढ़ पुलिस में नई जिम्मेदारियां: पांच अहम यूनिटों को मिला नया प्रभार



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • सरगुजा
  • मानसून
  • आकाशीय बिजली
  • अंबिकापुर