मचान विधि से बढ़ेगा सब्जियों का उत्पादन, 1 हजार दीदीयां कर रहीं तैयारी

Ravi Singh | Jul 11, 2024, 21:05 IST
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मचान विधि से किसानों को सब्जी की फसल लेने के लिए प्रेरित करने मिशन बिहान अंतर्गत जिला दंतेवाड़ा मे 1 हजार दीदियों की बाड़ी में मचान बनाने का कार्य किया जा रहा है।

मचान अधिकतर बाड़ियों में बनाया जाता है। लता या बेल वाली सब्जी को सहारा देने के लिए मचान विधि का उपयोग किया जाता है। गांव के अधिकतर घरों में जहां सब्जी उगाई जाती है वहां आपको मचान देखने को आसानी मिल जाएगा। गांव के किसान परिवार अपने सुविधा और मौसम के अनुसार अपनी बाड़ियों और खेतों में भिंडी, कुम्हड़ा, भटा, करेला, लौकी, विभिन्न प्रकार की सब्जी आदि लगाते हैं। मचान विधि से किसानो को सब्जी की फसल लेने के लिए प्रेरित करने मिशन बिहान अंतर्गत जिला दंतेवाड़ा मे 1 हजार दीदियों की बाड़ी में मचान बनाने का कार्य किया जा रहा है।



करेला लगाने के लिए नर्सरी बेड तैयार किया

इस कड़ी में दंतेवाड़ा जिला के ग्राम पंचायत कुपेर के स्व सहायता समूह की दीदी झुनकी यादव के मकान की 3.8 डिसमिल भूमि में मचान विधि से करेला लगाने के लिए नर्सरी बेड तैयार किया गया है। दंतेवाड़ा जिले के किसानों का रुझान सदैव जैविक कृषि की ओर रहा है



मिशन बिहान के तहत जैविक खेती को बढ़ावा

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक सब्जी एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के अंतर्गत 1 हजार दीदियों की बाड़ियों में मचान विधि से सब्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। जहां वे मचान विधि से सब्जियों का उत्पादन करके आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे। कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा अन्य दीदियों के घर के बाड़ियों में इसी विधि से सब्जी लगाने को प्रेरित किया जा रहा है।



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मचान विधि फायदेमंद

महिला किसानों के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत उन्हें जोड़ने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। बाड़ियों में उगने वाले करेला, तोरई, बरबट्टी, सेम की लताओं के लिए मचान विधि फायदेमंद रहती है। इसमें लताओं के फलने फूलने के लिए रस्सी और तार के माध्यम से मचान निर्मित किया जाता है। इसका सबसे बड़ा लाभ तो यह है कि पौधे में आने वाली सब्जी खराब नहीं होती है और उनकी गुणवत्ता भी अच्छी रहती है साथ ही इनकी फलने की अवधि में भी बढ़ जाती है।



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