एससीईआरटी का फैसला : छत्तीसगढ़ में अब बदलेगा तीन कक्षाओं का पाठ्यक्रम

Aishwarya Dwivedi | Jul 07, 2026, 11:44 IST
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छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं का सिलेबस बदला जा रहा है। एससीईआरटी द्वारा तैयार इस नए पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और इतिहास को विशेष स्थान मिलेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं का सिलेबस अब बदलेगा। यह काम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हो रहा है। एससीईआरटी ने इसके लिए तीन महीने का कार्यक्रम जारी किया है। नई किताबों में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और इतिहास भी शामिल होगा। पहले से कक्षा 1, 2, 3 और 6वीं की किताबें बदली जा चुकी हैं।



नया चरण हुआ शुरू

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा में एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं की किताबें अब बदली जाएंगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP – National Education Policy) 2020 के तहत की जा रही है।



पहले से कक्षा 1, 2, 3 और 6वीं की किताबें तैयार हो चुकी हैं। अब अगले चरण की तैयारी शुरू हो गई है। इसकी जिम्मेदारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT – State Council of Educational Research and Training) को दी गई है।



तीन महीने का कार्यक्रम

एससीईआरटी ने 7 जुलाई से 30 सितंबर तक का विस्तृत कार्यक्रम बनाया है। इसी दौरान सभी किताबें पूरी तरह तैयार हो जाएंगी। इसके लिए विषयवार कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।



एससीईआरटी संचालक रितुराज रघुवंशी ने इसका टाइम-टेबल तैयार करवाया है। सितंबर के अंत तक किताबों का अंतिम मसौदा शिक्षा स्थायी समिति के सामने रखा जाएगा। इसके बाद ही आगे की मंजूरी मिलेगी।



9 चरणों में बनेगा कोर्स

किताबें तैयार करने का काम कुल 9 चरणों में पूरा होगा। सबसे पहले पाठ्यक्रम की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद विषय सामग्री का चयन होगा। इसके बाद अध्याय लेखन, अभ्यास प्रश्न और ग्राफिक डिजाइन का काम होगा। अंत में प्रूफ रीडिंग, ले-आउट और अंतिम संशोधन किया जाएगा। हर चरण को समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।



छत्तीसगढ़ी संस्कृति को जगह

नई किताबें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT – National Council of Educational Research and Training) के पाठ्यक्रम पर आधारित होंगी। लेकिन इनमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति भी शामिल की जाएगी।



इसमें राज्य का भूगोल, लोकजीवन और जनजातीय इतिहास शामिल होगा। स्थानीय महापुरुषों की जानकारी भी किताबों में जोड़ी जाएगी। छत्तीसगढ़ी तीज-त्योहार और पर्यटन स्थलों को भी जगह मिलेगी।



पहले हुआ था विरोध

इससे पहले छत्तीसगढ़ से जुड़े पाठ हटाए जाने पर विरोध हुआ था। इसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बैठक बुलाई थी। उन्होंने एससीईआरटी को सकारात्मक पहल करने के निर्देश दिए थे।



मंत्री ने साफ कहा था कि छत्तीसगढ़ी रीति-रिवाज और संस्कृति को कोर्स में शामिल किया जाए। धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी जोड़ने के निर्देश दिए गए थे। अब उसी निर्देश पर काम शुरू हो गया है।



किन विषयों पर होगा फोकस

कक्षा 5वीं और 8वीं के सभी विषयों की किताबें नए सिरे से बनेंगी। वहीं कक्षा 7वीं में गणित और योग शिक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा। इससे पहले राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा (SCF – State Curriculum Framework) भी तैयार की गई थी। इसी के आधार पर आगे की किताबें बनाई जा रही हैं। कक्षा 1, 2, 3 और 6वीं की कुल 23 पाठ्यपुस्तकें हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में तैयार हो चुकी हैं। इन्हें शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू करने की मंजूरी मिल चुकी है।



आगे की राह

एससीईआरटी का लक्ष्य है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और स्थानीय परिवेश से जुड़ी शिक्षा मिले। इसके लिए सेवानिवृत्त प्राचार्यों और विषय विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। किताबों की भाषा सरल रखने पर खास जोर दिया जा रहा है। सितंबर के अंत तक अंतिम मसौदा तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद अगले शैक्षणिक सत्र में इन्हें लागू करने पर फैसला लिया जाएगा।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में किन कक्षाओं का सिलेबस बदलेगा?
    उत्तर: कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं की किताबें और पाठ्यक्रम बदले जाएंगे। यह काम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हो रहा है। एससीईआरटी इसकी जिम्मेदारी संभाल रहा है।
  2. छत्तीसगढ़ में नई किताबें कब तक तैयार होंगी?
    उत्तर: नई किताबें 7 जुलाई से 30 सितंबर के बीच तैयार होंगी। यह काम कुल 9 चरणों में पूरा किया जाएगा। सितंबर के अंत में अंतिम मसौदा पेश होगा।
  3. छत्तीसगढ़ में नई किताबों में क्या खास होगा?
    उत्तर: किताबों में एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति भी शामिल होगी। इसमें भूगोल, लोकजीवन और जनजातीय इतिहास जोड़ा जाएगा। स्थानीय महापुरुषों की जानकारी भी दी जाएगी।

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