शिक्षा विभाग ने खरीदीं बार काउंटर चेयर,कांग्रेस बोली सरकार स्कूलों को बना रही पब

Arun Tiwari | Jun 17, 2026, 16:25 IST
शिक्षा विभाग ने खरीदीं बार काउंटर चेयर 2026
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई एक खरीद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बालोद जिला शिक्षा कार्यालय ने GeM पोर्टल के माध्यम से 160 रिवॉल्विंग काउंटर चेयर खरीदी हैं, जिन्हें उत्पाद श्रेणी में 'बार/पब काउंटर चेयर' बताया गया है।

Raipur. छत्तीसगढ़ का स्कूल शिक्षा विभाग इन दिनों बहुत चर्चा में है। कभी युक्तियुक्तकरण, कभी अटैचमेंट तो कभी थोकबंद तबादले। अब इस विभाग की चर्चा का नया मुद्दा सामने आ गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने बार या पब के काउंटर पर इस्तेमाल की जाने वाली चेयर खरीदी हैं। खरीदी के टेंडर में बाकायदा लिखा है कि बार या पब के काउंटर की चेयर। हालांकि ये खरीदी दिसंबर 2024 की है, लेकिन सामने अब आई है।



अब सवाल उठता है कि इस तरह की चेयर का आखिर क्या उपयोग होगा क्योंकि ये कुर्सी उंची होती है जिस पर न अधिकारी बैठ सकते हैं न शिक्षक। वैसे भी जैम से सरकारी खरीदी हमेशा से विवादों में रही है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा है कि सरकार अब स्कूलों को पब बना रही है।



स्कूल शिक्षा विभाग ने खरीदी बार काउंटर की कुर्सियां :

सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और संसाधनों के अभाव के बीच स्कूल शिक्षा विभाग की एक खरीद ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने सरकारी जैम के माध्यम से बार और पब में इस्तेमाल होने वाली काउंटर चेयर की खरीद की है। दस्तावेजों के अनुसार बालोद जिला शिक्षा कार्यालय ने 3 लाख 20 हजार रुपए खर्च कर 160 रिवॉल्विंग काउंटर चेयर खरीदी हैं जो बार या पब में इस्तेमाल होती हैं।



GeM पोर्टल (gem portal) पर जारी अनुबंध के मुताबिक यह खरीद 30 दिसंबर 2024 को की गई थी। खरीदी गई कुर्सियों को उत्पाद श्रेणी में स्पष्ट रूप से Counter Chair (Bar/Pub) बताया गया है। विभाग ने 160 कुर्सियां प्रति कुर्सी 2000 रुपए की दर से खरीदीं हैं जिसकी कुल लागत 3 लाख 20 लाख रुपए है।



जैम में बार-पब कैटेगरी का उल्लेख :

खरीदी गई कुर्सियों का मॉडल REVOLVING Counter Chair है। उत्पाद विवरण में इसे Counter Chair (Bar/Pub) श्रेणी का बताया गया है। कुर्सी रिवॉल्विंग है, हाइड्रोलिक हाइट एडजस्टमेंट की सुविधा है और इसे बार या काउंटर उपयोग के अनुरूप डिजाइन किया गया है। दस्तावेज के अनुसार कुर्सी का रंग लाल है तथा इसमें पहिए भी नहीं हैं।





बार चेयर की जरूरत पर सवाल :

स्कूल शिक्षा विभाग की इस खरीद को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकारी स्कूलों और जिला शिक्षा कार्यालयों में बार या पब श्रेणी की काउंटर चेयर की आवश्यकता क्यों पड़ी। आमतौर पर स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए साधारण कुर्सियां, बेंच-डेस्क या कार्यालयीन फर्नीचर खरीदा जाता है।



ऐसे में बार-पब श्रेणी की कुर्सियों की खरीद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि यदि इन कुर्सियों का उपयोग किसी विशेष प्रयोगशाला, काउंटर या तकनीकी कार्य के लिए किया जाना था, तो विभाग को उसके लिए अलग से स्पष्ट विवरण देना चाहिए था। फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों में ऐसी किसी विशेष आवश्यकता का उल्लेख नहीं है।



दस्तावेज के अनुसार इस खरीद की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद स्तर से दी गई थी। खरीदी की प्रक्रिया जैम पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई और आपूर्ति का जिम्मा एक निजी विक्रेता को सौंपा गया।



कांग्रेस ने उठाए सवाल :

शिक्षा विभाग की इस खरीद पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला कहते हैं कि प्रदेश में पहले से ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवनों और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इनको दूर करने की बजाय सरकार बार-पब श्रेणी की कुर्सियों की खरीद कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया है कि सरकार स्कूलों को क्या पब बनाना चाहती है। सरकारी खरीदी सिर्फ भ्रष्टाचार करने के लिए की जा रही है।



निष्कर्ष :

हालांकि यह भी संभव है कि जैम पोर्टल पर उत्पाद की तकनीकी श्रेणी बार/पब काउंटर चेयर होने के बावजूद विभाग ने इन्हें किसी कार्यालयीन या अन्य उपयोग के लिए खरीदा हो। लेकिन जब तक विभाग इस खरीद का उद्देश्य स्पष्ट नहीं करता तब तक यह मामला चर्चा और सवालों के घेरे में बना रहेगा।



दस्तावेजों के अनुसार फिलहाल इतना स्पष्ट है कि स्कूल शिक्षा विभाग के तहत बालोद जिला शिक्षा कार्यालय ने 160 रिवॉल्विंग काउंटर चेयर खरीदीं, जिन्हें जैम पोर्टल पर काउंटर चेयर (बार/पब) श्रेणी में दर्ज किया गया है और इस खरीद पर 3 लाख 20 हजार रुपए खर्च किए गए।





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