टॉयलेट से लेकर मैदान तक झांकेंगे प्रिंसिपल, बच्चों की सुरक्षा पर नया आदेश
अब स्कूल की छुट्टी की घंटी बजते ही गुरुजी की छुट्टी नहीं होगी। पहले बच्चों को विदा करेंगे। फिर पूरा स्कूल छान मारेंगे। क्लासरूम देखेंगे। टॉयलेट देखेंगे। लैब देखेंगे। मैदान भी देखेंगे। उसके बाद ही ताला लगेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्र सुरक्षा को लेकर नया आदेश जारी किया है। मकसद साफ है। कोई बच्चा गलती से स्कूल के भीतर न छूट जाए और कोई हादसा न हो।
प्रिंसिपल की नई ड्यूटी, हर कोना देखना होगा
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संयुक्त संचालकों को निर्देश भेज दिए हैं। अब हर दिन स्कूल बंद होने से पहले संस्था प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि परिसर का कोई भी हिस्सा बिना जांच के न रह जाए।
कक्षा, शौचालय, प्रयोगशाला और खेल मैदान... सबकी जांच होगी। यानी अब प्रिंसिपल सिर्फ दफ्तर नहीं संभालेंगे, बल्कि पूरे परिसर की सुरक्षा की अंतिम जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।
गुरुजी की हरी झंडी पर लगेगा ताला
आदेश में एक और नई व्यवस्था की गई है। हर स्कूल में रोजाना एक नोडल शिक्षक या कर्मचारी की ड्यूटी लगेगी। यह ड्यूटी रोटेशन से बदलेगी। इस शिक्षक की जिम्मेदारी होगी कि छुट्टी के बाद पूरा परिसर घूमकर देखे। यह सुनिश्चित करें कि कोई बच्चा अंदर नहीं है। इसके बाद ही स्कूल में ताला लगाया जाएगा। अगर चूक हुई तो जवाबदेही भी तय होगी।
गेट पर भी अब होगी गुरुजी की पहरेदारी
स्कूल शिक्षा विभाग ने छुट्टी के समय मुख्य गेट पर शिक्षकों की मौजूदगी भी अनिवार्य कर दी है। अक्सर छुट्टी के समय गेट पर भीड़ लग जाती है। बच्चे दौड़ते हुए बाहर निकलते हैं। हादसे का खतरा रहता है। अब शिक्षक खुद गेट पर खड़े रहेंगे। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालेंगे। अभिभावकों और वाहनों की भीड़ भी संभालेंगे।
बारिश का मौसम... इसलिए बढ़ी सख्ती
मानसून को देखते हुए विभाग ने अलग से सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। स्कूल परिसर में यदि कोई खुला गड्ढा या बोरवेल है तो उसे तुरंत बंद कराया जाएगा। बिजली के तार खुले नहीं रहने चाहिए। गीली दीवारों और खराब वायरिंग से करंट फैलने का खतरा रहता है। इसलिए सभी बिजली कनेक्शन जांचकर दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं।
हाल की घटनाओं के बाद जागा विभाग
पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से बच्चों के स्कूल में छूट जाने, टॉयलेट में बंद होने और परिसर में हादसों की खबरें सामने आई थीं। इन घटनाओं के बाद छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
विभाग का मानना है कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है। इसलिए अब सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं दी जाएगी। इस नए आदेश के बाद स्कूलों में सिर्फ पढ़ाई नहीं, सुरक्षा व्यवस्था का भी रोजाना टेस्ट होगा। प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक और कर्मचारी तक सभी की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
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