छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में 5 नए प्रोफेशनल कोर्स होंगे शुरू

Umeshwari Baghel | Jun 11, 2026, 22:15 IST
अब स्कूलों में होगी आधुनिक पढ़ाई
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए पांच नए प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे। इनमें एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नोलॉजी, ई-व्हीकल रिपेयरिंग और डेटा ऑटोमेशन शामिल हैं।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शुरू होंगे AI, ड्रोन और सोलर प्रोफेशनल कोर्स
  • कक्षा 12वीं में पांच नए आधुनिक तकनीकी विषय शामिल किए जाएंगे
  • 200 स्कूलों में नए कोर्स के साथ कुल प्रोफेशनल ट्रेड बढ़कर 20 होंगे
  • ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ
  • नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा को रोजगारपरक और स्किल-आधारित बनाया जा रहा है

NEWS IN DETAIL

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल शिक्षा को तकनीकी और रोजगारपरक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आगामी सत्र से राज्य के स्कूलों में कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए 5 नए प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सोलर टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ई-व्हीकल रिपेयरिंग और डेटा ऑटोमेशन जैसे आधुनिक विषय शामिल होंगे।



प्रस्तावित कोर्स और उद्देश्य

सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, इन नए कोर्स का उद्देश्य छात्रों को प्रैक्टिकल स्किल और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। ड्रोन टेक्नोलॉजी में ड्रोन संचालन, निगरानी और मैपिंग की शिक्षा दी जाएगी। एआई कोर्स में मशीन लर्निंग, बेसिक डेटा एनालिटिक्स और रोबोटिक्स से जुड़ी स्किल्स शामिल होंगी।



सोलर टेक्नोलॉजी कोर्स के माध्यम से छात्रों को सोलर पैनल इंस्टॉलेशन और मेन्टेनेंस की जानकारी दी जाएगी। ई-व्हीकल रिपेयरिंग कोर्स इलेक्ट्रिक वाहनों के सर्विस और मरम्मत पर केंद्रित होगा। वहीं, डेटा ऑटोमेशन कोर्स में छात्रों को ऑफिस और उद्योगों में डेटा मैनेजमेंट की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी।



स्कूलों में प्रोफेशनल कोर्स का विस्तार

वर्तमान में राज्य में लगभग 1250 स्कूलों में 15 ट्रेड के प्रोफेशनल कोर्स संचालित हैं। नए 5 कोर्स शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 20 ट्रेड और 1450 स्कूलों तक पहुंच जाएगी। इस विस्तार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी छात्रों दोनों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के अवसर प्रदान करना है।



नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत शिक्षा प्रणाली को व्यावहारिक और स्किल-आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस नीति के अनुरूप स्कूल शिक्षा में प्रोफेशनल कोर्स का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसका मकसद छात्रों को सिर्फ शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखना, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और आधुनिक उद्योगों में करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।



ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों के लिए लाभ

इस पहल का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को मिलेगा। अब तकनीकी शिक्षा के लिए उन्हें बड़े शहरों या निजी संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्कूल स्तर पर ही AI, ड्रोन और सोलर टेक्नोलॉजी जैसी स्किल्स सीखने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों के लिए स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के विकल्प खुलेंगे।



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प्रोफेशनल कोर्स का इतिहास

छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की शुरुआत सत्र 2014-15 में हुई थी। उस समय केवल 10 ट्रेड शुरू किए गए थे। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़कर वर्तमान में 15 ट्रेड तक पहुंच गई है। इन ट्रेडों में अपैरल्स, ऑटोमोटिव, बैंकिंग फाइनेंस, ब्यूटी एंड वेलनेस, कंस्ट्रक्शन, हेल्थ केयर, आईटी, प्लंबिंग, पॉवर, रिटेल, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, टेलीकॉम, एग्रीकल्चर और मीडिया एंड एंटरटेनमेंट शामिल हैं। नए 5 कोर्स के जुड़ने के बाद ये संख्या और बढ़ जाएगी।



छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

शिक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल छत्तीसगढ़ को भविष्य की तकनीकी शिक्षा में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर सकती है। छात्रों का कहना है कि स्कूल में आधुनिक स्किल्स सीखने से उन्हें करियर के नए विकल्प और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।



IMP FACTS

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में 5 नए प्रोफेशनल कोर्स शुरू होंगे।



नए कोर्स: AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नोलॉजी, ई-व्हीकल रिपेयरिंग, डेटा ऑटोमेशन।



अब कुल 20 ट्रेड और 1450 स्कूलों में प्रोफेशनल शिक्षा उपलब्ध होगी।



छात्रों को स्वरोजगार और करियर के अवसर मिलेंगे।



यह पहल NEP के तहत स्किल-आधारित और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देगी।



ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।



स्कूल स्तर पर छात्रों को AI, ड्रोन और सोलर जैसी आधुनिक स्किल्स सीखने का अवसर मिलेगा।



निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल छात्रों के लिए शिक्षा को व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाएगी, बल्कि राज्य में तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र के छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। आने वाले वर्षों में यह कदम प्रदेश को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी कौशल के क्षेत्र में एक मजबूत राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ के स्कूलों में कौन से नए प्रोफेशनल कोर्स शुरू होंगे?
    कक्षा 12वीं के लिए नए कोर्स हैं AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नोलॉजी, ई-व्हीकल रिपेयरिंग और डेटा ऑटोमेशन।
  2. नए कोर्स शुरू होने के बाद स्कूलों में कुल ट्रेड और स्कूलों की संख्या कितनी होगी?
    नए कोर्स के बाद कुल 20 ट्रेड और लगभग 1450 स्कूलों में प्रोफेशनल शिक्षा उपलब्ध होगी।
  3. इन नए कोर्स से छात्रों को क्या लाभ मिलेगा?
    छात्रों को स्वरोजगार और करियर के अवसर मिलेंगे, साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ प्राप्त होगा।

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