राष्ट्रीय शिक्षा नीति: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दो साल में शुरू ही नहीं हुए डिग्री, डिप्लोमा कोर्स

मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एविएशन पाठ्यक्रम शुरू करने का वादा किया गया था। सरकार ने इसे बिना उचित संसाधनों और बजट के लागू किया।

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Sanjay Sharma
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BHOPAL. केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मध्य प्रदेश में फजीहत हो रही है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने जिस नीति को परिवर्तनकारी बताया था। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों ने उसका उद्देश्य बदल दिया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रदेश में एविएशन पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की गई थी। यह योजना पांच विश्वविद्यालयों और 10 कॉलेजों में लागू होनी थी। लेकिन यह घोषणा सरकारी फाइलों और पत्राचार से बाहर नहीं आई है।

इसके लिए सरकार ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को न बजट दिया, न एक्सपर्ट, और न ही संसाधन। नतीजा, बीते दो सत्रों में कुछ संस्थानों में एडमिशन नहीं हुआ। कुछ कॉलेजों के एविएशन पाठ्यक्रम के प्रस्ताव फाइलों में दबे हैं। पीएम मोदी के विजन के नाम पर मध्य प्रदेश सरकार इस प्रोजेक्ट को भूल चुकी है।

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एविएशन में रोजगार का दिखाया सपना

एविएशन यानी हवाई क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने छात्रों को रोजगार के सब्जबाग दिखाए थे। दो साल पहले सरकार ने प्रदेश के पांच प्रमुख सरकारी विश्वविद्यालय और दस कॉलेजों में एविएशन पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की थी। 

इस दौरान पीएम मोदी के फोटो के साथ इस प्रोजेक्ट का खूब प्रचार-प्रसार किया गया। सरकार का दावा था कि देश में 487 एयरपोर्ट और एयर स्ट्रिप हैं। इनमें से पांच एयरपोर्ट और 26 एयर स्ट्रिप मध्य प्रदेश में हैं। एविएशन की डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट के सहारे छात्र आने वाले दिनों में रोजगार हासिल कर पाएंगे। 

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कोर्स का 70 फीसदी खर्च करेगी सरकार

मध्य प्रदेश सरकार ने एविएशन क्षेत्र में तकनीकी अध्ययन के लिए बीटेक छात्रों को एयरोस्पेस और एविएशन पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया। ग्राउंड स्टाफ और कस्टमर सर्विस के लिए बीबीए, बीएससी में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए गए। इन कोर्स का 70 फीसदी खर्च राज्य विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन द्वारा उठाया जाएगा, जबकि 30 फीसदी राशि छात्र देंगे।

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पांच यूनिवर्सिटी- 10 कॉलेजों का चयन

 एविएशन क्षेत्र में तकनीकी अध्ययन के लिए सरकार ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर का चयन किया गया है। 

वहीं 10 प्रमुख कॉलेजों में हमीदिया कॉलेज भोपाल, अटल बिहारी वाजपेयी आर्ट एंड कॉमस कॉलेज इंदौर, महाकौशल कॉलेज जबलपुर, श्यामलाल पांडवीय पीजी कॉलेज मुरार, आदर्श विज्ञान कॉलेज रीवा, गवर्मेंट  कॉलेज नौगांव, माधव कला एवं वाणिज्य कॉलेज उज्जैन, जवाहरलाल नेहर पीजी कॉलेज शुजालपुर, शासकीय कॉलेज मकरोनिया बुजुर्ग सागर और शासकीय ऑटोनोमस कॉलेज छिंदवाड़ा शामिल हैं। 

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संसाधन न एक्सपर्ट कैसे चलेंगे कोर्स

'द सूत्र' ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट और मध्यप्रदेश सरकार की घोषणा की। इसकी पड़ताल की तो कई अहम जानकारियां सामने आईं। सरकार की घोषणा के बाद, उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को इन कोर्स के संचालन के लिए केवल पत्र जारी किए हैं। उन्हें न तो कोई बजट दिया गया और नहीं शिक्षक और संसाधनों की स्वीकृति दी गई। 

इस वजह से कॉलेज और विश्वविद्यालयों ने भी इसमें रुचि दिखाना जरूरी नहीं समझा। कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन दो साल से एविएशन पाठ्यक्रम के तहत डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट को लेकर विभाग से पत्राचार कर रहे हैं। एक भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में एविएशन से संबंधित तकनीकी कोर्स चलाने की पात्रता नहीं है। इसके कारण छात्र इन संस्थानों में प्रशिक्षण या डिग्री, डिप्लोमा लेने में रुचि नहीं दिखा रहे।

तैयारी नहीं फिर कैसे लें एडमिशन

छात्रों का कहना है कि सरकार ने वाहवाही के लिए एविएशन पाठ्यक्रम शुरू किया। इसके लिए आवश्यक व्यवस्था नहीं दी गई। उच्च शिक्षा विभाग ने भी इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। बिना संसाधन और एक्सपर्ट के छात्र कैसे एडमिशन ले सकते हैं? छात्र रोजगार से जुड़ना चाहते हैं, लेकिन संस्थाओं की व्यवस्थाओं से डरते हैं। जब संसाधन और एक्सपर्ट होंगे, तब छात्र एडमिशन लेंगे।

एडमिशन के लिए छात्र ही नहीं

वहीं इस मामले को लेकर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.सुरेश कुमार जैन ने बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अभी कोर्स में एडमिशन ही नहीं हुए तो प्रोफेसरों को रखकर वेतन कैसे दे दें। पहले बिल्डिंग खड़ी कर देंगे तब छात्र आएंगे ऐसा कहां होता है। एविएशन कोर्स सेल्फ फाइनिंग है और बहुत खर्च वाला है। अभी नियमित भर्ती नहीं कर सकते क्योंकि इसके लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, तो जो उपलब्ध है उसी से काम चलाएंगे। अभी तो विश्वविद्यालय में इस कोर्स के लिए छात्र ही नहीं हैं।

इन विश्वविद्यालयों में शुरू होने हैं कोर्स 

1. बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, जीवाजी विश्वविद्यालय, विक्रम विश्वविद्यालय, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 4 वर्षीय बीएससी एविएशन डिग्री
2. Barkatullah University और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में 4 वर्षीय बीबीए एविएशन मैनेजमेंट डिग्री
3. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में एविएशन सिक्योरिटी, एयरपोर्ट ऑपरेशन्स (डिप्लोमा)

4. बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, जीवाजी विश्वविद्यालय, विक्रम विश्वविद्यालय और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के अलावा हमीदिया कॉलेज भोपाल, अटलबिहारी वाजपेयी कॉलेज इंदौर, महाकौशल कॉलेज जबलपुर, पांडवीय कॉलेज मुरार, आदर्श साइंस कॉलेज रीवा, गवर्मेंट कॉलेज नौगांव छतरपुर, माधव आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज उज्जैन, जवाहरलाल नेहर पीजी कॉलेज शुजालपुर्र गवर्मेँट कॉलेज मकरोनिया सागर और ऑटोनोमस कॉलेज छिंदवाड़ा में  सर्टिफिकेट कोर्स एयरपोर्ट वेयरहाउस कोऑर्डीनेटर, एयरपोर्ट सेफ्टी क्रू, एयरलाइन्स फ्लाइट लोड कोऑर्डीनेटर, फ्लाइट डिस्पेचर, एयरलाइन रिजर्वेशन एजेंट और एयरलाइन कस्टमर सर्विस एक्जीक्युटिव सर्टिफिकेट कोर्स

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