भूपेश सरकार ने रामराज कल्पना में उड़ाए 129 करोड़,बिना प्लानिंग बन गया सेवाग्राम

Arun Tiwari | Jul 16, 2026, 14:32 IST
भूपेश सरकार के सेवाग्राम प्रोजेक्ट पर खड़े हुए बड़े सवाल
नवा रायपुर में भूपेश सरकार की सेवाग्राम परियोजना पर सवाल उठे हैं। 129 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी संचालन के लिए कोई सेटअप स्वीकृत नहीं है। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर के सवाल पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे लोकधन की बर्बादी बताया।

Raipur : नवा रायपुर में भूपेश सरकार के सेवा ग्राम पर सवाल उठ गए हैं। पिछली सरकार में इसके लिए 129 करोड़ रुपए खर्च भी कर दिए गए। लेकिन हैरानी की बात ये है कि बिना की ठोस प्लानिंग के यह काम शुरु कर दिया गया और पैसा भी खर्च हो गया। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने विधानसभा में यह सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वहां पर न तो इंटरनेशनल स्कूल बना पाया और न ही प्लेग्राउंड।



चंद्राकर ने पूछा कि क्या यह आम आदमी के पैसे की बर्बादी नहीं है। एक आदमी की स्वेच्छा के लिए पैसे बर्बाद कर दिए गए। क्या यह बिजनेस रूल और बजट नियमों के खिलाफ नहीं है। इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ठोस प्लानिंग के बिना पैसे खर्च करना लोकधन की बर्बादी है। अब यह सरकार इस काम को पूरा करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस बारे में कोई ठोस कार्ययोजना नहीं मिली और न ही कोई सेटअप मिला।



भूपेश के सेवाग्राम पर सवाल

नया रायपुर में सेवाग्राम बनाने का फैसला 10 मार्च 2022 को तत्कालीन भूपेश सरकार ने लिया था। इस परियोजना का मकसद महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े मूल्यों, सिद्धांतों और आदर्शों को संरक्षित करना, आत्मनिर्भर ग्राम और गांधी के राम राज्य की अवधारणा को साकार करना और नई पीढ़ी को गांधीवादी विचारों से जोड़ना है। इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कारीगरों को प्रशिक्षण देने की भी योजना थी।



परियोजना के तहत बायोडायवर्सिटी पार्क, इकोलॉजिकल पॉन्ड, विजिटर सेंटर, प्रेयर हॉल, म्यूजियम, एक्जीबिशन हॉल, लाइब्रेरी, स्थानीय हस्तशिल्प की दुकानें, एम्फीथिएटर, सेवाग्राम आवासीय क्षेत्र, प्रशिक्षुओं और कलाकारों के आवास, कॉमन किचन, चिकित्सालय, क्लासरूम, वर्कशॉप तथा फ्रीडम वॉक जैसी विभिन्न सुविधाएं दी जानी थी।



इसके लिए तीन साल में 129 करोड़ रुपए भी मंजूर किए गए। लेकिन सवाल यह है कि यह सब बातें सिर्फ हवा में रहीं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि उनको पुरानी फाइल में इस संबंध में कोई कंक्रीट योजना नहीं मिली। यानी बातों ही बातों में 129 करोड़ रुपए उड़ा दिए गए। मंत्री ने कहा कि यह लोकधन की बर्बादी है।



एक नजर में पूरी योजना

नया रायपुर सेवाग्राम परियोजना


फैसला - नया रायपुर में सेवाग्राम बनाने का फैसला 10 मार्च 2022 को लिया गया।



मकसद

महात्मा गांधी के विचारों और आत्मनिर्भर ग्राम की अवधारणा को बढ़ावा देना।


आजादी के आंदोलन के मूल्यों से नई पीढ़ी को परिचित कराना।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।


कारीगरों को प्रशिक्षण देना।



परियोजना में प्रस्तावित सुविधाएं

बायोडायवर्सिटी पार्क


इकोलॉजिकल पॉन्ड


विजिटर सेंटर व प्रेयर हॉल


म्यूजियम/एक्जीबिशन हॉल


लाइब्रेरी


स्थानीय क्राफ्ट की दुकानें


एम्फीथिएटर


आवासीय क्षेत्र


कलाकारों एवं प्रशिक्षुओं के आवास


कॉमन किचन


चिकित्सालय


क्लासरूम एवं वर्कशॉप


फ्रीडम वॉक



बजट प्रावधान

2022-23:8 करोड़


2023-24: 60 करोड़


2024-25: 61 करोड़



खर्च

मल्टीपर्पज डाइनिंग हॉल, सामुदायिक किचन और प्रसाधन कक्ष पर 3.72 करोड़ खर्च।


अन्य निर्माण कार्यों पर 104.05 करोड़ खर्च।



संचालन

सेवाग्राम के संचालन के लिए अभी सेटअप स्वीकृत नहीं किया गया है।



निष्कर्ष

सेवाग्राम के संचालन के लिए अब तक कोई सेटअप स्वीकृत नहीं किया गया है। यानी भवन और अन्य संरचनाएं तैयार होने के बावजूद उनके संचालन की व्यवस्था अभी तक तय नहीं हो सकी है। सरकार ने सेवाग्राम के निर्माण पर बड़ी राशि खर्च कर दी है, लेकिन इसके संचालन और प्रबंधन को लेकर अभी निर्णय लंबित है।



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FAQ

  1. नवा रायपुर सेवाग्राम परियोजना कब शुरू हुई थी?
    नवा रायपुर में सेवाग्राम बनाने का फैसला तत्कालीन भूपेश सरकार ने 10 मार्च 2022 को लिया था। इसका उद्देश्य गांधीवादी विचारों, आत्मनिर्भर ग्राम और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना था।
  2. सेवाग्राम परियोजना पर कितना पैसा खर्च हुआ है?
    परियोजना के लिए 129 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। इसमें करीब 107.77 करोड़ रुपए निर्माण कार्यों पर खर्च होने की जानकारी दी गई है।
  3. सेवाग्राम परियोजना पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
    बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि बिना ठोस प्लानिंग के करोड़ों रुपए खर्च किए गए। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पुरानी फाइलों में संचालन की ठोस कार्ययोजना और सेटअप नहीं मिला है।




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