छत्तीसगढ़ सरकार सख्त : बिना नियुक्ति आदेश नहीं मिलेंगे 4 हजार
NEWS IN SHORT
- कोषालय ने बिना आदेश वाले कर्मचारियों को रोका
- 4 जून को मांगा था मार्गदर्शन, 5 जून को बदल गया रुख
- कई सालों से काम कर रहे कर्मचारी वंचित हो सकते
- विभागों को दस्तावेज़ जांच के बाद ही भुगतान संभव
- कर्मचारियों में असमंजस और बेचैनी बढ़ी
NEWS IN DETAIL
Raipur : छत्तीसगढ़ सरकार की श्रम सम्मान राशि अब नए विवाद में घिरती दिख रही है। नवा रायपुर स्थित इन्द्रावती कोषालय ने पहले तो संचालनालय से यह पूछा कि आखिर 4 हजार रुपए की राशि किन कर्मचारियों को दी जाए, लेकिन अगले ही दिन ऐसा आदेश जारी कर दिया जिससे कई विभागों के कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।
4 जून को मांगा था मार्गदर्शन
वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने संचालक, कोष एवं लेखा को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा। पत्र में साफ पूछा गया कि क्या बिना किसी औपचारिक आदेश के वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को भी श्रम सम्मान राशि दी जाएगी? साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया कि दैनिक वेतनभोगी, मासिक वेतनभोगी, आकस्मिकता निधि कर्मचारी, कलेक्टर दर कर्मचारी, कुशल और अकुशल श्रमिकों में से कौन पात्र होंगे?
24 घंटे में बदल गया पूरा रुख
हैरानी की बात यह है कि स्पष्टीकरण का जवाब आने से पहले ही 5 जून को दूसरा पत्र जारी कर दिया गया। इस पत्र में जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन कर्मचारियों के पास वैध कार्य आदेश या नियुक्ति आदेश नहीं है, उनके श्रम सम्मान राशि के बिल कोषालय में प्रस्तुत ही न किए जाएं।
बिना आदेश वालों पर सीधे रोक
ट्रेजरी ने फाइनेंस डिपार्टमेंट के पुराने नियमों का हवाला देते हुए साफ कह दिया है कि जब तक काम का सरकारी आदेश नहीं होगा, तब तक किसी भी कर्मचारी को श्रम सम्मान राशि नहीं मिलेगी।। यानी ऐसे हजारों कर्मचारी, जो वर्षों से विभिन्न कार्यालयों में काम कर रहे हैं लेकिन जिनके दस्तावेज व्यवस्थित नहीं हैं, उन्हें इस लाभ से बाहर किया जा सकता है।
विभागों की बढ़ सकती है मुश्किल
सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी कार्यरत हैं जिनकी सेवाएं स्थानीय स्तर पर ली गईं, लेकिन औपचारिक नियुक्ति आदेशों का रिकॉर्ड हमेशा स्पष्ट नहीं रहा। अब कोषालय के नए निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों को पहले दस्तावेज तलाशने होंगे, तभी भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
कर्मचारियों के बीच बढ़ी बेचैनी
श्रम सम्मान राशि को लेकर पहले ही कर्मचारियों में उत्साह था, लेकिन नए निर्देश के बाद कई कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बन गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि कोषालय को पात्रता को लेकर संशय था तो स्पष्टीकरण मिलने से पहले भुगतान पर रोक जैसा आदेश क्यों जारी किया गया?
सबसे बड़ा सवाल
सरकार श्रमिकों को सम्मान देने की बात कर रही है, लेकिन अब विवाद इस बात पर खड़ा हो गया है कि वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी पहले अपने आदेश साबित करें या सम्मान राशि पाने की उम्मीद रखें। कोषालय के ताजा निर्देश ने भुगतान प्रक्रिया को आसान करने के बजाय नए सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।
FAQ
- बिना नियुक्ति आदेश वाले कर्मचारी श्रम सम्मान राशि पाएंगे?
नहीं, नए निर्देश के अनुसार केवल जिनके पास वैध नियुक्ति या कार्य आदेश हैं, उन्हें ही 4 हजार रुपए की श्रम सम्मान राशि मिलेगी। - विभागों को अब क्या करना होगा?
संबंधित अधिकारियों को पहले सभी कर्मचारियों के दस्तावेज़ और आदेश की जांच करनी होगी। तभी बिल कोषालय में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। - क्या लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारी प्रभावित होंगे?
हां, ऐसे कर्मचारी जिनके पास आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं हैं, वे इस राशि से वंचित रह सकते हैं, चाहे वे वर्षों से काम कर रहे हों।
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