हाईकोर्ट ने दिलीप बिल्डकॉन की पात्रता पर लगाई मुहर, चुनौती वाली याचिका खारिज

Arun Tiwari | Aug 04, 2026, 14:33 IST
दिलीप बिल्डकॉन की पात्रता पर मुहर
छत्तीसगढ़ की दो हजार 524 करोड़ की सिकासार-कोडार जल परियोजना को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। टेंडर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका खारिज होने के बाद दिलीप बिल्डकॉन की पात्रता पर मुहर लग गई है।

छत्तीसगढ़ की बहुप्रतीक्षित सिकासार-कोडार जल परियोजना को बड़ी कानूनी राहत मिली है। करीब दो हजार 524 करोड़ रूपए की लागत वाले इस महत्वपूर्ण टेंडर को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद परियोजना के निर्माण कार्य का रास्ता लगभग साफ हो गया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद दिलीप बिल्डकॉन की टेंडर लेने की पात्रता पर मुहर लग गई है।



टेंडर पर उठाए थे सवाल:

याचिकाकर्ता ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसका कहना था कि निविदा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही और कुछ शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर टेंडर को निरस्त करने और पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई थी।



सरकार ने रखा पक्ष:

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और संबंधित विभाग ने अदालत को बताया कि पूरी निविदा प्रक्रिया निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की गई है। सरकार की ओर से कहा गया कि सभी पात्र कंपनियों को समान अवसर दिया गया और मूल्यांकन भी तय मानकों के अनुसार किया गया। इसलिए टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की मनमानी या पक्षपात का प्रश्न ही नहीं उठता।



हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका:

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया में ऐसा कोई स्पष्ट कानूनी दोष या अनियमितता सामने नहीं आई, जिसके कारण न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक हो। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।



कानूनी बाधा दूर :

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सिकासार-कोडार परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही सबसे बड़ी कानूनी बाधा दूर हो गई है। परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अब तेजी से आगे बढ़ाए जाने की संभावना है। राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।



बेहद अहम है परियोजना:

यह परियोजना प्रदेश की महत्वपूर्ण जल संसाधन योजनाओं में शामिल है। इसके माध्यम से सिंचाई क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन कानूनी विवाद के कारण इसकी प्रगति प्रभावित हो रही थी।



हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि सिकासार-कोडार परियोजना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ेगा।



FAQ

  1. सिकासार-कोडार जल परियोजना क्या है?
    सिकासार-कोडार जल परियोजना छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण जल संसाधन योजना है, जिसका उद्देश्य सिंचाई क्षमता बढ़ाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को बेहतर बनाना है।
  2. सिकासार-कोडार परियोजना का टेंडर किस कंपनी को मिला है?
    सिकासार-कोडार जल परियोजना के टेंडर में दिलीप बिल्डकॉन की पात्रता पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुहर लग गई है।
  3. सिकासार-कोडार जल परियोजना का टेंडर विवाद क्या था?
    सिकासार-कोडार जल परियोजना के 2524 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।


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