मेरिट लिस्ट में नाम आने पर भी नौकरी का हक नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
Umeshwari Baghel | Jul 29, 2026, 22:55 IST
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पंचायत सचिव भर्ती मामले में कहा कि सिर्फ मेरिट सूची में नाम आने से नियुक्ति का अधिकार नहीं बनता। भर्ती प्रक्रिया रद्द होने के बाद अभ्यर्थी नौकरी का दावा नहीं कर सकता। कोर्ट ने सूरजपुर मामले में याचिका खारिज कर दी।
समझें क्या है पूरा मामला
- मेरिट में नाम फिर भी नौकरी नहीं, HC का बड़ा फैसला
- चयन सूची में नाम से नहीं मिलता नियुक्ति का अधिकार
- पंचायत सचिव भर्ती रद्द, अभ्यर्थियों को HC से झटका
- सात साल इंतजार के बाद भी नहीं मिली नौकरी
- हाईकोर्ट बोला- मेरिट लिस्ट नौकरी की गारंटी नहीं
यह मामला सूरजपुर जिले के रामानुजनगर क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिवों की भर्ती से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट ने इस मामले में याचिका खारिज करते हुए कहा कि नियुक्ति का अधिकार तभी बनता है, जब पूरी भर्ती प्रक्रिया वैध हो और नियुक्ति आदेश जारी किया गया हो।
2018 में निकली थी पंचायत सचिव भर्ती
इसी मामले में रामानुजनगर निवासी देवेन्द्र कुमारी साहू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि चयन सूची में नाम आने के बाद भी उन्हें सात साल से अधिक समय बीतने के बावजूद नियुक्ति नहीं दी गई।
हाईकोर्ट ने मांगा था जवाब
इसके बाद पंचायत निदेशक ने 3 नवंबर 2025 को कोर्ट में शपथपत्र पेश किया। इसमें बताया गया कि सक्षम प्राधिकारी पहले ही पंचायत सचिव भर्ती की पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर चुका है। इसलिए किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जा सकता।
मेरिट सूची नियुक्ति की गारंटी नहीं
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरी में नियुक्ति तभी मिल सकती है, जब चयन प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी हो और नियुक्ति आदेश जारी किया जाए।
देशभर में ऐसे मामलों में यही नियम
अगर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी, नियमों का उल्लंघन या अन्य कारणों से चयन प्रक्रिया रद्द कर दी जाती है, तो मेरिट सूची में शामिल उम्मीदवार भी नियुक्ति की मांग नहीं कर सकते। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी इसी कानूनी सिद्धांत को आधार बनाते हुए पंचायत सचिव भर्ती मामले में याचिका को खारिज कर दिया।
FAQ
- क्या मेरिट सूची में नाम आने के बाद नौकरी पक्की हो जाती है?
नहीं, सिर्फ मेरिट सूची में नाम आने से नियुक्ति का अधिकार नहीं बनता। नियुक्ति तभी मिलती है जब पूरी भर्ती प्रक्रिया वैध हो और नियुक्ति आदेश जारी किया जाए। - छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पंचायत सचिव भर्ती मामले में क्या फैसला दिया?
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर सक्षम अधिकारी ने भर्ती प्रक्रिया को नियमों के तहत रद्द कर दिया है, तो मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थी नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता। - यह मामला किस भर्ती से जुड़ा था?
यह मामला सूरजपुर जिले के रामानुजनगर क्षेत्र में वर्ष 2018 में निकली ग्राम पंचायत सचिव भर्ती से जुड़ा था, जिसमें 11 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।
यह खबरें भी पढ़े...
पंचायत चुनावों से पहले भाजपा सरकार बांटेगी सियासी रेवड़ियां?
सूरजपुर में प्रेमिका पर चाकू से ताबड़तोड़ वार, खून से लथपथ युवती की मौत
मध्यप्रदेश पंचायत सचिव भर्ती: 23 हजार पदों पर होंगी नियुक्ति, जानें भर्ती के नए नियम
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel