छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों को राहत, अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी खरीदी
खास बात यह है कि पेराई सत्र 2025-26 में किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी बढ़ी हुई दर के आधार पर किया जाएगा। इससे संबंधित किसानों को पिछले पेराई सत्र की खरीदी पर भी बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा। सरकार ने 70 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और किसान परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से हुई चर्चा:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री नवीन शेष सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी मौजूद रहे।
बैठक में प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान गन्ना उत्पादक किसानों को मिलने वाले मूल्य का विषय भी सामने आया। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने गन्ने की खरीदी दर 425 रुपए प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया।सरकार के इस फैसले में पिछले पेराई सत्र को भी शामिल किया गया है। पेराई सत्र 2025-26 में खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी नई दर के अनुसार किया जाएगा। इससे किसानों को पुरानी खरीदी पर भी बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा।
खेती को लाभकारी बनाने पर जोर:
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी किसानों की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखकर नीतियां बना रही है।उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार संवेदनशील है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता से निर्णय लिए जा रहे हैं। खेती-किसानी को मजबूत बनाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए जरूरी है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में किसानों की अहम भूमिका है। जब खेती मजबूत होगी, तब गांवों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी। ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्धि से ही राज्य के विकास को गति मिलेगी। सरकार चाहती है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और कृषि उनके लिए सम्मानजनक तथा लाभकारी आजीविका का माध्यम बने।
किसान संघ कर रहा था आंदोलन:
अपनी मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन बढ़ता का रहा था। कवर्धा में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए थे। किसानों के सामने सरकार झुकी और उनकी मांग को मां लिया।
गन्ने की खरीदी दर बढ़ाने के फैसले पर भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।
FAQs
- छत्तीसगढ़ में गन्ने की नई खरीदी दर कितनी है?
छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ने की खरीदी दर बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया है। - छत्तीसगढ़ में गन्ना खरीदी दर बढ़ाने का फैसला किसने लिया?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद गन्ना खरीदी दर बढ़ाने का निर्णय लिया। - क्या गन्ना किसानों को पिछले पेराई सत्र का एरियर मिलेगा?
सरकार के फैसले के अनुसार, पेराई सत्र 2025-26 में पहले खरीदे गए गन्ने पर भी बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा। इससे किसानों को अंतर की राशि मिलनी है।