सुशासन तिहार में अफसरों पर गर्म हो रहे हैं बीजेपी के नेता, सूरज के साथ चढ़ रहा सियासी पारा
RAIPUR : छत्तीसगढ़ में इन दिनों बीजेपी नेताओं का पारा कुछ ज्यादा ही चढ़ा हुआ है। एक तरफ तो सूरज तप रहा है तो दूसरी तरफ इसका सबसे ज्यादा असर सत्ताधारी दल के नेताओं पर हो रहा है। वे अफसरों पर तप रहे हैं। अफसरों की इन दिनों आफत हो गई है। सीएम से लेकर पूर्व सीएम तक और सांसद से लेकर विधायक तक हर नेता अफसरों की क्लास लेने में लगा हुआ है। सबसे ज्यादा मामले सुशासन तिहार में सामने आ रहे हैं। इसके अलावा अन्य सरकारी आयोजनों में भी यह नजारा देखने को मिल रहा है।
अफसरों पर बरस रहे बीजेपी नेता :
छत्तीसगढ़ में इन दिनों सियासी गर्मी के साथ-साथ प्रशासनिक गलियारों का तापमान भी बढ़ा हुआ है। प्रदेश में बीजेपी सरकार के जनसंपर्क और शिकायत निवारण कार्यक्रमों के दौरान कई मौकों पर जनप्रतिनिधि अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर अफसरशाही पर दिखाई दे रहा है। बीजेपी नेताओं का पारा कुछ ज्यादा ही चढ़ा हुआ है। मुख्यमंत्री से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री,सांसद और विधायक समेत कई बीजेपी नेता सार्वजनिक मंचों पर अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। खासकर राज्य सरकार के सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां जनप्रतिनिधियों ने जनता की शिकायतों और लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की कोशिश की है।
केस नंबर 1 : सीएम ने जनपद सीईओ को सस्पेंड किया :
दुर्ग जिले के जनपद पंचायत के सीईओ रूपेश कुमार पांडेय और बीजेपी ग्रामीण महामंत्री पुराण देशमुख के बीच बहस का वीडियो वायरल हुआ था। मामला बढ़ने पर राज्य सरकार ने सीईओ को निलंबित कर दिया। सीएम के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सीएम ने साफ कहा कि लोगों के साथ अफसरों का इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम बोले कि सरकार हो चाहे अफसर सभी लोग जनता के सेवक हैं शासक नहीं और उनको लोगों से उचित व्यवहार करना ही पड़ेगा।
केस नंबर 2 : अफसरों पर भड़के रमन सिंह :
31 मई को बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में अव्यवस्थाओं को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन को जमकर खरी-खरी सुनाई। रमन सिंह ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाले कार्यक्रम के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं की गईं। उन्होंने आयोजन में दिखी कमियों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में उन्होंने इस तरह की अव्यवस्था बहुत कम देखी है। उनकी नाराजगी के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
केस नंबर 3 :
बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में आयोजित शिविर में बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच मंच पर ही तीखी नोकझोंक हुई थी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। कार्यक्रम के दौरान मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी से नाराज विधायक धरमलाल कौशिक ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर तीखे शब्दों में हमला बोला।
केस नंबर 4 :
गरियाबंद जिले के पाटसिवनी में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी विधायक रोहित साहू ने एक शिकायत पर मंच से पटवारी को जूते से मारने तक की बात कह दी थी। इसके विरोध में पटवारी संघ ने सुशासन तिहार के बहिष्कार का ऐलान किया था।
केस नंबर 5 :
वहीं रायपुर जिले के समोदा में आयोजित शिविर में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवालने शिकायतों को लेकर नायब तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी, जिसका वीडियो भी काफी चर्चा में रहा था। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आपकी सबसे ज्यादा शिकायत है,किस तरह अभिनंदन किया जाए।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में 'सुशासन तिहार' (Good Governance Festival) क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस (25 दिसंबर) को पूरे देश में 'सुशासन दिवस' के रूप में मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार इसी उपलक्ष्य में राज्य स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए 'सुशासन तिहार' का आयोजन करती है। - छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री और राज्यपाल कौन हैं?
उत्तर: वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (बीजेपी) हैं और राज्य के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन हैं। - वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव (Chief Secretary) कौन हैं?
उत्तर: राज्य के वर्तमान मुख्य सचिव विकास शील (1994 बैच के IAS अधिकारी) हैं। इन्होंने सितंबर 2025 में अमिताभ जैन की सेवानिवृत्ति के बाद छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाला। - छत्तीसगढ़ में 'हरेली तिहार' का क्या महत्व है?
उत्तर: यह छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार माना जाता है, जो सावन अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन किसान अपने कृषि औजारों (नांगर, गैंती आदि) और बैलों की पूजा करते हैं तथा गेड़ी चढ़ने की परंपरा निभाते हैं।
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