फर्जी मेडिकल बिल घोटाला : शिक्षक नेता साधेलाल पटेल गए जेल, पत्नी भी लपेटे में
समझें क्या है पूरा मामला
- फर्जी मेडिकल बिल केस में शिक्षक नेता जेल भेजे गए
- साधेलाल पटेल पर लाखों की हेराफेरी का आरोप
- मेडिकल बिल घोटाले में पति-पत्नी पर FIR
- फर्जी बिल से सरकारी राशि निकालने का आरोप
- शिक्षक नेता की गिरफ्तारी, अब अधिकारियों पर नजर
Bilaspur। फर्जी मेडिकल बिल घोटाला :छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षा विभाग से जुड़े फर्जी मेडिकल बिल मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षक नेता और सीपीसी पौंसरा में पदस्थ रहे साधेलाल पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज एफआईआर के आधार पर की है।
इस मामले में साधेलाल पटेल की पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं गिरफ्तारी के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि इतनी बड़ी राशि का भुगतान केवल एक व्यक्ति के स्तर पर कैसे हो गया।
10 महीने बाद हुई पुलिस कार्रवाई
फर्जी मेडिकल बिल मामले में शिक्षा विभाग ने पहले ही साधेलाल पटेल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी। विभाग ने फरवरी में उन्हें निलंबित किया था और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
हालांकि एफआईआर दर्ज होने और पुलिस कार्रवाई में काफी समय लग गया। करीब 10 महीने तक मामला लंबित रहने को लेकर भी सवाल उठते रहे। अब पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी बिल से लाखों निकालने का आरोप
जांच में सामने आया कि साधेलाल पटेल पर सरकारी राशि के गलत भुगतान का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए फर्जी मेडिकल बिल तैयार कराए।
मामले में एक मृत सहायक शिक्षक नरेंद्र कुमार चौधरी के नाम से जुड़े मेडिकल बिल का भी जिक्र सामने आया है। जांच के अनुसार, करीब 33 हजार रुपए के वास्तविक बिल को बढ़ाकर 5.33 लाख रुपये का भुगतान कराया गया।
इसके अलावा खुद और अपनी पत्नी के नाम पर भी फर्जी मेडिकल बिल लगाकर करीब 30 लाख रुपए की राशि निकालने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
मामले में शिकायत मिलने के बाद बिलासपुर सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की थी। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिले दस्तावेज और जांच रिपोर्ट के आधार पर साधेलाल पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
शिक्षक नेता की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाने की मांग उठ रही है। सवाल यह है कि बिना विभागीय प्रक्रिया पूरी हुए इतनी बड़ी राशि का भुगतान कैसे हो गया।
शिक्षा विभाग में चर्चा है कि बिल पास करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि सरकारी भुगतान के लिए कई स्तरों पर दस्तावेजों की जांच और मंजूरी जरूरी होती है। यदि फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान हुआ है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
सरकारी खजाने को नुकसान का आरोप
प्रारंभिक जांच में सरकारी राशि के दुरुपयोग की बात सामने आई है। आरोप है कि फर्जी मेडिकल दस्तावेजों के जरिए सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। मामले में मृत कर्मचारी के नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने कही जांच जारी रहने की बात
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, शिकायत और दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी आगे कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी शिक्षक नेता और अन्य संबंधित लोगों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
FAQ
- साधेलाल पटेल को क्यों गिरफ्तार किया गया?
साधेलाल पटेल पर फर्जी मेडिकल बिल और दस्तावेजों के जरिए सरकारी राशि निकालने का आरोप है। इसी मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। - फर्जी मेडिकल बिल मामले में कितनी राशि के घोटाले का आरोप है?
जांच में आरोप है कि खुद और पत्नी के नाम पर करीब 30 लाख रुपए के फर्जी मेडिकल बिल लगाए गए। इसके अलावा एक मृत कर्मचारी के बिल में भी हेरफेर का आरोप है। - क्या इस मामले में अन्य अधिकारियों की भी जांच होगी?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
यह खबरें भी पढ़े...
ED की जांच में खुलासा: सालों से हो रहा इंदौर निगम में फर्जी बिल घोटाला, 125.75 करोड़ के फर्जी बिल
बिलासपुर-रायपुर होकर चलेगी इतवारी-मधुपुर सावन मेला स्पेशल ट्रेन
एक ही जमीन की कई बार करा दी रजिस्ट्री, अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज
जनगणना कार्य के नाम पर शिक्षा विभाग के 5 कर्मचारी अटैच, आदेश जारी