फेसबुक पोस्ट पर नपे शिक्षक, 8 दिन में फिर बहाल, शिक्षा विभाग के फैसले ने चौंकाया
Bilaspur. बिलासपुर में शिक्षा प्रशासन ने हाल ही में एक शिक्षक के निलंबन और पुनः बहाली से जुड़ा मामला सुर्खियों में ला दिया है। शिक्षक पीतांबर दास मानिकपुरी को पहले उनके फेसबुक पोस्ट के कारण निलंबित किया गया था, जिसमें उन्होंने राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, सोमनाथ यादव, के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी।
निलंबन की कहानी:
28 अप्रैल 2026 को संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुंगेली की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को निलंबित कर दिया। आदेश में स्पष्ट लिखा गया कि उनका कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के तहत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। निलंबन के दौरान उन्हें बीईओ कार्यालय में अटैच किया गया, लेकिन उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।
फिर आया मोड़:
आठ दिन के भीतर ही, यानी 06 मई 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली की अनुशंसा के बाद शिक्षक का निलंबन रद्द कर दिया गया। अब पीतांबर दास मानिकपुरी को उनके मूल स्कूल शास.पू.मा.शाला झझपुरी में पुनः पदस्थ किया गया है। आदेश तुरंत प्रभावी हो गया।
प्रशासन की कार्रवाई की झलक:
शिक्षक की निलंबन रिपोर्ट विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुंगेली ने भेजी थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने पुनर्विचार कर शिक्षक को बहाल किया। संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रधानाचार्य को आदेश की जानकारी दे दी गई।
निष्कर्ष:
यह मामला दिखाता है कि शिक्षा प्रशासन में अनुशासनात्मक कार्रवाई और पुनर्विचार दोनों हो सकते हैं, और एक शिक्षक के निलंबन और बहाली का पूरा घटनाक्रम केवल आठ दिन में पूरा हो गया। अगर चाहो तो मैं इसे और लोकल न्यूज स्टाइल में रोचक हेडलाइन और सबहेडलाइन के साथ बना दूँ, जिसे पढ़ते ही सबकी आंखें खुल जाएँ।
ये खबरें भी पढ़ें...
मंत्री नाराज! फिर भी रद्द हुआ अफसर का तबादला आदेश, पुराने कनेक्शन से सभी हैरान
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में निलंबन के खेल पर ब्रेक, अब सीधे दुर्गम क्षेत्रों में होगी पोस्टिंग
छत्तीसगढ़ में धान घोटाला; 3 केंद्रों से करोड़ों का धान और बारदाना गायब, जिम्मेदारों पर FIR
रिहाइशी इलाके में मिला बम का सामान, रायपुर का रावाभाठा बना छावनी