छत्तीसगढ़ के इन-सर्विस शिक्षकों की मांग, अलग से हो स्पेशल टीईटी परीक्षा
समझें क्या है पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया है। परीक्षा पास करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय मिला है। इस फैसले के बाद प्रदेश में हलचल काफी बढ़ गई है। शिक्षक संगठन अब अलग से परीक्षा की मांग कर रहे हैं। एमपी समेत पांच राज्यों में विशेष परीक्षा की तैयारी है।
इन-सर्विस शिक्षकों का TET असमंजस
छत्तीसगढ़ में इन-सर्विस शिक्षकों के लिए स्थिति अभी साफ नहीं है। राज्य के लाखों शिक्षक अब सरकार की तरफ देख रहे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अलग परीक्षा होगी या नहीं। नियमित परीक्षा में बैठने को लेकर असमंजस बना हुआ है।
23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए नियम अलग थे। उस समय भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET – Teacher Eligibility Test) अनिवार्य नहीं थी। सालों से पढ़ा रहे शिक्षकों ने कभी यह परीक्षा नहीं दी। अब अचानक इसे अनिवार्य करने से समस्या खड़ी हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद राहत जरूर मिली है। कोर्ट ने समीक्षा याचिका पर फैसला सुनाते हुए मोहलत बढ़ाई है। अब शिक्षकों को 2028 तक का समय मिल गया है। हर साल दो बार परीक्षा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अन्य राज्यों ने शुरू की तैयारी
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने कदम उठाए हैं। वहां कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी परीक्षा हो रही है। तमिलनाडु और तेलंगाना ने भी अलग से व्यवस्था बनाई है। इन राज्यों के फैसलों से छत्तीसगढ़ के शिक्षकों की उम्मीद जगी है।
छत्तीसगढ़ में अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग की चुप्पी से शिक्षकों की चिंता बढ़ रही है। 25 से 30 सालों से काम कर रहे लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि इस उम्र में पढ़ाई मुश्किल है।
संगठनों ने सरकार से की यह मांग
प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर आवाज उठाई है। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर त्वरित परीक्षा की मांग की है। संगठनों का कहना है कि विभागीय टीईटी जल्द होनी चाहिए। इससे वरिष्ठ शिक्षकों को सही अवसर मिल सकेगा।
शिक्षक नेताओं ने विशेष प्रशिक्षण देने की भी बात कही है। उनका मानना है कि सरकार को अध्ययन सामग्री उपलब्ध करानी चाहिए। बिना तैयारी के परीक्षा पास करना बेहद कठिन होगा। सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाना चाहिए।
31 अगस्त 2028 आखिरी मौका
सुप्रीम कोर्ट का आदेश बहुत ही सख्त और स्पष्ट है। 31 अगस्त 2028 के बाद कोई मोहलत नहीं मिलेगी। इस तारीख तक परीक्षा पास करना बेहद जरूरी होगा। बिना टीईटी के कोई भी शिक्षक पद पर नहीं रहेगा।
2025 में कोर्ट ने गैर-अल्पसंख्यक स्कूलों पर फैसला दिया था। इसके दायरे में सभी सेवारत शिक्षकों को लाया गया था। बाद में 2026 में समय सीमा को आगे बढ़ाया गया। अब राज्यों को तय समय में प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
FAQ
- सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी पास करने की आखिरी तारीख क्या तय की है?
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को टीईटी पास करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है। इसके बाद बिना टीईटी के शिक्षक पद पर नहीं रह सकेंगे। - क्या छत्तीसगढ़ में इन-सर्विस शिक्षकों के लिए अलग टीईटी होगी?
छत्तीसगढ़ सरकार ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। हालांकि शिक्षक संगठन मध्य प्रदेश की तर्ज पर अलग परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। - सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा आयोजित करने को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
अदालत ने राज्य सरकारों को हर साल दो बार समयबद्ध तरीके से टीईटी परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। यह परीक्षा हर 6 महीने के अंतराल में होनी चाहिए।
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