बस्तर से रायपुर के अस्पतालों में बढ़ेगी इलाज की सुविधा, NHM के तहत हुई डॉक्टरों की नियुक्तियां, 12 तक ज्वाइन नहीं तो नियुक्ति रद्द
छत्तीसगढ़ में अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने 45 संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने 29 सितंबर को इन डॉक्टरों की पोस्टिंग का आदेश जारी किया। डॉक्टरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), सिविल अस्पताल और जिला अस्पतालों की फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) में भेजा गया है। इनमें दंतेवाड़ा, बस्तर, दुर्ग, रायपुर, कोरबा, कबीरधाम समेत कई जिलों के अस्पताल शामिल हैं।
गांवों के अस्पतालों पर फोकस
इन नियुक्तियों का बड़ा हिस्सा ऐसे स्वास्थ्य संस्थानों में किया गया है, जहां स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की उपलब्धता सीधे मरीजों की इलाज व्यवस्था को प्रभावित करती है। डॉक्टरों की मौजूदगी से मरीजों को सामान्य इलाज, चिकित्सकीय जांच और जरूरत पड़ने पर आगे रेफर करने की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी। खासकर दूरदराज के इलाकों में छोटी बीमारी के लिए भी बड़े अस्पताल तक दौड़ लगाने की मजबूरी कुछ कम हो सकती है।
FRU में डॉक्टरों की कमी होगी कम
FRU यानी फर्स्ट रेफरल यूनिट स्वास्थ्य व्यवस्था में उस कड़ी की तरह काम करती है, जहां गंभीर मरीजों की शुरुआती जांच और जरूरी उपचार के बाद उन्हें उच्च केंद्र भेजा जाता है। यहां डॉक्टर उपलब्ध होने से इमरजेंसी, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और अन्य गंभीर मामलों में समय पर चिकित्सकीय निर्णय लेने में मदद मिलेगी। हालांकि डॉक्टरों की नियुक्ति से अस्पताल की पूरी व्यवस्था अपने आप मजबूत नहीं होगी; दवाइयां, जांच, नर्सिंग और अन्य स्टाफ की उपलब्धता भी जरूरी रहेगी।
58 हजार से 1.01 लाख मानदेय
इन डॉक्टरों को पदस्थापना स्थल की दूरी और कठिनाई के हिसाब से अलग-अलग मानदेय मिलेगा। डिफरेंशियल सैलरी पैकेज के तहत उन्हें ₹58,100 से ₹1,01,850 प्रतिमाह तक एकमुश्त मानदेय दिया जाएगा। यानी कठिन और दूरस्थ इलाकों में तैनाती के लिए ज्यादा पैकेज का प्रावधान रखा गया है।
12 अक्टूबर तक ज्वाइनिंग
आदेश में डॉक्टरों के लिए समय सीमा भी साफ कर दी गई है। चयनित डॉक्टरों को संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सूचना देकर 12 अक्टूबर 2026 तक आवंटित अस्पताल में कार्यभार ग्रहण करना होगा। तय समय तक ज्वाइन नहीं करने पर नियुक्ति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
निजी प्रैक्टिस पर रोक
नियुक्ति के साथ डॉक्टरों पर कई शर्तें भी लगाई गई हैं। डिफरेंशियल सैलरी पैकेज लेने वाले डॉक्टर निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। उन्हें पदस्थापना स्थल पर ही मुख्यालय बनाकर रहना होगा। यानी जिस अस्पताल में ड्यूटी मिली है, वहां से दूर रहकर केवल कागजों में नौकरी चलाने की गुंजाइश नहीं होगी।
मार्च 2027 तक ही नौकरी
यह नियुक्ति स्थायी सरकारी नौकरी नहीं है। डॉक्टरों की संविदा 31 मार्च 2027 तक रहेगी। इसके बाद प्रदर्शन मूल्यांकन और भारत सरकार की ROP स्वीकृति के आधार पर संविदा आगे बढ़ाई जा सकती है। यानी नियुक्ति की निरंतरता डॉक्टरों के प्रदर्शन और आगे मिलने वाली स्वीकृति पर निर्भर रहेगी।
फिटनेस से HRMIS तक शर्तें
डॉक्टरों के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में वैध पंजीयन जरूरी है। ज्वाइनिंग के समय या अधिकतम एक महीने के भीतर जिला मेडिकल बोर्ड से फिटनेस प्रमाण-पत्र देना होगा। इसके अलावा CMHO के साथ ₹50 के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर अनुबंध करना होगा। कार्यभार संभालने के सात दिन के भीतर HRMIS पोर्टल पर जानकारी दर्ज कराना भी जरूरी है। इसके बाद ही मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
असली परीक्षा अब अस्पताल में
सरकार ने इन नियुक्तियों को ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा मजबूत करने की कवायद बताया है। लेकिन असली असर डॉक्टरों के अस्पतालपहुंचने के बाद ही सामने आएगा। 45 डॉक्टरों की पोस्टिंग से FRU में चिकित्सकीय क्षमता जरूर बढ़ेगी, मगर मरीजों को वास्तव में बेहतर इलाज तभी मिलेगा, जब डॉक्टर नियमित रूप से उपलब्ध रहें और अस्पतालों में जांच, दवा, नर्सिंग व अन्य जरूरी संसाधन भी साथ मिलें।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों की नई नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों की नई नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना है, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिल सके। - नियुक्त किए गए 45 संविदा चिकित्सा अधिकारियों के लिए वेतन पैकेज क्या होगा?
नियुक्त किए गए 45 संविदा चिकित्सा अधिकारियों को उनके तैनाती स्थल की दूरी और कठिनाई के अनुसार ₹58,100 से ₹1,01,850 प्रतिमाह तक का मानदेय मिलेगा। - डॉक्टरों को नियुक्ति के बाद किस तरह की शर्तें स्थापित की गई हैं?
डॉक्टरों को नियुक्ति के बाद कई शर्तें पूरी करनी होंगी, जैसे कि निजी प्रैक्टिस नहीं करना, फिटनेस प्रमाण-पत्र देना, और कार्यभार संभालने के सात दिन के भीतर HRMIS पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना।