शराब कांड में कार्रवाई, दो आबकारी सब-इंस्पेक्टर निलंबित, अधिकारी पर भी एक्शन

VINAY VERMA | Aug 05, 2026, 20:16 IST
आबकारी सब-इंस्पेक्टर निलंबित
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने शराब दुकानों में लापरवाही के मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। अधिक कीमत पर शराब बिक्री, अवैध थोक कारोबार के आरोप में दो आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित किया गया है, जबकि आबकारी अधिकारी के खिलाफ प्रस्ताव भेजा गया है।

छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में लापरवाही और अनियमितताओं पर सरकार ने सख्ती दिखाई है। शराब दुकानों में गड़बड़ी, अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब के थोक कारोबार के मामलों में विभाग ने दो आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। वहीं एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की फाइल शासन को भेजी गई है। कार्रवाई के बाद आबकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।



जनप्रतिनिधि की शिकायत पड़ी भारी

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में अधिक दर पर शराब बिक्री की शिकायत जनप्रतिनिधि ने की थी। जांच में सामने आया कि संबंधित आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं की और मूल शिकायत को ही नजरअंदाज कर दिया। इतना ही नहीं, दुकान के सीसीटीवी कैमरे खराब होने और रिकॉर्डिंग में गड़बड़ी की जानकारी भी जिला कार्यालय को नहीं दी गई।



विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय तय किया गया है।



53 पेटी शराब ने खोली पोल

दूसरा मामला बालोद जिले की अरकार शराब दुकान से जुड़ा है। 25 जुलाई 2026 को धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने 53 पेटी अवैध शराब जब्त की थी। होलोग्राम जांच में पता चला कि यह शराब अरकार दुकान से निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक में बेची गई थी।



जांच में गुरूर वृत्त प्रभारी आशा राम शाक्य को अपने क्षेत्र में गंभीर अनियमितताओं पर नियंत्रण नहीं रखने का दोषी पाया गया। विभाग ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय दुर्ग संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय रहेगा।









अब अधिकारी की बारी

अरकार शराब दुकान मामले में सिर्फ उपनिरीक्षक ही नहीं, बल्कि पर्यवेक्षी अधिकारी भी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन पर पर्यवेक्षण में शिथिलता और कर्तव्य के प्रति उदासीनता के आरोप लगे हैं। चूंकि वे राजपत्रित अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।



शराब दुकानों पर बढ़ेगी निगरानी?

लगातार सामने आ रही शिकायतों ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिक दर पर बिक्री, सीसीटीवी बंद रहने और शराब की थोक सप्लाई जैसे मामलों ने विभागीय नियंत्रण की पोल खोल दी है। अब सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई केवल कुछ अधिकारियों तक सीमित रहेगी या फिर शराब कारोबार में गड़बड़ियों की जड़ तक पहुंचने की कोशिश भी होगी।



संदेश साफ, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को सरकार का सख्त संदेश माना जा रहा है। संकेत साफ हैकृशराब दुकानों में गड़बड़ी, नियमों की अनदेखी और निगरानी में ढिलाई अब महंगी पड़ सकती है। आने वाले दिनों में विभाग की नजर और भी सख्त होने की संभावना जताई जा रही है।



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