यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 : पहली बार प्रोविजनल आंसर-की जारी, छात्र 31 मई तक दर्ज करें आपत्ति
NEWS IN SHORT
- यूपीएससी ने पहली बार प्रीलिम्स की प्रोविजनल आंसर-की जारी की।
- अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल पर उत्तरों का मिलान कर सकते हैं।
- आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 31 मई तय।
- चुनौती के लिए तीन प्रामाणिक स्रोत अपलोड करना अनिवार्य है।
- रायपुर में छत्तीसगढ़ के 36% छात्रों ने परीक्षा छोड़ी।
NEWS IN DETAIL
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा की शुचिता और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। आयोग ने पहली बार सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 की अनंतिम (प्रोविजनल) उत्तर कुंजी (Answer Key) जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब यूपीएससी के आधिकारिक पोर्टल `upsconline.nic.in` पर जाकर अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। बता दें कि यह देशव्यापी परीक्षा 24 मई 2026 को दो सत्रों में आयोजित की गई थी।
आपत्ति दर्ज कराने के लिए देने होंगे 3 प्रामाणिक प्रमाण
यदि किसी परीक्षार्थी को आयोग द्वारा जारी किए गए किसी उत्तर पर संदेह या आपत्ति है, तो वे ऑनलाइन प्रश्न पत्र प्रतिनिधित्व पोर्टल (QPREP) के माध्यम से अपनी चुनौती दर्ज करा सकते हैं।
अंतिम तिथि: आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम समय-सीमा 31 मई 2026 की शाम 6 बजे तक तय की गई है।
अनिवार्य शर्तें : उम्मीदवारों को सिर्फ आपत्ति दर्ज नहीं करनी है, बल्कि सही उत्तर का संकेत देने के साथ-साथ तीन प्रामाणिक स्रोतों (Authentic Sources) से संक्षिप्त विवरण और सहायक दस्तावेज (Supportive Documents) अपलोड करना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा : प्राप्त सभी आपत्तियों की समीक्षा विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) की एक विशेष टीम करेगी। हालांकि, आयोग ने साफ किया है कि अंतिम उत्तर कुंजी (Final Answer Key) मुख्य परिणाम घोषित होने के बाद ही जारी की जाएगी।
देशभर से 5.49 लाख उम्मीदवार हुए शामिल
इस वर्ष यूपीएससी ने सिविल सेवा के 933 पदों और भारतीय वन सेवा (IFS) के 80 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की है, जिसमें देशभर से लगभग 5.49 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए।
रायपुर में 36% से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
छत्तीसगढ़ में परीक्षा के लिए रायपुर और बिलासपुर में कुल 36 केंद्र बनाए गए थे। आंकड़ों के मुताबिक, इस बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की उपस्थिति में बड़ी गिरावट देखी गई है।
- कुल पंजीकृत छात्र (रायपुर): 8,449
- उपस्थित छात्र: 5,388
- अनुपस्थित छात्र: 3,061 (लगभग 36.2%)
महत्वपूर्ण मोड़: छत्तीसगढ़ समेत देश भर के लाखों परीक्षार्थियों के लिए यह पहला मौका है, जब उन्हें अंतिम परिणाम से पहले आधिकारिक तौर पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अधिकार मिला है। आयोग का यह कदम भविष्य में मूल्यांकन की त्रुटियों को कम करने में मददगार साबित होगा।
निष्कर्ष
यूपीएससी प्रीलिम्सपहली बार प्रोविजनल आंसर-की जारी करना परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की दिशा में एक क्रांतिकारी और स्वागत योग्य कदम है। इससे छात्रों को मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ेगा और त्रुटियों की संभावना कम होगी। तय समय-सीमा और प्रामाणिक प्रमाणों की शर्त से केवल वास्तविक आपत्तियां ही सामने आ सकेंगी।
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