शराब कांड से मौतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, सागर-देवास के एसपी और कलेक्टर हटाए गए
सागर और देवास जिले के एसपी बदले
गृह विभाग ने चार आईपीएस (Indian Police Service) अफसरों की नई तैनाती की है। देवास एसपी पुनीत गहलोत को सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। उनकी नई पोस्टिंग पुलिस मुख्यालय भोपाल में है। उनकी जगह बालाघाट के एसपी आदित्य मिश्रा देवास के नए एसपी होंगे।
सागर में भी यही कदम उठाया गया है। यहां एसपी अनुराग सुजानिया को हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है। उन्हें भी सहायक पुलिस महानिरीक्षक का पद मिला है। उनकी जगह संजीव कुमार सिन्हा सागर के नए एसपी बने हैं। सिन्हा अब तक ग्वालियर में 14वीं वाहिनी के सेनानी थे। यानी सागर में सुजानिया हटे हैं, जबकि सिन्हा की नई तैनाती हुई है।
सागर और देवास के कलेक्टर भी बदले
आईएएस नेहा मीना बनीं देवास कलेक्टर
सामान्य प्रशासन विभाग ने पांच आईएएस (Indian Administrative Service) अफसरों के तबादले किए हैं। देवास कलेक्टर ऋतुराज अब सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव होंगी। देवास की नई कलेक्टर नेहा मीना होंगी। वे अब तक सिवनी की कलेक्टर थीं।
आईएएस दिलीप कुमार यादव होंगे सागर कलेक्टर
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल अब पर्यटन विकास निगम की प्रबंध निदेशक होंगी। उनकी जगह दिलीप कुमार यादव सागर के नए कलेक्टर बने हैं। दिलीप यादव अब तक इसी निगम के प्रबंध निदेशक थे। सिवनी की नई कलेक्टर अंजू अरूण कुमार होंगी। वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव थीं।
कांग्रेस लगातार सरकार पर उठा रही थी सवाल
आदेश में तबादले की कोई वजह नहीं लिखी गई है। लेकिन इसे शराब कांड की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों जिलों में जहरीली शराब से बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। इसलिए कांग्रेस लगातार पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रही थी।
देवास शराब कांड का मामला
देवास के चंदाना और बिंजाना गांवों में 13 मजदूरों की मौत हुई है। ये मौतें 20 दिन के भीतर हुईं है। दस मृतकों के परिजनों ने जहरीली शराब का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक उल्टियां हुईं और कुछ की आंखों की रोशनी चली गई थी। प्रशासन ने शुरुआत में इन आरोपों से इनकार किया था।
पुलिस ने 9 दिन बाद मुख्य आरोपी विनोद जायसवाल को पकड़ा है। अब तक कुल 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें दो वाइन शॉप मैनेजर और दो सेल्समैन भी हैं। पुलिस ने 54 लीटर देशी शराब और एक कार जब्त की है। पूछताछ में नेटवर्क के तार इंदौर से उत्तर प्रदेश तक मिले हैं। विनोद की डायरी में शराब बिक्री का हिसाब दर्ज बताया गया है। पुलिस ने अब तक नहीं बताया कि शराब कहां से आती थी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हर परिवार के लिए 25-25 लाख रुपए मांगे थे। कांग्रेस आज देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी।
सागर शराब कांड का सच
सागर के बंडा में जहरीली शराब से 36 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा 2 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक है। पुलिस ने अब तक 52 आरोपियों पर एफआईआर (First Information Report) दर्ज की है। इनमें से 36 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। 16 आरोपियों की तलाश जारी थी। पुलिस हत्या की धारा 302 जोड़ने की तैयारी में थी।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपियों को पहले से पता था कि शराब जहरीली है। फिर भी उन्होंने सप्लाई नहीं रोकी थी। उन्होंने प्रशासन को भी जानकारी नहीं दी थी। सागर सेंट्रल जेल से मिले इनपुट के बाद पुलिस नेटवर्क तक पहुंची थी। पुलिस ने चंद्रभान सिंह राजपूत को इस मामले का अहम आरोपी बताया है।
पुलिस के मुताबिक केमिकल दिल्ली से आया था। नकली रैपर ग्वालियर से मंगाए गए थे। शराब बनाने वाली टीम मुरैना से बुलाई गई थी। यह शराब लाइसेंसी दुकान की आड़ में कई गांवों तक भेजी गई था। बीमार पड़ने के बाद भी आरोपियों ने बिक्री जारी रखी।
पटाखा हादसे की पुरानी कड़ी
देवास पुलिस पर पहले से भी सवाल थे। 14 मई को टोंककला की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। इसमें कुछ लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच मजदूरों की जान गई थी।
जांच में लापरवाही मिलने पर चार अफसर निलंबित हुए थे। इनमें एसडीएम (Sub Divisional Magistrate) संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार रवि शर्मा थे। एसडीओपी (Sub Divisional Officer of Police) दीपा मांडवे भी निलंबित हुईं। तब एसपी ने चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल को निलंबित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक कम क्षमता के लाइसेंस पर ज्यादा विस्फोटक जमा था। अब शराब कांड ने निगरानी की चूक का सवाल फिर उठा दिया है।