आइसक्रीम खाते ही मंदसौर में बिगड़ी 14 बच्चों की तबीयत, अस्पताल में इलाज जारी

Sandeep Kumar | May 13, 2026, 19:57 IST
ice cream
मध्य प्रदेश के मंदसौर में आइसक्रीम खाने से 14 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई है। इसमें एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

News in short

  • मंदसौर के गरोठ में आइसक्रीम खाने के बाद 14 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
  • बच्चों की उम्र 7 से 12 साल के बीच थी, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती किया गया।
  • सभी बच्चों को भवानीमंडी, राजस्थान के अस्पताल में रेफर किया गया है।
  • आइसक्रीम विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

News in Detail

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। कोटड़ा बुजुर्ग गांव में 14 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों ने एक ठेले वाले से आइसक्रीम खरीदी थी। कुछ समय बाद बच्चों को उल्टी, दस्त और घबराहट जैसी समस्या होने लगी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।



बच्चों की तबीयत बिगड़ी

दरअसल ये घटना मंगलवार देर शाम की है। बच्चों को आइसक्रीम खाने के बाद उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। परिजनों (relatives) के अनुसार, बच्चों ने रोज की तरह एक ठेले वाले से 10 रुपये वाली आइसक्रीम खरीदी थी। आइसक्रीम (ice cream ) खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें तेज उल्टी, दस्त, और बेचैनी महसूस होने लगी।



दान सिंह, एक ग्रामीण ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे आइसक्रीम बेचने वाला गांव में आया था। बच्चों ने उससे आइसक्रीम खरीदी थी। कुछ समय बाद, सात से आठ बच्चों को अचानक घबराहट, उल्टी और बेचैनी होने लगी। बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें भवानीमंडी, राजस्थान के अस्पतालों में रेफर किया गया।



अस्पताल में भर्ती

बच्चों की उम्र 7 से 12 साल के बीच बताई जा रही है। सभी बच्चों की हालत गंभीर थी और उन्हें भवानीमंडी के दो अलग-अलग निजी अस्पताल (private hospitals) में भर्ती कराया गया। इनमें से कुछ बच्चों को आईसीयू (ICU) में रखा गया था। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर बच्चों की हालत अब स्थिर है, लेकिन शिवम नामक एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।



शिवम को पिछले चार से पांच दिनों से बुखार भी था, जिससे उसकी स्थिति और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उसकी लगातार निगरानी शुरू कर दी है।



फूड पॉइजनिंग का संदेह

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) का संदेह है। जांच की जा रही है कि आइसक्रीम बच्चों के लिए हानिकारक क्यों हुई। गरोठ स्वास्थ्य विभाग (Garoth Health Department) के बीएमओ डॉ. दरबार सिंह ने बताया कि आइसक्रीम में इस्तेमाल मावा संक्रमित हो सकता है। अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने फूड इंस्पेक्टर ( Food Inspector) को सैंपल जांच के निर्देश दिए हैं। टीम गांव में पहुंचकर बच्चों की जांच कर रही है।



आइसक्रीम विक्रेता को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या आइसक्रीम में कोई गड़बड़ी थी। अगर मावा संक्रमित था, तो यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस पूरी घटना की जांच कर रहे हैं और विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।



ग्रामीणों की चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि आइसक्रीम ठेले वाले से रोजाना आइसक्रीम खरीदी जाती थी और इससे पहले कोई समस्या नहीं आई थी। लेकिन अब इस घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया है और लोग आइसक्रीम और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क हो गए हैं।



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