मध्यप्रदेश में राज्य सेवा के 16 अफसर बनेंगे IAS, दो साल बाद प्रमोशन का रास्ता साफ
दो साल के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अफसरों के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली में इसको लेकर हुई डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) की बैठक के बाद अब 16 SAS के अफसर भारतीय प्रशासनिक सेवा के कैडर में शामिल हो सकेंगे। इस बैठक में 2023 और 2024 के लिए एसएएस से आईएएस पदों पर प्रमोशन के लिए विचार किए गए अफसरों के नामों पर निर्णय लिया गया।
राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को आईएएस पद पर प्रमोट करने के लिए 2023 में हुई डीपीसी के बाद कोई बैठक नहीं हो सकी थी। 2023 में हुई डीपीसी में साल 2022 के लिए योग्य पाए गए 19 अपर कलेक्टरों को आईएएस अवॉर्ड दिया गया था। अब दो साल के अंतराल के बाद कुल 16 पद रिक्त हुए थे, जिनके लिए गुरुवार को दिल्ली में मुख्य सचिव अनुराग जैन की उपस्थिति में डीपीसी की बैठक आयोजित की गई।
1995 से लेकर 2006 बैच तक के अधिकारी शामिल
इसलिए नहीं हुई डीपीसी
असल में, 2023 के लिए डीपीसी प्रस्ताव मुख्य सचिव के अनुमोदन के लिए भेजा गया था। इसमें एसएएस और नॉन एसएएस पदों का प्रस्ताव था। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने इसका विरोध किया। एसएएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपा। कुछ अधिकारियों ने अपनी सीनियरिटी को लेकर हाईकोर्ट में केस दायर किया। इन कारणों से डीपीसी की बैठक आयोजित नहीं हो सकी।
IPS अवॉर्ड की भी डीपीसी जल्द
राज्य पुलिस सेवा (रापुसे) के 2024 के पांच पदों को आईपीएस अवॉर्ड दिए जाने हैं। इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को मई में प्रस्ताव भेजा जा चुका है। आईएएस अवॉर्ड की डीपीसी के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि आईपीएस अवॉर्ड की डीपीसी भी जल्द ही आयोजित होगी। इस प्रक्रिया में रापुसे के 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।
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क्या है आईएएस अवॉर्ड की प्रक्रिया
राज्य सरकार आईएएस अवॉर्ड के लिए बिना किसी विभागीय जांच और आपराधिक मामलों से संबंधित सीनियर अपर कलेक्टरों की सूची तैयार कर यूपीएससी को भेजती है। यूपीएससी अध्यक्ष एक सदस्य को डीपीसी के लिए नामित करते हैं। यह सदस्य मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव के साथ बैठक करके सूची को अंतिम रूप देते हैं। समिति द्वारा नामों की सिफारिश किए जाने के बाद इसे डीओपीटी को भेजा जाता है, जहां से डीपीसी की बैठक तय होती है और बैठक के बाद आईएएस अवॉर्ड की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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प्रमोशन का असर
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए यह प्रमोशन एक बड़ा अवसर है, क्योंकि यह उन्हें उच्च पदों पर कार्य करने का मौका देता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोशन से इन अधिकारियों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके करियर को नई दिशा मिलेगी।
FAQ
- 1. डीपीसी (Departmental Promotion Committee) का क्या महत्व है?
डीपीसी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोट किया जाता है। इसमें वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर अफसरों के नामों पर विचार किया जाता है। - 2. आईएएस अवॉर्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है?
आईएएस अवॉर्ड प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार अपने अफसरों की सूची यूपीएससी को भेजती है, जहां से नामों की सिफारिश की जाती है। इसके बाद डीओपीटी को भेजकर डीपीसी की बैठक में निर्णय लिया जाता है। - 3. कौन से अफसर इस बार आईएएस अवॉर्ड के लिए प्रमोट किए जा सकते हैं?
इस बार आईएएस अवॉर्ड के लिए प्रमुख दावेदारों में एनपी नामदेव, डॉ. कैलाश बुंदेला, कमलचंद नागर, और मनोज मालवीय के नाम शामिल हैं। हालांकि, विभागीय जांच के कारण कुछ अफसरों को प्रमोशन से वंचित किया जा सकता है।
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