कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने रीवा प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा, लगाए गंभीर आरोप, कलेक्टर को आना पड़ा बीच में

Sourabh Bhatnagar | Oct 02, 2025, 14:26 IST
Congress MLA Abhay Mishra staged-silent-protest
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन के खिलाफ मौन धरना दिया। प्रशासन पर भेदभाव और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान में नाकामी के आरोप लगाए।

गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के दिन Rewa के सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर उन्हें बैठकों (रीवा जिला प्रशासन की बैठक) और योजनाओं से दूर रख रहा है सिर्फ इसलिए क्योंकि वे कांग्रेस पार्टी से हैं। उनका विरोध कलेक्टर कार्यालय के सामने था, जहां उन्होंने मौन धरने पर बैठने का फैसला किया।



c925e51b-ae7


बैठक में नहीं बुलाने का आरोप

पूरे मामले की शुरुआत 25 सितंबर को हुई एक समीक्षा बैठक से हुई, जो कि ACS रश्मि अरुण शमी के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। विधायक अभय मिश्रा का आरोप है कि उन्हें इस बैठक की जानकारी नहीं दी गई, न ही उन्हें पत्र भेजा गया, न ही फोन के जरिए सूचना दी गई। हालांकि, उन्होंने यह बताया कि अन्य सभी विधायक और जनप्रतिनिधि बैठक में आमंत्रित किए गए थे, लेकिन उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।



d8392dd6-7b5


पहले भी बैठकों से रखा बाहर

विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब उन्हें बैठकों से बाहर रखा गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 18 मई 2025 को रीवा के सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री की एक बैठक हुई थी, जिसमें कांग्रेस विधायक को बुलाया ही नहीं गया था। उस समय भी उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा और अन्य नेताओं के साथ मिलकर सड़क पर बैठकर विरोध किया था। वे उस दौरान जमीन पर लेट गए थे, ताकि अपनी नाराजगी जाहिर कर सकें।



ये खबरें भी पढ़ें...



MP IAS Transfer : पहली बार एमपी के 17 जिलों की कमान अफसर बिटियाओं के हाथ



14 साल के वनवास के बाद IAS नेहा मारव्या को मिली थी कलेक्टरी, 8 महीने में ही हो गया तबादला



जानबूझकर किसानों को परेशान कर रहे

विधायक ने सेमरिया क्षेत्र में हो रही समस्याओं को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कर्मचारी जानबूझकर किसानों को परेशान कर रहे हैं। इन आरोपों से यह स्पष्ट होता है कि विधायक का गुस्सा न सिर्फ प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ है, बल्कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भी गंभीर हैं।



कलेक्ट्रेट परिसर में जमीन पर लेट

51feeedb-325


धरने के दौरान विधायक अभय मिश्रा ने पहले शांतिपूर्वक कलेक्ट्रेट परिसर में बैठकर विरोध किया, लेकिन कुछ समय बाद वे जमीन पर लेट गए। यह दृश्य मीडिया के कैमरों में कैद हो गया और इसने प्रशासन और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। उनका यह विरोध प्रदर्शन क्षेत्रीय राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है।



ये खबरें भी पढ़ें...



रीवा एसपी पर विवादित बयान देकर अपनी सारी मर्यादा लांघ गए कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा



कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा की बर्बरता, सैलरी मांगी तो कर्मचारी पर बरसाईं लाठियां! केस दर्ज



क्या बोलीं कलेक्टर प्रतिभा पाल

इस पूरे मामले पर रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल का कहना था कि विधायक के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। आईएएस प्रतिभा पाल नेबताया कि सभी जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। जिला प्रशासन ने विधायक के आरोपों को खारिज कर दिया है और मामले को तूल देने की कोशिश की निंदा की है।





Tags:
  • गांधी जयंती
  • रीवा
  • रीवा जिला प्रशासन की बैठक
  • आईएएस प्रतिभा पाल
  • रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल
  • कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा