करोड़ों का ठेका फिर क्यों ESB की चार भर्ती परीक्षा में फेल हुए सर्वर
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने MPESB के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- कर्मचारी चयन मंडल की चार भर्ती परीक्षाएं रद्द होने से जमा हुए हजारों छात्र।
- विद्यार्थी परिषद और दूर- दूर से आए छात्रों ने चयन मंडल से मांगा जवाब।
- कंपनियों को करोड़ों देने पर गड़बड़ी के लिए क्यों नहीं तय हो रही जिम्मेदारी।
- छात्रों ने लगाए कर्मचारी चयन मंडल पर भविष्य से खिलवाड़ के आरोप।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के दफ्तर के बाहर हुआ। MPESB ने वनरक्षक, जेल प्रहरी, सहायक जेल अधीक्षक भर्ती और क्षेत्र प्रहरी की परीक्षा रद्द की है।
दूसरी पाली सर्वर में खराबी के कारण निरस्त हुई। ABVP ने इसे छात्रों के साथ अन्याय कहा है। संगठन ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश स्तर की परीक्षा अचानक रद्द होने से छात्र परेशान हैं। हजारों परीक्षार्थियों को मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी है। उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ है। दूर से आए छात्रों को आर्थिक नुकसान हुआ है। छात्रों के मन में परीक्षा सिस्टम पर सवाल उठे हैं। उनके अंदर असंतोष और निराशा है।
भविष्य से हो रहा खिलवाड़
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे एबीवीपी ने छात्र नेताओं ने कर्मचारी चयन मंडल की बेरुखी पर आक्रोश जताया। मध्य भारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी का कहना था आखिरी समय पर परीक्षा रद्द होना सरासर गलत है।
यह छात्रों के साथ अन्याय और उनके भविष्य से खिलवाड़ है। परीक्षा जीवन का अहम पड़ाव है। छात्र सालों तक कड़ी मेहनत करके तैयारी करते हैं। ऐसे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।
करोड़ों खर्च करने का क्या फायदा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ प्रदर्शन में पहुंचे छात्रों का कहना था कर्मचारी चयन मंडल की मनमानी खत्म नहीं हो रही है। सालों से मंडल पर परीक्षाओं में गड़बड़ी, रिजल्ट में देरी से लेकर तमाम आरोप लगते रहे हैं।
ईएसबी परीक्षाओं के संचालन के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों का सहारा लेता है। उन्हें करोड़ों रुपए के ठेके दिए जाते हैं। हाल ही में एप्टेक जैसी कंपनियों को काम दिए गए उनकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने से नाराज अभ्यर्थी भी सोमवार को प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदेश के दूर दराज जिलों से आए अभ्यर्थियों का कहना था उनसे अच्छी खासी राशि परीक्षा फीस के रूप में ली जा रही है। इसके बावजूद ऐसा खिलवाड़ हो रहा है। उनका कहना था कर्मचारी चयन मंडल की ऐसी गलती स्वीकार करने लायक नहीं हैं।
चार भर्ती परीक्षाओं में एक जैसी समस्या बताकर रद्द करने से लाखों अभ्यर्थी परेशान हुए हैं। इसके लिए जांच की जानी चाहिए और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई भी होनी चाहिए। एबीवीपी ने भी सरकार से उच्च स्तरीय जांच समिति बनाकर इसकी जांच कराने की मांग की है।
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