चंबल के बीहड़ों से गुजरेगा ये एक्सप्रेस वे: 120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- दिल्ली से ग्वालियर अब सिर्फ 4 घंटे में पहुंचे।
- 4613 करोड़ के एक्सप्रेस वे से बदलेगी तीन राज्यों की तस्वीर।
- आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे पर दौड़ेंगी 120 की स्पीड से गाड़ियां।
- चंबल के बीहड़ों से गुजरेगा नया सुपरवे, जानें रूट।
- 63 गांवों को मिलेगा नए एक्सप्रेस वे का सीधा फायदा।
BHOPAL. दिल्ली और ग्वालियर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब यह दूरी 6-7 घंटे की बजाय सिर्फ 4 घंटे में तय होगी। इसके पीछे वजह है एक नया एक्सप्रेस वे। इसका नाम आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे है।
यह एक्सप्रेस वे 88 किलोमीटर लंबा है। इसे बनाने में करीब 4,613 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। यह प्रोजेक्ट तीन राज्यों के 63 गांवों की सूरत बदलने वाला है। इनमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
कितनी तेज होगी यह सड़क
एनएचएआई (NHAI – National Highways Authority of India) ने आगरा से ग्वालियर के बीच इस हाई-स्पीड एक्सप्रेस वे पर काम तेज कर दिया है। यह शुरुआत में 6-लेन का होगा। बाद में इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
इस एक्सप्रेस वे पर गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इससे आगरा से ग्वालियर की दूरी सिर्फ 75 से 80 मिनट में पूरी होगी। अभी इस सफर में एनएच-44 पर जाम के चलते 6 से 7 घंटे लग जाते हैं।
चंबल के बीहड़ों से गुजरेगा रास्ता
इस एक्सप्रेस वे का एक बड़ा हिस्सा चंबल नदी और उसके बीहड़ों के पास से गुजरेगा। यह इलाका काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। सफर आसान बनाने के लिए इस रूट पर 8 बड़े पुल बनाए जा रहे हैं। साथ ही 23 छोटे पुल और 6 फ्लाईओवर भी बनेंगे।
एक रेलवे ओवरब्रिज भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है। चंबल वाइल्डलाइफ सेंचुरी संवेदनशील क्षेत्र है। इसलिए यहां खास ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। जानवरों के आने-जाने के लिए अंडरपास भी तैयार किए जाएंगे।
किन राज्यों से गुजरेगा एक्सप्रेस वे
यह एक्सप्रेस वे तीन राज्यों से होकर गुजरेगा। उत्तर प्रदेश में यह 20.2 किलोमीटर लंबा होगा और आगरा जिले से गुजरेगा। इसमें देवरी, धनौली और शमशाबाद जैसे 14 गांव शामिल हैं।
राजस्थान में यह 27 किलोमीटर लंबा होगा। यह धौलपुर जिले से गुजरेगा और मनिया, बरेह व जाटोली सहित 18 गांवों को छुएगा। मध्य प्रदेश में यह सबसे लंबा हिस्सा होगा, यानी 41.2 किलोमीटर। यह मुरैना और ग्वालियर जिलों से गुजरेगा और रिठौरा, बानमोर व सुसेरा सहित 31 गांवों को जोड़ेगा।
कब से शुरू होगा सफर
यह एक्सप्रेस वे आगरा के देवरी गांव से शुरू होगा। यह ग्वालियर बाईपास के पास सुसेरा गांव पर खत्म होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 93 फीसदी से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण पहले ही हो चुका है।
एनएचएआई ने इसे 2027-2028 तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा है। मुरैना के पास इसका इंटरचेंज अटल प्रगति पथ से जुड़ेगा। इससे यह कोटा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे ग्रिड से भी जुड़ जाएगा।
तीन राज्यों को मिलेगा फायदा
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से सिर्फ यात्रा का समय ही नहीं घटेगा, बल्कि आसपास के इलाकों का विकास भी तेज होगा। जिन 63 गांवों से यह गुजर रहा है, वहां व्यापार और आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जुड़ने के बाद इसका फायदा और बड़े इलाके को मिलेगा।
FAQ
- दिल्ली से ग्वालियर पहुंचने में कितना समय लगेगा?
नया एक्सप्रेस वे बनने के बाद दिल्ली से ग्वालियर सिर्फ 4 घंटे में पहुंचा जा सकेगा। अभी इस सफर में 6 से 7 घंटे लगते हैं। इससे समय की काफी बचत होगी। - आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस वे की लागत कितनी है?
यह एक्सप्रेस वे करीब 4,613 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है। यह 88 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें कई पुल और फ्लाईओवर भी शामिल हैं। - यह एक्सप्रेस वे कब तक बनकर तैयार होगा?
एनएचएआई ने इसे 2027-2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 93 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। यह तीन राज्यों के 63 गांवों को जोड़ेगा।
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