कृषि मेले की चमक बनाम किसान की चुप्पी: रायसेन में जीतू पटवारी को रोका, सियासत गरम

Ramanand Tiwari | Apr 13, 2026, 22:49 IST
jeetu patwari
मध्यप्रदेश में कृषि मेले को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को रायसेन के कृषि मेले में जाने से पुलिस ने रोक दिया। पटवारी ने कहा कि वे केवल संवाद के लिए जा रहे थे।

मध्यप्रदेश में कृषि वर्ष और बड़े कृषि मेले के बीच सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को रायसेन के कृषि मेले में जाने से पुलिस ने रोक दिया। पटवारी का कहना है कि वे टकराव नहीं, संवाद के लिए जा रहे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें अनुमति नहीं दी।



क्या है पूरा मामला?

रायसेन में आयोजित कृषि मेले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। सरकार इसे किसानों के लिए ऐतिहासिक पहल बता रही है, जबकि विपक्ष जमीनी हकीकत पर सवाल उठा रहा है। इस बीच, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जब मेले में शामिल होने निकले, तो पुलिस ने उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोक लिया।



संवाद से भी डर रही सरकार

जीतू पटवारी ने कहा कि उनका मकसद किसी तरह का टकराव नहीं था। वे सिर्फ मेले में जाकर आधुनिक खेती को समझना और किसानों से बातचीत करना चाहते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की मौजूदगी से घबरा रही है, इसलिए उन्हें मेले तक पहुंचने ही नहीं दिया गया।



पहले मांगी अनुमति

पटवारी के मुताबिक, उन्होंने पहले ही प्रशासन को पत्र लिखकर मेले में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि अनुमति नहीं मिलेगी, तो वे अंतिम दिन जाएंगे। लेकिन कार्यक्रम के दिन उन्हें पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिसमें साफ कहा गया कि सरकार नहीं चाहती कि वे मेले में आएं।



पटवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। रायसेन जाने वाले रास्तों पर बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही और उनके काफिले को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। इस घटनाक्रम ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।



कृषि मेले पर सवाल

पटवारी ने कहा कि जहां एक तरफ बड़े-बड़े मंत्री और नेता कृषि मेले में शामिल हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ किसान मंडियों में परेशान है। उनका दावा है कि कई जगह किसानों को गेहूं का दाम 2000 रुपए से कम मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।



मेले में जाने से पहले पटवारी को रोका

रायसेन में कृषि मेले में जाने से पहले पटवारी को रोका गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को दूर रख रही है। पटवारी ने कहा कि वे टकराव नहीं, संवाद चाहते थे। अनुमति के लिए पहले ही पत्र लिखा गया था। रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। किसानों को उचित दाम नहीं मिलने का मुद्दा उठाया गया।



कृषि वर्ष पर दो अलग-अलग दावे

प्रदेश में सरकार कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का प्रचार कर रही है। मेले के जरिए इसे बड़े मंच पर दिखाया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि असली तस्वीर मंडियों और गांवों में दिखती है। वहां किसान सही दाम और राहत के लिए जूझ रहे हैं। रायसेन की यह घटना राजनीतिक टकराव की झलक है। कागज पर विकास और जमीन की हकीकत आमने-सामने हैं। अब सवाल है कि किसानों के मुद्दों पर संवाद होगा या सियासत हावी रहेगी।



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