AIG राजेश मिश्रा पर रेप केस करने थाने पहुंची युवती, घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौटी
क्या है पूरा मामला
- राजस्थान की एक युवती ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है।
- युवती एफआईआर दर्ज कराने भोपाल के श्यामला हिल्स थाने पहुंची थी।
- पुलिस ने घंटों इंतजार कराने के बाद भी मामला दर्ज नहीं किया।
- विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि पहले ही हो चुकी है, ऐसा युवती का दावा है।
- आरोपी अधिकारी पीटीआरआई में एआईजी के पद पर पदस्थ हैं।
क्या है पूरा विवाद
राजस्थान की एक युवती ने गंभीर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पीटीआरआई (Police Training and Research Institute) में पदस्थ एआईजी राजेश कुमार मिश्रा ने शादी का झांसा दिया। इसी झांसे में उसका शारीरिक और आर्थिक शोषण किया गया। युवती ने इस मामले में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की है। लेकिन आरोप है कि शुक्रवार को पुलिस ने उसे बिना मामला दर्ज किए वापस भेज दिया।
युवती का कहना है कि पीएचक्यू की विभागीय जांच में उसके आरोप सही पाए गए थे। जांच के बाद आरोप पत्र भी सौंपा जा चुका है। इसके बावजूद पुलिस मामला दर्ज करने से बच रही है। युवती को इस रवैये से गहरा झटका लगा है।
थाने में क्या हुआ
युवती अपने वकील के साथ दोपहर 12 बजे श्यामला हिल्स थाने पहुंची थी। उस दिन थाना प्रभारी छुट्टी पर थे। इसलिए उसने प्रभारी टीआई गोमेंद्र सिंह को आवेदन दिया। कुछ देर बाद अतिरिक्त डीसीपी शालिनी दीक्षित ने युवती को अपने कार्यालय बुलाया।
वहां भी युवती को सिर्फ आश्वासन मिला। घंटों इंतजार के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई। आखिरकार युवती को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवती का कहना है कि यह उसका पुलिस के पास पहला प्रयास नहीं है।
विभागीय जांच में खुलासा
इस मामले में पहले हुई विभागीय जांच में कई अहम बातें सामने आई थीं। जांच में पता चला कि राजेश मिश्रा अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ जयपुर के एक होटल में ठहरे थे। इस ठहरने का 1.19 लाख रुपए का भुगतान युवती ने किया था। सीसीटीवी फुटेज और भुगतान रसीदों से इसकी पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट में और भी खर्चों का जिक्र है। डिजाइनर कपड़ों पर करीब 3.07 लाख रुपए खर्च हुए। ज्वेलरी पर 27.09 लाख रुपए खर्च होने की बात भी सामने आई। रिपोर्ट में भोपाल, दिल्ली और मुंबई के होटलों में ठहरने का भी उल्लेख है। जुलाई 2025 के बाद दोनों के बीच 300 से ज्यादा वीडियो और वॉयस कॉल हुए थे। यह सभी तथ्य विभागीय जांच रिपोर्ट का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
अब आगे क्या होगा
युवती का कहना है कि वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आगे भी प्रयास करेगी। उसके वकील ने भी पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए हैं। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक औपचारिक कार्रवाई शुरू करती है। मामले से जुड़े कई दस्तावेज पहले ही पुलिस के पास मौजूद बताए जा रहे हैं।
यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। पीड़िता की तरफ से आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस महकमे में भी इस घटनाक्रम को लेकर हलचल है।
चलिए पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं…
2025 में राजस्थान की एक फैशन डिजाइनर ने मप्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल (AIG) राजेश मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें धोखाधड़ी और शारीरिक- मानसिक उत्पीड़न के आरोप शामिल थे।
इसके बाद मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तरुण नायक को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंप दी थी। जनवरी 2026 में एआईजी मिश्रा (aig rajesh mishra) को सीआईडी से हटाकर पीटीआरआई भेज दिया था।
ये हैं मुख्य आरोप...
- महिला का दावा है कि फरवरी 2025 में एक शादी के दौरान एआईजी राजेश मिश्रा से मुलाकात हुई थी।
- इसके बाद मिश्रा ने बुटीक बिजनेस में साझेदारी का लालच देकर महिला से पैसे ऐंठ लिए।
- राजेश मिश्रा और महिला होटल हॉलीडे में ठहरे, जिसका एक लाख रुपए किराया महिला ने दिया।
- जयपुर में ही महिला के पैसों से राजेश मिश्रा ने अपने परिवार के सदस्यों के लिए तीन लाख के कपड़े खरीदे।
- इसके अलावा करीब 27 लाख की ज्वेलरी भी महिला के पैसों से ही खरीदी गई।
- नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर में पति-पत्नी बनकर हवन और होटलों में शारीरिक शोषण के आरोप भी लगे हैं।
- यात्राओं के दौरान महंगे होटलों, शॉपिंग और गिफ्ट्स पर लाखों खर्च कराए गए, जिन्हें लौटाने का वादा राजेश मिश्रा ने किया था, लेकिन बाद में नंबर ही ब्लॉक कर दिया।
अब खबर विस्तार से…
कोर्ट के माध्यम से पुलिस तक आई शिकायत में जयपुर की इस फैशन डिजाइनर ने दावा किया था कि राजेश मिश्रा और उनकी पत्नी ने विश्वास जीतने के लिए उन्हें अपने फैशन बुटीक और बिजनेस में साझेदारी का वादा किया। इसके बाद धीरे-धीरे उन पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का दबाव बनाया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मिश्रा ने उनका फायदा उठाकर महंगे होटल और रेस्टोरेंट्स में लाखों रुपए खर्च करवाए। साथ ही उनके नाम पर महंगी ज्वेलरी भी खरीदी, जिसका भुगतान बाद में नहीं किया गया। इतना ही नहीं, जयपुर में 27 लाख रुपए के डायमंड ज्वेलरी की खरीद भी की गई, लेकिन यह रकम वापस करने का वादा पूरा नहीं हुआ।
साथ में ठहरे थे कई होटलों में
पिछले साल फरवरी में दोनों की पहली मुलाकात के बाद से ही दोनों लगातार संपर्क में रहे। इसके बाद राजेश मिश्रा (MP Police) ने फैशन डिजाइनर के साथ कई यात्राएं कीं। आरोप है कि इन यात्राओं में लाखों रुपए खर्च किए गए और उनसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी दबाव डाला गया। पीड़िता के पास इन घटनाओं के सबूत के रूप में होटल और ट्रांजेक्शन बिल, ज्वेलरी खरीद की रसीदें, क्रेडिट कार्ड के विवरण और तस्वीरें मौजूद हैं।
पति- पत्नी बनकर किया था हवन
इतना ही नहीं, एक और चौंकाने वाला आरोप सामने आया, जिसमें फैशन डिजाइनर ने बताया कि राजेश मिश्रा और उन्होंने नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर में एक साथ हवन किया था। वहां ये दोनों पति-पत्नी के रूप में मौजूद थे। पीड़िता का कहना है कि 6 अक्टूबर के बाद से मिश्रा ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया, और उनके बीच संपर्क भी टूट गया।
ये खबरें भी पढें...
'द सूत्र' की खबर के बाद एक्शन; सरकार ने एआईजी राजेश मिश्रा पर कसा शिकंजा, अब आरोप पत्र जारी
एआईजी राजेश मिश्रा पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, सबूत के बाद भी जांच का ड्रामा कर रही मध्यप्रदेश पुलिस
एमपी पुलिस सूबेदार और एएसआई परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक