अजाक्स विवाद में बड़ा अलर्ट: IAS संतोष वर्मा की शिकायत- 16 अप्रैल को हमले की साजिश, पुलिस की भूमिका पर भी सवाल
भोपाल में अजाक्स भवन को लेकर विवाद अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। प्रांतीय अध्यक्ष संतोष वर्मा (IAS) ने पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर 16 अप्रैल को संभावित हमले और साजिश की आशंका जताई है। चौंकाने वाली बात यह है कि पहले की कई शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अब पुलिस की भूमिका भी सवालों में है।
क्या है पूरा मामला?
अजाक्स की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि मुकेश मौर्य और उसके साथियों द्वारा अजाक्स भवन में तोड़फोड़ और मारपीट की योजना बनाई गई है। यह भी आरोप है कि घटना के बाद अजाक्स पदाधिकारियों पर झूठे केस दर्ज कराकर गिरफ्तारी की साजिश रची जा रही है।
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किस-किस को भेजी गई शिकायत?
- पुलिस महानिदेशक (DGP), मध्य प्रदेश
- पुलिस आयुक्त, भोपाल
- सहायक पुलिस आयुक्त, टीटी नगर
- थाना प्रभारी, टीटी नगर
यानी मामला स्थानीय नहीं, बल्कि सिस्टम स्तर तक पहुंच चुका है।
आरोप: आपराधिक तत्वों की इंट्री
शिकायत में योगेश दण्डोतिया का नाम प्रमुखता से लिया गया है। बताया गया है कि उसके खिलाफ पहले से 12 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा कुछ असामाजिक तत्वों और महिलाओं की भी संलिप्तता का आरोप लगाया गया है, जो लगातार अजाक्स कार्यालय के आसपास सक्रिय हैं।
पुलिस पर गंभीर आरोप
अजाक्स का कहना है कि 20 मार्च से 11 अप्रैल तक कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा मुकेश मौर्य के आवेदन पर एकतरफा कार्रवाई कर दी गई। संघ का आरोप है कि इस रवैये से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए हैं।
कब्जे की कोशिश का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मुकेश मौर्य एक निजी कर्मचारी है और उसका अजाक्स भवन पर कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। इसके बावजूद वह कथित तौर पर असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर भवन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा है।
हाईकोर्ट भी ले चुका संज्ञान
मामला अब न्यायालय तक पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने WP 12454/2026 में पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इस पर अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित है।
क्या है अजाक्स की मांग?
संघ ने अपनी शिकायत में साफ मांग रखी है: मुकेश मौर्य को अजाक्स भवन में प्रवेश से रोका जाए संभावित हमले को देखते हुए तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की जाए संबंधित लोगों पर आपराधिक मामला दर्ज कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो
मुख्य बिंदु
- संतोष वर्मा (IAS) ने पुलिस को लिखी शिकायत
- 16 अप्रैल को संभावित हमले और साजिश की आशंका
- मुकेश मौर्य और सहयोगियों पर गंभीर आरोप
- कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
- पुलिस पर एकतरफा रवैये का आरोप
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हाईकोर्ट ने भी मामले में नोटिस जारी किया
अजाक्स भवन का यह विवाद अब कानून-व्यवस्था का मुद्दा बनता जा रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो 16 अप्रैल को स्थिति बिगड़ने का खतरा खुद शिकायत में जताया गया है। अब निगाह पुलिस और प्रशासन पर है—क्या वे समय रहते कदम उठाएंगे या फिर किसी बड़ी घटना के बाद हरकत में आएंगे?