जिस CSP नेहा पच्चीसिया से छीने तीन थाने, उन पर हत्या के आरोपी ने लगाए सनसनीखेज आरोप
समझें क्या है पूरा मामला
- कटनी में हत्या के आरोपी आकाश लोधी ने सीएसपी पर आरोप लगाए हैं।
- आरोप है, परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया।
- जेल से छुड़ाने के नाम पर 75 लाख रुपए मांगे गए।
- इससे पहले एक ट्रांसपोर्टर ने भी रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
- दोनों मामलों की जांच जबलपुर एएसपी अनु बेनीवाल को सौंपी गई है।
कटनी में एक हत्या के आरोपी ने सीएसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सीएसपी यानी सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस नेहा पच्चीसिया हैं। आरोपी आकाश लोधी का दावा है, परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया। जेल से छुड़ाने के नाम पर 75 लाख रुपए भी मांगे गए। इससे पहले एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने भी रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। अब दोनों मामलों की जांच जबलपुर एएसपी को सौंपी गई है।
हत्या के आरोपी का ताजा दावा
कटनी पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को हत्या का मामला दर्ज किया था। यह मामला एक आदिवासी युवक से जुड़ा है। इसमें मुख्य आरोपी आकाश लोधी को गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि इस मामले में अभी दोष सिद्ध होना बाकी है। आकाश तीन महीने जेल में रहा। वह 7 जुलाई को डिफॉल्ट जमानत पर बाहर आया। बाहर आते ही उसने ये गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि गिरफ्तारी के बाद उस पर दबाव बनाया गया। कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा ने यह दबाव डाला। सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर भी यही आरोप है।
परिवार को दो दिन बैठाया गया
आकाश के मुताबिक, पिता रमेश लोधी को दो दिन सीएसपी के घर बैठाया गया। इसके बाद 15 अप्रैल को उन्हें सरकारी वाहन से गांव कन्हवारा ले जाया गया। वहां खसरा नंबर 2618/1 की जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। यह जमीन करीब 2.15 हेक्टेयर बताई जा रही है। आकाश का आरोप है कि यह सब दबाव में कराया गया। परिवार के पास कोई और विकल्प नहीं छोड़ा गया था।
जमीन सौदे में गड़बड़ी का आरोप
आकाश के मुताबिक, जमीन की सरकारी गाइडलाइन कीमत करीब 82 लाख रुपए थी। लेकिन जमीन का सौदा 1.07 करोड़ रुपए में कराया गया। आरोप है कि रजिस्ट्री के समय सिर्फ 15 लाख रुपए का चेक दिया गया। बाकी 92 लाख रुपए सात दिन में देने का आश्वासन दिया गया था। आकाश का दावा है, 15 लाख रुपए दलाली के नाम पर रखे गए। बचे हुए 75 लाख रुपए रमेश लोधी को मिलने थे। आरोप है कि यह रकम आज तक नहीं मिली। आपत्ति के बावजूद जमीन का नामांतरण मारूफ अहमद हनफी के नाम कर दिया गया।
जेल से छूटने की शर्त
आकाश का आरोप है कि जमीन का पैसा नहीं मिला। इसलिए पिता ने शिकायत की। रमेश लोधी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। साथ ही नामांतरण पर आपत्ति भी दर्ज कराई। इसके बाद रमेश लोधी और उनके दामाद सतीश लोधी को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को जेल भेज दिया गया। आकाश का दावा है, फिर मृतक पक्ष और सीएसपी ने 75 लाख मांगे। उनसे कहा गया, जेल से बाहर आना है तो 75 लाख दो। आरोप है कि पैसे मिलने पर कोर्ट में बयान भी बदल दिए जाएंगे। इसके बाद सभी आरोपी जेल से बाहर आ जाते।
कई जगह पहुंची शिकायत
आकाश लोधी के परिवार ने यह मामला कई जगह उठाया है। सबसे पहले कटनी और भोपाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके बाद मामले की गुहार मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाई गई। परिवार ने मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है। आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इसके अलावा परिवार ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। कोर्ट में भी याचिका दायर की जा चुकी है।
पुराना मामला भी जुड़ा
आकाश के आरोपों से पहले सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर एक और आरोप लगा था। नेहा पच्चीसिया के खिलाफ शिकायतें ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन ने शुरू कीं। महेंद्र जैन का आरोप है कि 21 जुलाई की रात वाहन चेकिंग हुई। इस दौरान रेत और डोलोमाइट ले जा रहे उनके हाईवा वाहन रोके गए। आरोप है कि इन वाहनों को रोककर 30 हजार रुपए मांगे गए। शिकायत के मुताबिक, मौके पर 25 हजार रुपए नकद लिए गए। बाकी 5 हजार रुपए अगले दिन सीएसपी के ड्राइवर के जरिए मंगवाए गए। हालांकि बाद में महेंद्र जैन अपने बयान से पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ड्राइवर सस्पेंड, थाना बदला
कटनी एसपी (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) अभिनय विश्वकर्मा ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की। शिकायत और सबूतों के आधार पर कार्रवाई हुई। सीएसपी के ड्राइवर कॉन्स्टेबल केशव सिंह को निलंबित कर दिया गया। साथ ही सीएसपी नेहा पच्चीसिया से तीन थानों का प्रभार भी हटा लिया गया। कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों की जिम्मेदारी अब उनके पास नहीं है। यह प्रभार एजेके (अनुसूचित जनजाति एवं जाति अत्याचार निवारण) डीएसपी शिवा पाठक को मिला। महेंद्र जैन का कहना है कि उनकी सभी गाड़ियां वैध परिवहन में लगी थीं। उनका आरोप है कि चेकिंग के नाम पर जबरन वसूली की गई।
क्या कहना है अफसरों का
सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने इस मामले में अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ड्राइवर को निलंबित किया गया है। साथ ही थाना प्रभार में भी बदलाव किया गया है। शिकायतकर्ता महेंद्र जैन के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। आईजी (इंस्पेक्टर जनरल) के आदेश पर जांच एएसपी को सौंपी गई। जबलपुर की एएसपी (एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) अनु बेनीवाल यह जांच करेंगी।
दोनों मामलों की जांच जारी
अब दोनों मामलों की जांच एक ही अधिकारी करेंगी। इसमें ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली का मामला शामिल है। इसके साथ ही हत्या के आरोपी की शिकायत भी शामिल है। अनु बेनीवाल ने कहा कि सभी आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से होगी। संबंधित सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल सीएसपी नेहा पच्चीसिया की तरफ से कोई सफाई सामने नहीं आई है। पुलिस विभाग ने भी अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है।
जरूरी FAQ
आकाश लोधी ने कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर क्या आरोप लगाया है?
आकाश लोधी हत्या के मामले में आरोपी है, जिसमें अभी दोष सिद्ध होना बाकी है। उसका दावा है कि गिरफ्तारी के बाद परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया। जमीन का सौदा 1.07 करोड़ रुपए में हुआ, पर परिवार को सिर्फ 15 लाख रुपए मिले। जेल से छुड़ाने के नाम पर बाकी 75 लाख रुपए मांगे जाने का आरोप है।
इस मामले में परिवार ने कहां-कहां शिकायत की है?
आकाश लोधी के परिवार ने कटनी और भोपाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मानवाधिकार आयोग और अदालत में भी गुहार लगाई गई है। अब इस पूरे मामले की जांच जबलपुर एएसपी अनु बेनीवाल को सौंपी गई है।
CSP नेहा पच्चीसिया पर पहले क्या आरोप लगा था?
ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन ने आरोप लगाया था कि वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रुपए मांगे गए। इस शिकायत के बाद सीएसपी के ड्राइवर कॉन्स्टेबल केशव सिंह को निलंबित किया गया। साथ ही सीएसपी से तीन थानों का प्रभार भी हटा लिया गया। यह मामला भी अब जबलपुर एएसपी की जांच के दायरे में है।
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