आकृति बिल्डर्स के हेमंत सोनी ने अपने ही वकील को बेची प्रॉपर्टी, सुप्रीम कोर्ट बोला- क्या नॉनसेंस है
समझें क्या है पूरा मामला
- आकृति बिल्डर्स (एजी-8) पर निवेशकों की राशि लौटाने में चूक का आरोप है।
- 28 निवेशकों ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर रखी है।
- सुनवाई में आरोप लगा कि हेमंत सोनी ने अपने वकील संभव सोगानी को करीब 2.85 करोड़ की पांच प्रॉपर्टी बेच दीं।
- सुप्रीम कोर्ट ने सौदे पर कड़ी टिप्पणी की और पांचों सेल डीड निरस्त करने की बात कही है।
- कोर्ट ने दो महीने में राशि ब्याज सहित लौटाने का समय दिया, वरना जेल भेजने की चेतावनी दी।
निवेशकों से करोड़ों रुपए लेने के बाद भी प्रॉपर्टी नहीं देने के मामले में घिरे भोपाल के आकृति बिल्डर्स (एजी-8) के प्रमुख हेमंत सोनी और राजीव सोनी पर जेल जाने की नौबत आ गई है।
इस मामले में 28 निवेशकों ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की हुई है। इन्हें राशि लौटाने का आदेश हुआ था लेकिन बिल्डर ने भुगतान नहीं किया। वहीं जब 3 व 4 जून को सुनवाई हुई तो इसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
निवेशकों ने बताया- प्रॉपर्टी अपने वकील को दे दी
निवेशकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल कौशिक और निवेशक भानु यादव कोर्ट में मौजूद थे। वहीं कोर्ट में हेमंत सोनी, उनके वरिष्ठ अधिवक्ता पुनित जैन और अधिवक्ता संभव सोगानी भी मौजूद थे।
इस दौरान निवेशकों की ओर से कहा गया कि आदेश के बाद भी राशि नहीं लौटाई गई। उधर बिल्डर द्वारा पांच प्रॉपर्टी, जिसकी कीमत करीब 2.85 करोड़ है, अपने वकील संभव सोगानी को बेच दी गई। अवमानना केस चलने के दौरान ही बिल्डर ने यह राशि अपने ही वकील के साथ सेल डीड कर ली थी।
इसमें प्लॉट, खेती की जमीन और व्यावसायिक जमीन शामिल है। यह भी सामने आया कि एक ही चेक अलग-अलग सौदों में लगे हैं। निवेशकों की ओर से इन्हें फेक चेक बताया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। बेंच ने कहा कि यह क्या नॉनसेंस चल रहा है। आप (वकील) ही प्रॉपर्टी खरीदते जा रहे हैं। इसमें क्लाइंट के साथ ही आपके हैंड-इन-ग्लव्स (मिलीभगत) हैं। आप केयरफुल रहें, आप इसके परिणाम समझ रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि दो पक्षों के विवाद में थर्ड पार्टी हित क्रिएट हो रहे हैं। हम सेल डीड कैंसल कर रहे हैं। यह टू मच है।
पांचों सेल डीड निरस्त करने की बात
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि वह वकील को बेची गई सभी प्रॉपर्टी की सेल डीड निरस्त कर रहा है। आकृति बिल्डर्स के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि वे अन्य प्रॉपर्टी बेचकर मामले को सुलझाने में लगे हैं। साथ ही कहा गया कि दो माह में निवेशकों की राशि लौटा देंगे।
सीधे जेल भेजा जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि दो माह में मामले का समाधान कीजिए। यदि राशि लौटाई जा रही है तो उसे ब्याज सहित लौटाइए, नहीं तो समय पूरा होने के बाद जेल भेज दिया जाएगा।
इसके बाद बिल्डर पक्ष ने फिर कहा कि बाजार की स्थिति के बीच वे प्रॉपर्टी बेचकर भुगतान का प्रयास कर रहे हैं। कोर्ट ने दोहराया कि दो माह का समय है, वरना जेल भेज देंगे। बता दें कि अगली पेशी पर पक्षकार हेमंत और राजीव सोनी को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या बोल रहे हैं सोगानी
वहीं इस संबंध में वकील सोगानी का कहना है कि बिल्डर के कई प्रोजेक्ट हैं। विवाद जिस प्रोजेक्ट को लेकर है, उसकी प्रॉपर्टी उन्होंने नहीं ली है। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति किसी से भी कहीं भी प्रॉपर्टी खरीद सकता है। जिस प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस है, वह प्रॉपर्टी उससे संबंधित नहीं है। यह अभी संबंधित पक्षकार द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इस मामले में उनका पक्ष भी सुना जाएगा।
इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल की भी मिलीभगत मिली थी
इस केस में पहली बार नहीं है कि बिल्डर हेमंत सोनी के मामले में विधिक व्यक्ति पर सवाल उठे हैं। इसके पहले जब आकृति बिल्डर्स दिवालिया हुए थे, तब IRP (Interim Resolution Professional) अनिल गोयल नियुक्त हुए थे। बाद में उन पर उंगलियां उठी और उनका लाइसेंस एक साल के लिए सस्पेंड हुआ।
आकृति बिल्डर्स से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें...
किस ठाठ से रह रहा हजारों लोगों को खून के आंसू रुलाने वाला आकृति बिल्डर्स का कर्ताधर्ता हेमंत सोनी?
क्या आकृति बिल्डर्स ने दैनिक भास्कर की मदद से खेला बड़ा खेल? कैसे तोड़ा 2000 परिवारों का सपना?
क्यों लग रहे आकृति बिल्डर्स और दैनिक भास्कर की मिलीभगत के आरोप..?