अशोकनगर में चार सगे भाईयों की कुएं में डूबने से मौत, जांच में जुटी पुलिस

Sandeep Kumar | Sept 14, 2026, 20:28 IST
अशोकनगर में चार सगे भाईयों की कुएं में डूबने से मौत
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में सोमवार को चार सगे भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। चारों बच्चे 10 साल से कम उम्र के थे। सुबह घर से निकलने के बाद वे खेलते-खेलते गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर खेतों की तरफ पहुंच गए थे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • चार सगे भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हुई।
  • सभी मृत बच्चों की उम्र दस वर्ष से कम थी।
  • बच्चों की दादी सुबह से उनकी तलाश कर रही थीं।
  • दोपहर दो बजे ग्रामीण ने कुएं में शव देखे।
  • प्रशासन ने पीड़ित परिवार को मुआवजे का भरोसा दिया।

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में दर्दनाक हादसा हुआ है। विक्रमपुर गांव में चार सगे भाइयों की कुएं में डूबकर मौत हो गई। सभी बच्चों की उम्र दस वर्ष से कम थी। बच्चे सोमवार सुबह खेलने के लिए घर से निकले थे। काफी देर बाद भी वे वापस नहीं लौटे। उनकी दादी सुबह से तलाश करती रहीं। दोपहर में खेत के कुएं में उनका शव दिखाई दिया।



चार भाइयों की मौत

अशोकनगर कुआं हादसा (Ashoknagar Well Accident) सोमवार को सामने आया। यह घटना चंदेरी क्षेत्र के विक्रमपुर गांव में हुई। चार सगे भाइयों की कुएं में डूबकर मौत हो गई। सभी बच्चे सुबह खेलने के लिए घर से निकले थे।



खेलते हुए चारों बच्चे गांव से बाहर चले गए। इसके बाद वे खेतों की तरफ पहुंच गए थे। परिवार को उनके बाहर जाने की जानकारी नहीं थी। काफी समय तक किसी ने बच्चों को खेतों में नहीं देखा।



पुलिस के अनुसार चारों बच्चे बलवीर कुशवाहा के बेटे थे। मृतकों में नौ वर्षीय देव सबसे बड़ा भाई था। सात वर्षीय त्रिदेव भी उसके साथ मौजूद था। छह वर्षीय महादेव और चार वर्षीय प्रियंश भी साथ थे।



दादी करती रहीं तलाश

बच्चों के पिता बलवीर कुशवाहा मजदूरी करते हैं। उनकी मां कुछ समय से मायके में रह रही हैं। चारों बच्चे अपनी दादी के साथ विक्रमपुर में रहते थे। दादी ही बच्चों की देखभाल कर रही थीं।



सोमवार सुबह चारों भाई घर से एकसाथ निकले थे। काफी देर तक बच्चे वापस घर नहीं पहुंचे। इससे उनकी दादी की चिंता लगातार बढ़ने लगी। उन्होंने गांव में बच्चों की तलाश शुरू कर दी।



दादी ने आसपास रहने वाले लोगों से जानकारी मांगी। उन्होंने गांव की गलियों और परिचितों के घर तलाशे। किसी ग्रामीण के पास बच्चों की सही जानकारी नहीं थी। दादी को उनके खेतों की तरफ जाने का पता नहीं था।



बच्चों की तलाश (Missing Children Search) कई घंटे तक चलती रही। परिवार ने संभावित जगहों पर जाकर बच्चों को खोजा। इस दौरान चारों भाई कुएं में पड़े हुए थे। किसी व्यक्ति को हादसे की तत्काल जानकारी नहीं मिली।



पुराने घर पहुंचे बच्चे

ग्रामीणों ने बच्चों के खेतों की तरफ जाने की आशंका जताई। घटनास्थल के पास परिवार का एक पुराना घर है। बच्चे अक्सर अपनी दादी के साथ वहां जाते थे। इसलिए वे उस रास्ते से पहले से परिचित थे।



आशंका है कि चारों भाई पुराने घर तक पहुंचे। इसी दौरान वे पास बने कुएं की तरफ गए। वहां किसी बच्चे का संतुलन बिगड़ने की आशंका है। हालांकि हादसे का कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है।



बच्चे कुएं में कैसे गिरे यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी संभावित परिस्थितियों की जांच कर रही है। ग्रामीणों के बयान भी जांच में शामिल किए जाएंगे। मौके की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया है।



कुएं में बच्चों की मौत (Children Drowned in Well) गंभीर घटना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई कुएं खेतों के बीच बने रहते हैं। इनके आसपास बच्चों की पहुंच रोकने वाली सुरक्षा जरूरी है। हादसे की जांच के बाद वास्तविक कारण सामने आएगा।



ग्रामीण ने देखा शव

सोमवार दोपहर करीब दो बजे घटना का पता चला। एक ग्रामीण खेतों की तरफ किसी काम से पहुंचा था। उसकी नजर कुएं में पड़े बच्चे के शव पर गई। उसने तुरंत आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी।



सूचना मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल की तरफ पहुंचने लगे। इसके बाद बच्चों के परिवार को भी जानकारी दी गई। चारों बच्चों की तलाश कर रही दादी वहां पहुंचीं। घटना देखकर परिवार और ग्रामीण गहरे सदमे में आ गए।



पुलिस ने निकाले शव

चंदेरी पुलिस ने चारों शव कुएं से बाहर निकलवाए। इसके लिए स्थानीय लोगों की सहायता भी ली गई। शवों को तत्काल चंदेरी सिविल अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित किया।



शाम को चारों बच्चों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया। आवश्यक प्रक्रिया के बाद शव परिवार को सौंप दिए गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। शुरुआती जानकारी में डूबने से मौत बताई गई है।



चंदेरी पुलिस जांच (Chanderi Police Investigation) कई बिंदुओं पर जारी है। पुलिस बच्चों के घर से निकलने का समय जांच रही है। उनके खेत तक पहुंचने का रास्ता भी देखा गया। ग्रामीणों और परिजनों से जानकारी जुटाई जा रही है।



फिलहाल किसी आपराधिक पहलू की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटना को हादसा मानकर प्रारंभिक जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने परिवार को आवश्यक सहायता देने की बात कही।



परिवार को मिलेगा मुआवजा

तहसीलदार ने परिवार को मुआवजा देने का ऐलान किया है। सहायता राशि निर्धारित सरकारी नियमों के अनुसार जारी होगी। इसके लिए जरूरी दस्तावेज प्रशासन द्वारा तैयार किए जाएंगे। पात्रता पूरी होने के बाद राशि परिवार को मिलेगी।



ये भी पढ़ें...

मध्‍य प्रदेश में बनी रहेगी ठंडक, 2 से 3 डिग्री की होगी गिरावट, जानें मौसम का हाल



रिश्वतखोरी में एमपी की महिलाएं भी पीछे नहीं, इंदौर के आंकड़े चौंकाने वाले



एमपी के IAS अफसरों की होगी परफॉर्मेंस जांच, काम कमजोर तो कलेक्टर का ट्रांसफर तय



एमपी में जुड़ीं 520 नई एमबीबीएस सीटें, देश में कुल सीटें 1.40 लाख के पार









Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • अशोकनगर
  • दर्दनाक हादसा
  • कुएं
  • बच्चों की मौत