आयुष्मान योजना के बदले नियम और पैकेज, देखें पूरी जानकारी

Kaushiki | May 30, 2026, 11:35 IST
Ayushman Bharat Scheme
मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नियम बदल गए हैं। सरकार ने बर्न केस, डायलिसिस और एक्सीडेंट मरीजों के लिए नया पैकेज सिस्टम लागू किया है। अब फर्जीवाड़ा रोकने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

Ayushman Bharat New Rules 2026: मध्य प्रदेश के आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब अस्पतालों में केवल कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा।



नए नियमों के तहत मरीजों के इलाज की पूरी डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। मरीज किस समय अस्पताल आया और उसकी हालत क्या थी, सब रिकॉर्ड होगा। इसके लिए अस्पतालों को डिजिटल डेटाबेस अपडेट रखना पड़ेगा। आइए इन नए नियमों को जानें



एक्सीडेंट होते ही पहले घंटे मिलेगा फ्री ट्रीटमेंट

ayushman bharat yojana:सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाने के लिए सरकार ने पहल की है। इसके लिए पहली बार विशेष गोल्डन ऑवर पैकेज को शामिल किया गया है। दुर्घटना के तुरंत बाद का समय बहुत कीमती होता है।



इस नए पैकेज में मरीज को तुरंत जरूरी मेडिकल सपोर्ट दिया जाएगा। इसमें ऑक्सीजन, आईवी फ्लूड और जरूरी ट्रॉमा मैनेजमेंट की सुविधा शामिल है। आपातकालीन स्थिति में शुरुआती जांचें भी इसके तहत फ्री की जाएंगी।



मरीज कितना प्रतिशत जला है, उस हिसाब से मिलेगा पैसा

आयुष्मान योजना की नई पॉलिसी: आदेश के मुताबिक, बर्न मरीजों के इलाज के लिए अब समान पैकेज नहीं होगा। मरीज के जलने की गंभीरता को देखकर ही अस्पताल को पेमेंट किया जाएगा। इसके लिए बर्न परसेंटेज का दायरा तय किया गया है।



अगर मरीज 25 से 40 प्रतिशत तक जला है तो 27 हजार 750 रुपए मिलेंगे। वहीं 60 से 80 प्रतिशत (मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग) जलने पर 67 हजार 200 रुपए का पैकेज मिलेगा। अस्पताल को मरीज की फोटो और इंजरी की जानकारी अपलोड करनी होगी।



डायलिसिस मरीजों के लिए थंब इंप्रेशन जरूरी

मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना: अस्पतालों में फर्जी क्लेम और गड़बड़ी रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब डायलिसिस कराने वाले मरीजों का बार-बार वेरिफिकेशन किया जाएगा। इलाज के दौरान मरीजों को थंब ऑथेंटिकेशन करना पड़ सकता है।



जिन मरीजों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं होंगे, उन्हें दूसरा विकल्प मिलेगा। ऐसे मामलों में फोटो बेस्ड लाइव वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका सीधा मकसद केवल असली हकदार मरीजों को लाभ पहुंचाना है।



ऑपरेशन की निगरानी के नए नियम

नई नीति में मेडिकल ट्रांसपोर्ट यानी एंबुलेंस के लिए भी बजट तय है। बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के लिए अस्पतालों को 500 रुपए मिलेंगे। एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के लिए 1000 रुपए का पैकेज है। इसके साथ ही सर्जरी के नियमों को भी बहुत कड़ा किया गया है।



अस्पतालों को ऑपरेशन थियेटर की फोटो और इम्प्लांट का बारकोड दिखाना होगा। मरीज के डिस्चार्ज की समरी भी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। नाकी की डटेल आप आधिकारिक आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन पोर्टल https://www.ayushmanup.in पर देख सकते हैं।



आयुष्मान भारत योजना के फायदे

  • ₹5 लाख का फ्री हेल्थ इंश्योरेंस: इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को हर साल ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। अस्पताल में भर्ती होने पर आपको जेब से एक भी पैसा नहीं देना पड़ता।
  • गंभीर बीमारियों का इलाज: इसमें कैंसर, हार्ट अटैक, किडनी की बीमारी और न्यूरो जैसी गंभीर और बड़ी बीमारियों का पूरा खर्च कवर होता है। साथ ही, पहले से मौजूद बीमारियां भी पहले दिन से ही कवर हो जाती हैं।
  • भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च: इस स्कीम में सिर्फ अस्पताल में भर्ती रहने का ही नहीं, बल्कि एडमिट होने से 3 दिन पहले तक की जांचें और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयों व डॉक्टरों की फीस का खर्च भी शामिल होता है।
  • देशभर के किसी भी अस्पताल में इलाज: इस कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप केवल अपने राज्य में ही नहीं, बल्कि देश के किसी भी लिस्टेड सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में जाकर अपना फ्री इलाज करा सकते हैं।
  • परिवार के साइज पर कोई लिमिट नहीं: इस योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या या उम्र का कोई बंधन नहीं है। परिवार के सभी छोटे-बड़े और बुजुर्ग सदस्य एक ही कार्ड के जरिए इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते हैं।

FAQ

  1. आयुष्मान भारत योजना के तहत नया गोल्डन ऑवर पैकेज क्या है?
    मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना और इमरजेंसी मरीजों के लिए पहली बार गोल्डन ऑवर पैकेज शुरू किया गया है। इसका मतलब है कि एक्सीडेंट के बाद के पहले बेहद कीमती घंटे में मरीज को तुरंत बिना किसी देरी के जीवन रक्षक इलाज मिलेगा। इस पैकेज में अस्पताल मरीज को ऑक्सीजन, आईवी फ्लूड, शुरुआती जरूरी लैब टेस्ट और ट्रॉमा मैनेजमेंट की सुविधाएं फ्री में दी जाएगी।
  2. न्यू आयुष्मान पैकेज रूल्स में बर्न मरीजों के इलाज के लिए क्या दरें तय की गई हैं?
    नए नियमों के मुताबिक, बर्न मरीजों के लिए अब एक समान फाइनेंसियल पैकेज नहीं होगा। अगर कोई मरीज 25% से 40% तक जला है, तो उसके इलाज के लिए 27 हजार 750 रुपए का पैकेज मिलेगा। यदि मरीज की स्थिति अधिक गंभीर है, तो अस्पताल को 67 हजार 200 रुपए तक का पैकेज दिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल को मरीज की लाइव फोटो और डिस्चार्ज समरी पोर्टल पर डालनी होगी।
  3. आयुष्मान योजना के नए नियमों में अस्पतालों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
    आयुष्मान योजना में फर्जी क्लेम को रोकने के लिए सरकार ने डिजिटल और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है। विशेष रूप से डायलिसिस कराने वाले मरीजों को अब इलाज के दौरान कई बार थंब ऑथेंटिकेशन देना होगा। इसके अलावा, अस्पतालों के लिए मरीजों के ऑपरेशन की लाइव तस्वीरें, सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले इम्प्लांट का असली बारकोड और डिस्चार्ज दस्तावेज ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है।

ये खबरें भी पढ़ें...



क्या है आयुष्मान भारत योजना, कौन-कौन उठा सकता है इसका लाभ



एमपी में आयुष्मान कार्ड फर्जीवाड़ा, पैसे देकर कोई भी बन रहा पात्र, एक ही आईडी पर 54 लोग दर्ज



क्या आयुष्मान कार्ड से हर बीमारी का फ्री ट्रीटमेंट होता है? देखें नए नियम



बुजुर्गों के लिए वरदान है आयुष्मान वय वंदना कार्ड, यहां से लें इस योजना के बारे में पूरी जानकारी



Tags:
  • आयुष्मान भारत योजना
  • मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना
  • मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग
  • ayushman bharat yojana
  • आयुष्मान भारत योजना के फायदे
  • आयुष्मान योजना की नई पॉलिसी