मां बगलामुखी मंदिर में नहीं हुई चंदा चोरी, कलेक्टर की समिति ने दी क्लीनचिट

Sandeep Kumar | Jul 16, 2026, 17:39 IST
बगलामुखी मंदिर दान विवाद में गड़बड़ी नहीं
आगर मालवा के मां बगलामुखी मंदिर की दान व्यवस्था चलाने वाली अशासकीय समिति की जांच में चढ़ावे में गड़बड़ी नहीं मिली है। फिर भी समिति हटाई गई। सोना-चांदी शासकीय समिति को सौंपा जाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • बगलामुखी माता मंदिर की दान व्यवस्था विवादों में रही।
  • कलेक्टर प्रीति यादव ने तीन सदस्यीय जांच कराई।
  • जांच में आर्थिक गड़बड़ी नहीं मिली है।
  • समिति के बैंक खाते और रिकॉर्ड जांचे गए।
  • समिति अब मंदिर परिसर में सक्रिय नहीं रहेगी।

दान व्यवस्था विवादों में

आगर के नलखेड़ा की मां बगलामुखी मंदिर की दान व्यवस्था विवादों में रही। एक अशासकीय समिति दान संग्रह करती थी। कलेक्टर प्रीति यादव ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। जांच में कोई आर्थिक गड़बड़ी नहीं मिली है। लेकिन समिति अब मंदिर परिसर में सक्रिय नहीं रह पाएगी।



जांच में क्या मिला

जांच टीम ने साफ किया कि समिति के हिसाब-किताब में गड़बड़ी नहीं है। लेकिन एक बड़ी बात सामने आई। मंदिर परिसर में इस तरह की अशासकीय समिति का संचालन नियम विरुद्ध पाया गया। यानी समिति का काम गलत नहीं था, पर तरीका सही नहीं था। इसी वजह से समिति को अब मंदिर में सक्रिय रहने की अनुमति नहीं मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि मंदिर जैसी जगह पर सिर्फ शासकीय व्यवस्था होनी चाहिए। निजी या अशासकीय समितियों को यहां जगह नहीं मिलनी चाहिए।



सोना-चांदी शासकीय समिति को

समिति के पास जमा पूरी नकद राशि अब शासकीय समिति को सौंपी जाएगी। इसके साथ 29 किलोग्राम चांदी भी सौंपी जाएगी। 105 ग्राम सोना भी इसमें शामिल है। यह सारी संपत्ति मंदिर की शासकीय प्रबंध समिति को मिलेगी। इसे सरकारी खाते और लॉकर में सुरक्षित रखा जाएगा। इससे मंदिर की संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड सरकार के पास रहेगा।



दान अब होगा पारदर्शी

प्रशासन ने अब दान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का फैसला किया है। मंदिर में आने वाले हर दान की निगरानी होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दान का पैसा सही जगह खर्च हो। यह पैसा सिर्फ मंदिर विकास और मां की सेवा में लगेगा। मंदिर प्रबंधन को साफ निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में कोई भी समानांतर व्यवस्था नहीं चलने दी जाएगी। इससे मंदिर का पूरा प्रबंधन एक ही व्यवस्था के तहत आएगा।



श्रद्धालु ऐसे रहें सतर्क

प्रशासन अब श्रद्धालुओं को भी जागरूक करेगा। बगलामुखी मंदिर (baglamukhi ) परिसर में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। श्रद्धालुओं को बताया जाएगा कि दान कहां देना सुरक्षित है। दान सिर्फ अधिकृत दान पात्र में ही डालें। या फिर मंदिर समिति कार्यालय से रसीद जरूर लें। मंदिर के कर्मचारियों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। वे श्रद्धालुओं को तुरंत रसीद देंगे। साथ ही पूरी व्यवस्था पर नजर भी रखेंगे। इससे दान देने वालों को भी भरोसा मिलेगा। उन्हें यकीन होगा कि पैसा सही जगह जा रहा है।



2024 में बनी थी समिति

जांच में यह भी सामने आया कि समिति साल 2024 में बनी थी। इस समिति ने मंदिर परिसर में रसीद काउंटर लगाए थे। वहां से नकद, सोना और चांदी इकट्ठा किया जाता था। समिति की रसीदों पर पंजीयन क्रमांक दर्ज होता था। बैंक खाते का विवरण भी रसीद पर लिखा रहता था। मोबाइल नंबर भी रसीद में शामिल था। इसी व्यवस्था को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की थी। करीब एक साल तक यह समिति सक्रिय रही।



कलेक्टर ने क्या कहा

कलेक्टर आईएएस प्रीति यादव ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उनके अनुसार जिले में काम करते हुए उन्हें एक खास मौका मिला है। यह मौका है मां बगलामुखी की सेवा करने का। उनकी कोशिश है कि मंदिर का विकास हो। साथ ही श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था भी मिले। उन्होंने साफ किया कि जांच में कोई वित्तीय गड़बड़ी नहीं मिली। लेकिन आगे से दान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। इससे श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होगा।



अब मंदिर की पूरी दान व्यवस्था शासकीय प्रबंध समिति के अधीन आएगी। प्रशासन का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी। श्रद्धालुओं का पैसा भी सुरक्षित रहेगा। आने वाले दिनों में मंदिर परिसर में नई व्यवस्था लागू होते दिख सकती है। इस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए रखेगा।



FAQ

  1. मां बगलामुखी मंदिर के दान में जांच क्यों हुई?
    मंदिर में एक अशासकीय समिति दान इकट्ठा करती थी। इसे लेकर शिकायतें मिली थीं। इसी वजह से कलेक्टर ने जांच टीम बनाई थी।
  2. सोना-चांदी और कैश का क्या होगा?
    समिति के पास जमा नकद राशि, 29 किलो चांदी और 105 ग्राम सोना शासकीय समिति को सौंपा जाएगा। इसे सरकारी खाते और लॉकर में रखा जाएगा।

ये भी पढ़ें...

मां बगलामुखी मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोप, कलेक्टर ने बैठाई जांच



भगवान विष्णु की तप से कैसे प्रकट हुईं मां बगलामुखी, एमपी में हैं माता के दो चमत्कारी मंदिर



मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नई गाइडलाइन, VIP दर्शन पर पूरी तरह रोक



मध्य प्रदेश में 10 जिलों का मास्टर प्लान इसी साल, बड़वानी का जारी





Tags:
  • आगर के नलखेड़ा की मां बगलामुखी
  • बगलामुखी मंदिर
  • आईएएस प्रीति यादव
  • baglamukhi
  • बगलामुखी माता मंदिर