आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचे सीएम मोहन यादव, परिजनों को दी दो-दो लाख की मदद
समझें क्या है पूरा मामला
- बैगा अंचल में ढाई महीने से बीमारी फैली है।
- सीएम मोहन यादव कोरका और बोनदारी गांव पहुंचे।
- मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
- मृत बच्चों के परिजनों को दो लाख मिलेंगे।
- मौत के आंकड़ों पर सरकार-विपक्ष में मतभेद है।
बालाघाट के बैगा अंचल में ढाई महीने से बीमारी फैली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ग्राम कोरका और बोनदारी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर हाल जाना। मृत बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए देने का ऐलान हुआ। मौत के आंकड़ों को लेकर सरकार और विपक्ष में मतभेद है।
पीड़ितों से सीधी बातचीत
मुख्यमंत्री ने बिरसा विकासखंड के दो गांवों का दौरा किया। इनमें कोरका और बोनदारी गांव शामिल हैं। ये दोनों गांव बैगा जनजाति बहुल हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के साथ बैठकर उनकी बात सुनी। उन्होंने बीमार बैगा आदिवासी परिवारों का हालचाल जाना। स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर भी चर्चा हुई।
ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसी दौरान बैगा बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
मृत बच्चों को 2 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री ने मृतक बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। यह घड़ी परिवारों के लिए बेहद कठिन रही है। राहत के तौर पर बड़ा ऐलान किया गया। हर मृतक बच्चे के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मिलेंगे। यह आर्थिक सहायता सीधे सरकार की ओर से दी जाएगी।
नक्सल प्रभाव से पिछड़ा इलाका
दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने इलाके के पिछड़ेपन पर बात की। उन्होंने कहा कि यह अंचल लंबे समय नक्सल प्रभावित रहा। इसी कारण यहां विकास कार्य पिछड़ गए। बुनियादी सुविधाएं लोगों तक ठीक से नहीं पहुंच सकीं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार अब गंभीरता से काम करेगी। स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और सुविधाओं पर फोकस रहेगा।
आंकड़ों पर गरमाई सियासत
बैगा अंचल में बच्चों की मौत के आंकड़े विवाद का विषय बने हैं। सरकार और विपक्ष के दावे अलग-अलग हैं। कांग्रेस का दावा है कि करीब 25 बच्चों की मौत हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने केवल 10 मौतों की पुष्टि की है। यह अंतर बड़ा सवाल खड़ा करता है। फिलहाल कई बच्चों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग अब भी बीमार बताए जा रहे हैं।
आगे क्या होगा
सरकार का दावा है कि राहत और इलाज तेज किया जाएगा। लेकिन असली आंकड़े कब स्पष्ट होंगे, यह अब भी साफ नहीं है। बैगा अंचल के लोगों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी है। समय पर इलाज और सही आंकड़े ही परिवारों को राहत दे सकते हैं।
FAQ
- बालाघाट के बैगा अंचल में क्या समस्या है?
पिछले ढाई महीने से इलाके में गंभीर बीमारी फैली है। कई बच्चों की मौत हो चुकी है। कई मरीजों का इलाज अभी जारी है। - सीएम ने पीड़ित परिवारों को क्या मदद दी?
मुख्यमंत्री ने मृत बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए देने का ऐलान किया। उन्होंने गांवों में जाकर परिवारों से सीधे बात भी की। - मौत के आंकड़ों पर विवाद क्यों है?
कांग्रेस का दावा है कि 25 बच्चों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने केवल 10 मौतों की पुष्टि की है। यही अंतर सियासी विवाद की वजह बना है।
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