शराबबंदी का विरोध कर रहे शराबी पति को पत्नी ने खंभे से बांध मुंह पर चिपकाई टेप
समझें क्या है पूरा मामला
- बालाघाट के बुढ़ी इलाके में शराब दुकान हटाने का आंदोलन चल रहा है।
- इसी दौरान एक महिला ने अपने पति को खंभे से बांध दिया।
- पति का नाम संजू चौधरी बताया जा रहा है।
- महिलाओं ने उनके मुंह पर टेप भी चिपका दी।
- बाद में पुलिस पहुंची और मामला शांत कराया गया।
कहां और कैसे हुई घटना
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बुढ़ी इलाके में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। यह घटना शराब दुकान हटाने के आंदोलन के दौरान हुई। आंदोलन में शामिल महिलाओं के बीच अचानक स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एक महिला ने अपने ही शराबीपति को सार्वजनिक रूप से खंभे से बांध दिया। यह नजारा देखकर वहां मौजूद बाकी लोग भी हैरान रह गए। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
कौन हैं संजू चौधरी
खंभे से बांधे गए व्यक्ति की पहचान संजू चौधरी के रूप में हुई है। उन्हें बांधने वाली महिला उनकी पत्नी हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक संजू चौधरी घटना के समय शराब के नशे में थे। पत्नी का आरोप है कि उनके पति लगातार शराब पीते रहते हैं। उनका कहना है कि नशे की वजह से घर में अक्सर विवाद होता रहता है। आंदोलन के दौरान भी संजू चौधरी ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसी वजह से वहां मौजूद महिलाएं भड़क गईं।
मुंह पर चिपकाई गई टेप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद धीरे धीरे बढ़ता गया। कुछ महिलाओं ने संजू चौधरी के मुंह पर टेप भी चिपका दी। इससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। काफी देर तक मौके पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। आसपास खड़े लोग भी इस घटना को देखकर हैरान रहे गए। कुछ लोगों ने इस दौरान बीच बचाव करने की कोशिश भी की। लेकिन गुस्साई महिलाओं को शांत करना आसान नहीं था।
पुलिस ने संभाली स्थिति
मामला बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बालाघाट पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सभी को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद संजू चौधरी को खंभे से मुक्त कराया गया। पुलिस की मौजूदगी में आंदोलन फिर से शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ा। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्यों चल रहा है आंदोलन
बुढ़ी क्षेत्र में महिलाओं का यह आंदोलन कोई नया मामला नहीं है। यहां की महिलाएं करीब 80 दिनों से धरना दे रही हैं। उनकी मुख्य मांग है कि इलाके की शराब दुकान को हटाया जाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि यह दुकान करीब 45 साल से चल रही है। उनका कहना है कि शराब की वजह से कई परिवार बिखर चुके हैं। महिलाओं के मुताबिक नशे की लत से घरेलू हिंसा की घटनाएं भी बढ़ी हैं। साथ ही परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। इन्हीं वजहों से महिलाओं ने दुकान बंद कराने की ठानी है।
महिलाओं का संकल्प
आंदोलन में शामिल महिलाओं ने साफ कहा है कि वे आसानी से पीछे नहीं हटेंगी। उनका कहना है कि जब तक दुकान को हटाया नहीं जाता, धरना जारी रहेगा। महिलाओं के मुताबिक यह लड़ाई सिर्फ एक दुकान की नहीं बल्कि उनके परिवारों के भविष्य की है। उनका कहना है कि नशे की वजह से बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इसी वजह से वे लगातार प्रशासन से गुहार लगा रही हैं।
घटना पर लोगों की मिली जुली राय
संजू चौधरी को खंभे से बांधे जाने की घटना पर इलाके में अलग अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोगों का मानना है कि महिलाओं का गुस्सा जायज था। वहीं कुछ लोग इस तरह के कदम को सही नहीं मानते। उनका कहना है कि किसी को सार्वजनिक रूप से बांधना और मुंह पर टेप लगाना गलत तरीका है। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी लोग अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
आगे क्या होगा
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि इस घटना को लेकर किसी पर कोई कानूनी कार्रवाई बनती है या नहीं। साथ ही प्रशासन की नजर शराब दुकान को लेकर चल रहे आंदोलन पर भी है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं की मांगों पर विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मसले पर कोई ठोस फैसला आ सकता है।
इस मामले में अभी जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति पर कानूनी तौर पर दोष सिद्ध होना अभी बाकी है। इसलिए घटना से जुड़े सभी पक्षों को निष्पक्ष नजरिए से देखा जाना चाहिए।
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