अब किसानों को नरवाई जलाना पड़ेगा भारी, सम्मान निधि और MSP दोनों से धोना पड़ेगा हाथ

Sourabh Bhatnagar | Apr 25, 2025, 08:54 IST
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाना न केवल वायु प्रदूषण को बढ़ाता है, बल्कि जमीन की उर्वरता भी नष्ट करता है। इसे लेकर सीएम ने एक बड़ा फैसला लिया है, जो 1 मई से लागू होगा ।

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। 1 मई 2025 से जो किसान खेतों में नरवाई जलाने (Stubble Burning) के दोषी पाए जाएंगे, उन्हें एमएसपी (MSP - Minimum Support Price) का लाभ नहीं मिलेगा और साथ ही वे सीएम किसान सम्मान निधि योजना (CM Kisan Samman Nidhi) के 6000 रुपए वार्षिक से भी वंचित रहेंगे।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह निर्णय राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया। सरकार का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और भूमि की उत्पादकता बचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।



नरवाई जलाने से होने वाला नुकसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाना बढ़ता जा रहा है। इससे न केवल वायु प्रदूषण (Air Pollution) फैलता है, बल्कि ज़मीन के पोषक तत्व (Nutrients) भी खत्म हो जाते हैं, जिससे खेती की उत्पादकता घटती है।



राज्य सरकार पहले ही नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगा चुकी है, लेकिन अब इसे अर्थिक दंड के साथ जोड़कर सख्ती से लागू किया जाएगा।



✅ MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर रोक


✅ 6000 रु. किसान सम्मान निधि से वंचित


✅ पर्यावरण और जमीन की सुरक्षा की पहल



सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटेगा

  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी ज़मीन, कुएं, बावड़ी, तालाब और सार्वजनिक रास्तों से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
  • जल गंगा संवर्धन अभियान (Jal Ganga Abhiyan) के तहत सभी जल स्रोतों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने और अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश दिए गए हैं।

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खबर का सार 5 प्वाइंट्स में

  1. MP में 1 मई से नरवाई जलाने पर किसान सम्मान निधि और MSP का लाभ नहीं मिलेगा।
  2. पर्यावरण बचाने और ज़मीन की उर्वरकता बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
  3. सभी तालाब, कुएं, अमृत सरोवरों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
  4. नामांतरण और बंटवारे के मामलों का तय समय में समाधान सुनिश्चित होगा।
  5. साइबर तहसील के जरिए 7 लाख से अधिक डिजिटल केस दर्ज और सुलझाए गए।

राजस्व मामलों का निपटारा तय समय पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नामांतरण (Mutation), बंटवारा (Partition) और अन्य राजस्व मामलों को तय समयसीमा में निपटाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों का नियमित निरीक्षण हो और लंबित मामलों की संख्या घटे।



साइबर तहसील: डिजिटल नवाचार की दिशा में मप्र

राज्य सरकार ने डिजिटल राजस्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए साइबर तहसील परियोजना (Cyber Tehsil Project) शुरू की थी। अब तक 80 लाख से अधिक प्रकरणों का निपटारा किया जा चुका है। इस नवाचार के लिए मध्यप्रदेश को "प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार" भी मिल चुका है।



मप्र की साइबर तहसील परियोजना (Cyber Tehsil Project) को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। अब तक इसके तीन चरण पूरे हो चुके हैं:



  • Cyber Tehsil 1.0: 1.56 लाख से अधिक प्रकरण निपटाए गए
  • Cyber Tehsil 2.0: 1.19 लाख से अधिक मामले हल
  • Cyber Tehsil 3.0: 7 लाख से ज्यादा प्रकरण दर्ज

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नरवाई जलाना क्यों है खतरनाक?

पर्यावरण को होता है भारी नुकसान

  • खेतों में फसल कटाई के बाद बचे अवशेष (नरवाई) जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है।
  • ज़मीन की उर्वरक क्षमता घटती है क्योंकि आग पोषक तत्वों को नष्ट कर देती है।
  • यह कार्बन उत्सर्जन बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन को तेज करता है।
असरविवरण
वायु प्रदूषणPM2.5 और PM10 की मात्रा बढ़ती है
मृदा गुणवत्तापोषक तत्व नष्ट होते हैं
स्वास्थ्यसांस संबंधी बीमारियां बढ़ती हैं
कानूनसरकार द्वारा प्रतिबंधित

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