बंधन बैंक घोटाला : मैनेजर ने ही दिया 3 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम, ऐसे किया कांड
MP News: पिछले कई दिनों से फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगने के मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ऐसा ठगी घोटाला सामने आया है, जिसमें असली बैंक अधिकारी ही ठगी में शामिल थे। बंधन बैंक का शाखा प्रबंधक ठगों के साथ मिलीभगत करता पाया गया। यह बैंक मैनेजर हर दिन 5000 रुपए की रिश्वत लेकर फर्जी बैंक खाते (Fake Bank Accounts) खोलता था और उनमें आई रकम तुरंत ठगों के अन्य खातों में ट्रांसफर करवा देता था।
रामकृष्ण मिशन के सचिव से 2.52 करोड़ की ठगी
किसकी क्या जिम्मेदारी
1- विश्वजीत बर्मन (46) रतलाम
पदः बंधन बैंक का प्रबंधक
भूमिकाः ठग उदयराज, तुषार के अवलोकन पर आधारित था।
2- काजल जैसवाल (27) उज्जैन,
पदः बैंक में कैशियर
भूमिकाः यह ठगों के खातों से रुपए निकालने व ट्रांसफर करती थी।
3- तुषार गोमे, (26) नागदा
भूमिकाः ठगी का मास्टर माइंड उदयराज का साथी है। 3 माह में बैंक के खातों से 3 करोड़ निकाल चुका है।
4- राहुल कहार, (22) चेतनपुरा
कामः सब्जी विक्रेता, इसके खाते में ही स्वामी से ठगे लगभग 10 लाख रुपए पहुंचे।
5- शुभम राठौर, (23)
भूमिकाः बैंक के ऑफिस ब्वॉय हिमांशु से मिलकर ठगों के लिए फर्जी खाते खोलता था। हिमांशु फरार है।
6- किशोर विवाह (19)
भूमिकाः ठगों के खातों से रुपए निकालने व ट्रांसफर करने की भूमिका निभाता था। यह सदस्य भी सक्रिय था।
रिमांड पर हैं सभी
जांच के दौरान पुलिस ने अभी तक बंधन बैंक घोटाला में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी को 5 दिन की रिमांड पर रखा गया है और उनसे SIT प्रभारी द्वारा पूछताछ की जा रही। बैंक प्रबंधन को इस बैंक घोटाला मामले की पूरी सूचना दे दी गई है।
ठगी की रकम का USDT में लेन-देन
इस घोटाले का मास्टरमाइंड उदयराज, फिलहाल फरार है। पुलिस के मुताबिक, वह ठगी की रकम को USDT (Tether cryptocurrency) में बदलकर विदेशों में भेजता है। यह घोटाला केवल बैंकिंग तक ही सीमित नहीं है। माना जा रहा है कि यह मामला क्रिप्टोकरेंसी मनी लॉन्ड्रिंग (Crypto Money Laundering) से भी जुड़ा हुआ हो सकता है।जिस राहुल नामक व्यक्ति के खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई, वह खाता मात्र एक माह पूर्व खोला गया था। उसमें ठगी से जुड़े 3-4 बड़े ट्रांजेक्शन दर्ज हुए हैं। पुलिस ने बैंक प्रबंधन से सभी संदिग्ध खातों की जानकारी मांगी है। ये भी पढ़ें: ग्वालियर रामकृष्ण आश्रम के सचिव को डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने ऐंठे 2.5 करोड़ रुपए
FAQ
- 1. बंधन बैंक का यह घोटाला क्या है?
बंधन बैंक के शाखा प्रबंधक और कर्मचारी ने फर्जी खाते खोलकर ठगों को ₹3 करोड़ की राशि पहुंचाई। यह ठगी तीन महीनों में हुई। - 2. रामकृष्ण मिशन के सचिव से कैसे हुई ठगी?
ठगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाता खुलवाया और उसमें ₹2.52 करोड़ ट्रांसफर करवा लिए, जो तुरंत दूसरे खातों में भेज दिए गए। - 3. USDT का क्या रोल है इस ठगी में?
ठगी का मास्टरमाइंड USDT क्रिप्टोकरेंसी में डील करता है और भारत से निकाली गई राशि को डिजिटल मुद्रा में बदलकर विदेशों में ट्रांसफर करता है।
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