बरगी डैम क्रूज हादसा: 7 महीने पहले की थी क्रूज में इंजन खराबी की शिकायत, विभाग ने किया नजरअंदाज
News In Short
- पायलट ने 7 माह पहले इंजन खराबी की दी थी सूचना।
- शिकायत करने वाले मैनेजर सुनील मरावी सस्पेंड हुए।
- लाइफ जैकेट कैबिन में सील पैक बंद मिली थीं।
- हाईकोर्ट में SIT जांच के लिए दूसरी याचिका दायर।
- जांच से पहले क्रूज तोड़े जाने की होगी जांच।
News In Detail
जबलपुर के बरगी बांध क्रूज हादसे (Bargi Dam Cruise Accident) में 13 लोगों की मौत के बाद पायलट महेश पटेल ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि क्रूज के इंजन में खराबी (Engine Fault) की सूचना 7 महीने पहले ही दी गई थी। इसके बावजूद विभाग ने अनदेखी की। अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) में SIT जांच की मांग के साथ दूसरी याचिका भी दायर हो गई है।
बरगी डैम में क्रूज हादसा
30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी बांध (Bargi Dam Jabalpur) में एक क्रूज हादसे ने सबको हिला दिया। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं।
यह हादसा तकनीकी लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी का नतीजा बताया जा रहा है। हादसे के बाद पूरे प्रदेश में सरकार और पर्यटन विभाग पर सवाल उठे हैं।
पायलट ने किया बड़ा खुलासा
क्रूज पायलट महेश पटेल (Cruise Pilot Mahesh Patel) ने कलेक्ट्रेट में बयान देते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि क्रूज के एक इंजन में खराबी (Engine Fault) थी। इसकी जानकारी उन्होंने अक्टूबर में ही मैनेजर को दे दी थी। इसके बाद मुख्यालय को भी पत्र लिखा गया था, लेकिन विभाग ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया।
मैं भागा नहीं, बह गया
महेश पटेल ने उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा गया कि वह क्रूज से कूदकर भाग गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई यात्रियों को बचाया। इसी दौरान पानी की तेज लहर क्रूज के अंदर आ गई और वह बह गए। उन्होंने सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा था, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी।
7 माह पहले लिखा था पत्र
मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर ने अक्टूबर में लिखित रूप में तकनीकी खामियों की सूचना दी थी। पत्र में बताया गया था कि एक इंजन धीमी गति से काम कर रहा था।
दूसरा इंजन स्टार्ट होने के बाद कभी भी बंद हो जाता था। यह पत्र पर्यटन विभाग के माध्यम से भोपाल के जल क्रीड़ा विभाग (Water Sports Department) के महाप्रबंधक को भेजा गया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायती मैनेजर सस्पेंड हुआ
पायलट का आरोप है कि चेतावनी के बावजूद फाइल दबा दी गई। शिकायत करने वाले मैनेजर सुनील मरावी को ही सस्पेंड कर दिया गया। पत्र की जानकारी लीक न हो, इसके लिए भी दबाव बनाया गया। यह प्रशासनिक लापरवाही (Administrative Negligence) का गंभीर उदाहरण है। हालांकि, मरावी ने बाद में ऐसे किसी पत्र से इनकार किया।
लाइफ जैकेट सील पैक मिली
हादसे के बाद सामने आई एक तस्वीर ने सबको चौंका दिया। क्रूज डूब रहा था और यात्री लाइफ जैकेट तलाश कर रहे थे। लाइफ जैकेट कैबिन में सील पैक बंद हालत में मिलीं। यह सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की खुली अनदेखी थी। इससे हादसे में मौतों की संख्या और बढ़ गई।
हाईकोर्ट में दूसरी याचिका
बरगी क्रूज हादसे (Bargi Cruise Accident) को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दूसरी याचिका दायर की गई है। जबलपुर की सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पक्षकार बनाया है। उन्होंने एसआईटी जांच (SIT Inquiry) की मांग की है। मांग है कि आईजी रैंक के अधिकारियों की टीम 60 दिनों में जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करे।
क्रूज तोड़े जाने की जांच होगी
भाजपा विधायक नीरज सिंह ने कहा कि जांच से पहले ही क्रूज को तोड़ दिया गया। यह अपने आप में संदिग्ध है। इसकी जांच कराई जाएगी कि किस अधिकारी के निर्देश पर क्रूज तुड़वाया गया। न्यायालय ने पुलिस को दो दिनों में एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है। क्रूज कैप्टन पर एफआईआर दर्ज होने की संभावना है।
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