भागीरथपुरा कांड की जांच रिपोर्ट होगी सार्वजनिक, हाईकोर्ट ने दी मंजूरी
इंदौर हाईकोर्ट ने भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौत के मामले में रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का आदेश दे दिया। संभवतः एक-दो दिन में यह वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगी। इस मामले में सोमवार को जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच में सुनवाई हुई।
इनके द्वारा की गई मांग
अधिवक्ता रितेश ईनानी के साथ ही अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल और अधिवक्ता मनीष यादव व अन्य द्वारा विविध याचिकाओं में इसकी मांग की गई। इसमें मुख्य याचिका पहले ईनानी द्वारा ही लगाई गई थी। सुनवाई में खंडेलवाल, मनीष यादव, शोभित गुप्ता ने तर्क रखे और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। इसे बेंच ने स्वीकार कर लिया।
रिपोर्ट देने की मांग
अधिवक्ता खंडेलवाल ने कहा कि रिपोर्ट के बिना आगे सुनवाई नहीं हो सकती है। हम पक्षकार का पक्ष नहीं रख पाएंगे। रिपोर्ट देने की मांग की गई। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट को स्कैन करके वेबसाइट पर ही अपलोड कर देते हैं। इससे सभी याचिकाकर्ता को कापी मिल जाएगी।
600 पन्नों की रिपोर्ट में यह है
'द सूत्र' पहले ही इस रिपोर्ट का खुलासा कर चुका है। जनवरी में हाईकोर्ट ने इसकी जांच के लिए रिटायर जस्टिस सुशील गुप्ता का कमीशन गठित किया था।
कमीशन द्वारा अगस्त में 600 पन्नों की रिपोर्ट दी थी। इसमें टेंडर कमेटी और कुछ अधिकारियों को इसमें देरी और लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना था। वहीं एमआईसी और महापौर को क्लीन चिट थी, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर रोक लगा दी थी, जिसे अब हटा लिया गया है।
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