भिंड में 40 दिन में पैसा डबल करने के जाल में फंसे 1 हजार से ज्यादा लोग, AuroraEx ने 13 अक्टूबर से रोका विड्रॉल सिस्टम
भिंड ऑरोराएक्स ठगी का मामला
दरअसल शुरुआत में सब कुछ ठीक-ठाक लगा, लेकिन अब निवेशकों के पैरों तले जमीन खिसक गई है। भिंड साइबर फ्रॉड (Bhind Cyber Fraud) के इस मामले में जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म से 13 अक्टूबर से पैसे निकालने (Withdrawal) पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जब लोगों ने अपने पैसे वापस मांगे तो कंपनी प्रबंधन ने सिस्टम मेंटेनेंस का बहाना बना दिया।
वहीं, अब कंपनी दावा कर रही है कि 22 अक्टूबर से लोग अपना पैसा निकाल सकेंगे। जबकि कंपनी के अंदरूनी कागजात इस पूरे मामले की असलियत और कथित फर्जीवाड़े पर सवाल खड़े कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि लोगों ने इस सिस्टम में करोड़ों रुपए निवेश कर दिए।
कैसे काम करता है AuroraEx का मायाजाल?
इस प्लेटफॉर्म ने लोगों को फंसाने के लिए एक बेहद सोची-समझी योजना बनाई थी। ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी के इस मामले में इसका पूरा तरीका कुछ इस प्रकार बताया जा रहा है...
प्ले स्टोर पर नहीं है ऐप: AuroraEx कोई सरकारी मान्यता प्राप्त या सर्टिफाइड ऐप नहीं है। यह गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर मिलता ही नहीं है। लोगों को इसे सीधे एक वेबसाइट के लिंक से डाउनलोड कराया जाता था।
पहचान पत्र लेकर बनाई आईडी: ऐप इंस्टॉल कराने के बाद लोगों से उनका मोबाइल नंबर, पहचान पत्र (ID Card) और पैन कार्ड (PAN Card) मांगकर उनकी प्रोफाइल बनाई जाती थी।
डॉलर में निवेश: इसके बाद निवेशकों से बायनेन्स ऐप का इस्तेमाल कराया जाता था, जहां भारतीय रुपयों को डॉलर में बदलकर इस प्लेटफॉर्म पर लगाया जाता था।
व्हाट्सएप ग्रुप से खेल: कंपनी व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए निवेशकों को निर्देश देती थी। साथ ही बताती थी कि कैसे उनका पैसा 40 दिनों के भीतर दोगुना हो जाएगा।
एआई ट्रेडिंग और चेन सिस्टम: लोगों को आकर्षित करने के लिए इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई ऑटो ट्रेडिंग का नाम दिया गया। साथ ही नए लोगों को जोड़ने पर 8 प्रतिशत कमीशन वाला रेफरल या चेन सिस्टम चलाया गया। इससे यह जाल तेजी से फैलता गया।
झारखंड के दुमका वाला पुराना पैंतरा भिंड में आजमाया गया
बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जहां निवेशकों का पैसा इस तरह फंसाया गया हो। ठीक इसी तरीके से झारखंड के दुमका जिले में भी खेल खेला गया था। वहां भी इसी AuroraEx प्लेटफॉर्म ने पहले लोगों को बड़ा मुनाफा दिखाया और फिर अचानक निकासी रोक दी।
दुमका में करीब 4 हजार से ज्यादा लोगों के पैसे इसी तरह अटकाए जा चुके हैं। वहां भी कंपनी ने निकासी रोककर बार-बार नई तारीखें देने का पुराना तरीका ही अपनाया था, जो अब भिंड में दोहराया जा रहा है।
शिकायत मिलते ही दर्ज होगी एफआईआर: पुलिस अधीक्षक
इस पूरे मामले पर भिंड पुलिस पूरी तरह नजर बनाए हुए है। भिंड के पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज वर्मा ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि...
यह मामला हमारे संज्ञान में आ चुका है। लोगों को सावधान करने के लिए हमने जागरूकता वीडियो भी जारी किए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पीड़ित की तरफ से थाने में कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं आई है। कोई भी पीड़ित सामने आकर अपनी शिकायत दर्ज कराता है, तो पुलिस तुरंत FIR दर्ज करेगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।