महाकाल लोक की तर्ज पर सरस्वती लोक: धार भोजशाला परिसर की हो रही ड्रोन से मैपिंग

Manya Jain | Jul 10, 2026, 19:40 IST
bhojshala dhareshwar saraswati lok survey
धार की ऐतिहासिक भोजशाला में सरस्वती लोक और 'धारेश्वर लोक' को मिलाकर भव्य कॉरिडोर बनेगा। हाईटेक ड्रोन से सर्वे शुरू हो गया है, जिसके बाद फाइनल डीपीआर तैयार की जाएगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • धार की ऐतिहासिक भोजशाला के विकास के लिए बड़ी प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है।
  • परिसर के कायाकल्प के लिए सरस्वती लोक परियोजना का खाका तैयार किया जा रहा है।
  • पूरे इलाके की सटीक मैपिंग के लिए हाईटेक ड्रोन कैमरों से सर्वे हो रहा है।
  • सरस्वती लोक और धारेश्वर लोक को आपस में एक कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा।
  • इस विस्तृत तकनीकी सर्वे के बाद प्रोजेक्ट की फाइनल डीपीआर तैयार की जाएगी।

धार जिले में स्थित ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की भोजशाला तथा धारेश्वर मंदिर परिसर के समग्र विकास की दिशा में प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से प्रस्तावित सरस्वती लोक परियोजना के लिए विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कराया जा रहा है।



कैसे हो रहा है सर्वे

इस सर्वे के आधार पर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, संरचनात्मक जरूरतों और विकास की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इसी आकलन के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार होगी।



सर्वेक्षण दल ने सबसे पहले धारेश्वर मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद भोजशाला परिसर का तकनीकी सर्वे किया गया। इस दौरान आधुनिक ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया, जिनसे पूरे क्षेत्र की मैपिंग हुई।



मकसद यह है कि स्थल की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन हो सके। सर्वेक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही भविष्य की विकास योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।



सरस्वती लोक और धारेश्वर लोक जुड़ेंगे

सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित योजना में सरस्वती लोक और धारेश्वर लोक को एक साथ जोड़कर एकीकृत धार्मिक और पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित करने पर भी विचार हो रहा है। अगर यह योजना पूरी होती है, तो धार धार्मिक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में उभर सकता है।



इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही जिले की पर्यटन गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।



डीपीआर के बाद शुरू होंगे काम

सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार होने के बाद विकास कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर (DPR – Detailed Project Report) बनाई जाएगी।



अगर योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से होता है, तो भोजशाला और धारेश्वर मंदिर परिसर को धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से भी एक नई पहचान मिल सकती है।



ये भी पढ़ें...



भोजशाला की सुरक्षा में बड़ी चूक! गर्भगृह में चुपके से रखी वाग्देवी की प्रतिमा



बीजेपी विधायक टी राजा ने भोजशाला में की आरती, बोले- अयोध्या के बाद दूसरी बड़ी जीत



हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली बार भोजशाला पहुंचे सीएम मोहन यादव



पहले अपने धार्मिक स्थल संभालिए, फिर वक्फ की बात करें: जमीयत



Tags:
  • धार
  • पर्यटन
  • DPR
  • भोजशाला
  • सरस्वती
  • धारेश्वर लोक