पैसे ले लिए लेकिन नहीं दिए प्लॉट, ऐसी 115 हाउसिंग सोसायटियों पर लगेगा ताला

Amresh Kushwaha | Jun 23, 2026, 12:15 IST
हाउसिंग सोसायटी की संपत्ति
भोपाल में सहकारिता विभाग 146 गृह निर्माण समितियों को भंग करेगा। पहले चरण में 115 समितियों का परिसमापन शुरू हो गया है। रजिस्ट्री करा चुके सदस्यों को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन प्लॉट के इंतजार में बैठे सदस्यों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल जिले में 579 गृह निर्माण समितियां हैं जो प्लॉट देती हैं।
  • सहकारिता विभाग इनमें से 146 समितियों को बंद करने वाला है।
  • पहले चरण में 115 समितियों की बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  • जिन सदस्यों की रजिस्ट्री हो चुकी है, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
  • जिन्होंने पैसा दिया लेकिन प्लॉट नहीं मिला, उनका भविष्य अधर में है।

भोपाल में बड़ा एक्शन

भोपाल जिले में 579 गृह निर्माण समितियां (Housing Cooperative Societies) काम कर रही हैं। इनमें से सहकारिता विभाग ने 146 समितियों का नाम अपनी सूची से गायब करने का फैसला किया है। इनका अस्तित्व खत्म कर इनकी बची हुई संपत्ति सहकारिता विभाग की निगरानी में ले ली जाएगी।



पहले चरण में 115 समितियों को बंद करने यानी परिसमापन (Liquidation) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग ने इन समितियों की सूची जारी की है और सात दिन के भीतर आपत्ति या दावे मांगे हैं।



क्यों बंद हो रही हैं समितियां?

ये समितियां लंबे समय से ठीक से काम नहीं कर रही थीं। इनमें से कई ने सदस्यों से पैसा लिया, लेकिन प्लॉट नहीं दिया। न ही इन्होंने सरकारी नियमों का पालन किया। सहकारिता विभाग के पास लंबे समय से इनकी शिकायतें आती रही हैं।



आपत्तियों का निराकरण करने के बाद विभाग अपने किसी अधिकारी को परिसमापक के रूप में नियुक्त करेगा। इसके बाद सहकारिता खुद एक लिक्विडेटर (Liquidator) समिति बनाएगी। यह समिति संपत्ति अपने कब्जे में लेगी। स्थानीय प्रशासन की मदद से बचे हुए सदस्यों को भुगतान करने की कोशिश की जाएगी।



रजिस्ट्री वालों को नुकसान नहीं

जिन सदस्यों ने प्लॉट लिया है और रजिस्ट्री (Property Registration) हो चुकी है, उन्हें इस पूरी प्रक्रिया से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनका प्लॉट पहले की तरह उनके नाम पर रहेगा।



दिक्कत उन सदस्यों को है जिन्होंने पैसा दिया है, लेकिन अभी तक प्लॉट का आवंटन (Allotment) नहीं हुआ है। ऐसे सदस्य समिति बंद होने के बाद प्लॉट के दावे के लिए समिति के दरवाजे तक नहीं जा पाएंगे। विभाग की कोशिश होगी कि लिक्विडेटर समिति की बची हुई संपत्ति से इन सदस्यों को उनका पैसा लौटाया जाए। हालांकि यह आसान नहीं होगा।



जिलाधिकारी का बयान

जिले के जिला उप आयुक्त आरएस विश्वकर्मा (RS Vishwakarma) ने इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी व्यक्ति के मृत होने पर उसका नाम हर जगह से हट जाता है। उसके सारे अधिकार और सुविधाएं बंद हो जाती हैं।



जिले में 150 समितियों में प्रशासक पहले ही नियुक्त हैं। अब इन 115 समितियों में परिसमापक नियुक्त होने के बाद जिले में सहकारी गृह निर्माण समितियों की संपत्ति पूरी तरह सहकारिता के पास आ जाएगी।



समिति बंद होने और प्रशासक नियुक्ति अलग प्रक्रिया

सहकारिता विभाग के जिला ऑडिटर सतीश बाथम का कहना है कि समिति बंद करना और प्रशासक नियुक्त करना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। समिति बंद होने के बाद उसका नाम सरकारी सूची से बाहर हो जाता है। इसके बाद उस समिति की कोई कानूनी पहचान नहीं रहती।



यही वजह है कि जो सदस्य अभी प्लॉट के इंतजार में हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपने दावे और दस्तावेज तैयार करने चाहिए। सात दिन की आपत्ति विंडो (Objection Window) बेहद जरूरी है।



FAQ

  1. भोपाल में कितनी हाउसिंग सोसायटी बंद होंगी?
    भोपाल जिले में कुल 579 गृह निर्माण समितियां काम कर रही हैं। इनमें से 146 समितियों को सहकारिता विभाग बंद करने वाला है।
  2. क्या हाउसिंग सोसायटी बंद होने से प्लॉट की रजिस्ट्री रद्द हो जाएगी?
    नहीं। जिन सदस्यों ने प्लॉट लिया है और उनकी रजिस्ट्री हो चुकी है, उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। उनके प्लॉट पर उनका मालिकाना हक पहले की तरह बना रहेगा।

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