भोपाल का 90 डिग्री ओवर ब्रिज अब होगा सेफ, PWD ने IIT भुवनेश्वर को सौंपी नई डिजाइन की कमान
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल का 90 डिग्री वाला ओवर ब्रिज पूरे प्रदेश में काफी चर्चा में रहा है।
- इस पुल की डिजाइन की खामियों को रोकने के लिए PWD ने एक बड़ा कदम उठाया है।
- पीडब्ल्यूडी ने इस ब्रिज की डिजाइन को पूरी तरह सुधारने का जिम्मा आईआईटी भुवनेश्वर को सौंपा है।
- एमपी के अन्य शहरों के पुलों को ठीक करने के लिए देश के 4 बड़े आईआईटी से कॉन्ट्रैक्ट किया गया है।
- आईआईटी की टीमें इन एलिवेटेड कॉरिडोर की कमियों को दूर करने के लिए काम कर रही हैं।
भोपाल के ऐशबाग में बने रेलवे ओवर ब्रिज के बारे में तो आपने जरूर ही सुना होगा। ये ब्रिज रातों-रात सोशल मीडिया से लेकर अखबारों की सुर्खियों में छा गया था।
इस पुल की सबसे बड़ी चर्चा इसकी डिजाइन को लेकर थी। इसे बिल्कुल एल-शेप यानी 90 डिग्री के सीधे कोण पर मोड़ दिया गया था। इस तीखे मोड़ की वजह से यहां से वाहनों का गुजरना किसी खतरे से कम नहीं लग रहा था।
अब इस मामले में एक बड़ा अपडेट आया है। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग अब इस बिगड़े हुए डिजाइन को पूरी तरह बदलने जा रहा है। इस काम में कोई कसर न रह जाए इसलिए विभाग ने देश के आईआईटी के एक्सपर्ट्स को मैदान में उतार दिया है।
4 बड़े आईआईटी संस्थानों के साथ समझौता
पीडब्ल्यूडी राज्य के रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवरों के प्रोजेक्ट्स को बिल्कुल सटीक बनाना चाहता है। इन्हें आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए देश के 4 IIT के साथ समझौता किया गया है।
- आईआईटी भुवनेश्वर
- आईआईटी दिल्ली
- आईआईटी मुंबई
- आईआईटी इंदौर
आईआईटी संस्थान कहां संभाल रहा कमान?
आईआईटी भुवनेश्वर
आईआईटी भुवनेश्वर को भोपाल के 90 डिग्री कोण वाले ब्रिज को सुधारने का पूरा जिम्मा दिया गया है। लोक निर्माण विभाग इस ब्रिज की एक नई और सुरक्षित डिजाइन तैयार करवा रहा है। इससे लोगों को मुड़ने में कोई परेशानी नहीं होगी।
आईआईटी इंदौर
इंदौर में एलआईजी चौराहे से लेकर नवलखा तक एक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड बनाई जा रही है। 6.2 किलोमीटर लंबे इस एलीवेटेड कॉरिडोर को लेकर भी कई गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई थीं।
अब इन सभी कमियों को दूर करने के लिए आईआईटी इंदौर की टीम इस पर काम कर रही है।
आईआईटी दिल्ली
आईआईटी दिल्ली के पास रीवा का एक प्रोजेक्ट और जबलपुर का एलीवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट है। टीम यहां के सर्वे का काम कर रही है। लगभग 500 करोड़ रुपए के इन तीनों प्रोजेक्ट्स का पहला सर्वे पूरा भी किया जा चुका है।
आईआईटी मुंबई और दिल्ली
इटारसी के सांवलखेड़ा में बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज में भी कुछ तकनीकी खामियां सामने आई थीं। इन कमियों को दूर करने के लिए आईआईटी मुंबई और दिल्ली के एक्सपर्ट्स साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर में फिर ब्रिज ब्लंडर: करोड़ों का पुल बनाया, लेकिन दो पिलर बनाना भूल गए ठेकेदार और इंजीनियर
PWD-रेलवे के बीच साल भर से उलझी ऐशबाग ROB की रि-डिजाइन
एमपी न्यूज: भोपाल का 90 डिग्री ब्रिज मामले में सस्पेंड हुए सभी सात इंजीनियर बहाल