भोपाल के बड़ा तालाब में बिना लाइसेंस के चल रही 50 से अधिक नाव, लोगों की सुरक्षा पर सवाल
News in Short
- बड़ा तालाब में 50 से अधिक निजी नावें बिना लाइसेंस चल रही हैं।
- नावों की सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।
- क्रूज डूबने के बाद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
- लाइफ जैकेट की स्थिति खराब और कुछ नावों में हैं ही नहीं।
- नगर निगम ने अस्थायी रोक लगाई थी, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई।
News in Detail
भोपाल के बड़े तालाब पर पर्यटकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां 50 से अधिक निजी नावें चल रही हैं, लेकिन नगर निगम के पास इनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। इन नावों के लिए लाइसेंस सालों से रिन्यू नहीं किए गए हैं। यह स्थिति सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है, क्योंकि लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति भी बेहद खराब है।
क्रूज डूबने के बाद भी प्रशासन बेपरवाह
बरगी डैम में क्रूज डूबने की घटना के बाद से बड़े तालाब की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नावों का संचालन बिना लाइसेंस के जारी है, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। नगर निगम के पास इन नावों के संचालन की कोई जानकारी नहीं है, और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।
बिना रिकॉर्ड के नावों का संचालन
भोपाल बोट क्लब और शीतलदास की बगिया पर कई निजी नावें नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि पिछले कई सालों से किसी भी निजी नाविक ने अपना लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया है। नगर निगम के पास भी इन नावों का कोई अद्यतन रिकॉर्ड नहीं है।
नावों के संचालन पर अस्थायी रोक
बरगी डैम हादसा के बाद, नगर निगम ने बड़े तालाब में चलने वाली निजी नावों के संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इसके बाद नावों को किनारे खड़ा कर दिया गया, लेकिन नगर निगम ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। न तो किसी नाविक के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई और न ही सुरक्षा मानकों को लागू किया गया। इसके परिणामस्वरूप, पर्यटक मायूस होकर लौट गए क्योंकि बोट क्लब में बोटिंग का आनंद नहीं ले पा रहे थे।
कई नावों में लाइफ जैकेट नहीं
निजी नावों के सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और भी चिंताजनक है। कई नावों में लाइफ जैकेट नहीं हैं, और जो हैं भी, वे सालों पुराने और खराब हालत में हैं। लाइफ जैकेट के बेल्ट टूट चुके हैं, जिससे उनका उपयोग आपातकाल में भी संभव नहीं हो पाता। इसके बावजूद पर्यटकों को बिना सुरक्षा के नाव में बैठाया जा रहा है। यह स्थिति किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का संकेत देती है।
क्या कहते हैं नगर निगम के जिम्मेदार
झील संरक्षण प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रमोद मालवीय ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "बड़े तालाब में नाव चलाने के लिए किसी ने भी लाइसेंस नहीं दिया है। इसलिए तालाब में नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। यदि जल्द ही लाइसेंस रिन्यू नहीं कराए जाते, तो नावों की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
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