भोपाल में Uber का किराया बढ़ा, एयरपोर्ट राइड 100 रुपए महंगी
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल में उबर ने किराया बढ़ाया।
- एयरपोर्ट राइड अब 120-150 रुपए।
- पहले किराया 50-60 रुपए था।
- 10 साल बाद किराया में बदलाव।
- ओला और रैपिडो भी बढ़ा सकते हैं।
भोपाल में कैब किराया क्यों बढ़ा
भोपाल में कैब चालकों की मुश्किलें लंबे समय से बढ़ रही थीं। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (CNG – Compressed Natural Gas) की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। इसके बावजूद कैब कंपनियों ने वर्षों से किराए में कोई बदलाव नहीं किया था।
भोपाल टैक्सी चालक संघ ने इसी के खिलाफ कंपनियों पर दबाव बनाया। संघ के इस कदम के बाद उबर ने एयरपोर्ट राइड में बदलाव किया। अब ओला और रैपिडो भी जल्द फैसला लेने की तैयारी में हैं।
एयरपोर्ट राइड पर कितना बढ़ा किराया
उबर की एयरपोर्ट राइड में बढ़ोतरी साफ दिख रही है। पहले जहां न्यूनतम किराया 50 से 60 रुपए था, अब वह 120 से 150 रुपए हो गया है। यह करीब 100 फीसदी की बढ़ोतरी है।
एयरपोर्ट से डीबी मॉल तक छोटी कैटेगरी की कैब पहले 220 से 230 रुपए में मिलती थी। अब यही राइड 270 से 280 रुपए तक पहुंच रही है।
एयरपोर्ट से अवधपुरी जाने का पुराना किराया करीब 350 रुपए था। यह दूरी करीब 24 किलोमीटर है। अब इस राइड के लिए 440 से 450 रुपए देने होंगे। प्रीमियम कैटेगरी की राइड में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
ओला और रैपिडो ने क्या कहा
भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले के अनुसार उबर ने एयरपोर्ट राइड में बदलाव कर दिया है। सिटी राइड के किराए पर अभी काम बाकी है। ओला और रैपिडो दोनों ने चर्चा के बाद जल्द किराया बढ़ाने का भरोसा दिया है।
रैपिडो के अधिकारियों ने 25 जून तक का समय माँगा है। उन्होंने ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया है।
सिटी राइड पर अभी फैसला बाकी
शहर के अंदर की राइड यानी सिटी राइड के किराए में अभी पूरा बदलाव नहीं आया है। कंपनियों ने न्यूनतम किराया 120 रुपए करने की बात कही है। लेकिन यह अभी ऐप पर पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।
संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि यह बढ़ोतरी राहत देने वाली जरूर है। लेकिन अभी भी यह पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। राज्य सरकार की तय दरों के मुकाबले किराया अभी भी कम है।
25 जून तक नहीं माने तो बहिष्कार
भोपाल टैक्सी चालक संघ ने सभी कंपनियों को 25 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। इस तारीख तक उचित किराया लागू नहीं हुआ तो भोपाल की सभी यूनियन और संगठन एकजुट हो जाएंगे।
संघ ने चेतावनी दी है कि कंपनियों का शहरभर में बहिष्कार किया जाएगा। इसके लिए शहर की सभी टैक्सी और ऑटो यूनियनों की बैठक बुलाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो कैब सेवाएं बंद करने और बड़े विरोध प्रदर्शन जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
10 साल बाद क्यों उठा यह मुद्दा
ड्राइवरों की आजीविका पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। ईंधन महंगा होता गया लेकिन किराया नहीं बढ़ा। इस वजह से चालक घाटे में काम करने को मजबूर थे। संघ का कहना है कि कंपनियों ने अब तक सिर्फ आंशिक राहत दी है। पूरी माँगें मानी जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
FAQ
- भोपाल में उबर का किराया कितना बढ़ा?
उबर की एयरपोर्ट राइड का न्यूनतम किराया 50-60 रुपए से बढ़कर 120-150 रुपए हो गया है। छोटी कैटेगरी की राइड में 20-25 फीसदी और प्रीमियम राइड में 25-30 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव करीब 10 साल बाद हुआ है। - क्या ओला और रैपिडो भी किराया बढ़ाएंगे?
ओला और रैपिडो दोनों ने जल्द किराया बढ़ाने का आश्वासन दिया है। रैपिडो ने 25 जून तक का समय माँगा है। भोपाल टैक्सी चालक संघ के साथ चर्चा के बाद यह सहमति बनी है।
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